फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   puja over responsibility over eight ponds dirty eight sanitation workers were on duty problem persists

पूजा खत्म-जिम्मेदारी खत्म: आठ से ज्यादा तालाब-पोखरों में गंदगी, 8 सफाईकर्मियों की लगी थी ड्यूटी; फिर भी समस्या

Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।
अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली। Published by: Aman Vishwakarma Updated Mon, 05 Oct 2026 01:58 AM IST
सार

पीडीडीयू नगर में जीवित्पुत्रिका पर्व के दूसरे दिन भी आठ से अधिक तालाब-पोखरों में गंदगी पसरी मिली। दो प्रमुख पोखरों की सफाई के लिए आठ सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी, बावजूद इसके गंदगी नहीं हटी। अमर उजाला की टीम ने शाम पांच बजे पड़ताल की तो कई जगह पूजा सामग्री और कचरा बिखरा मिला।

विज्ञापन
puja over responsibility over eight ponds dirty eight sanitation workers were on duty problem persists
रविवार की शाम कूड़े से पटा दिखा दामोदर दास पोखरा। - फोटो : संवाद

विस्तार

जीवित्पुत्रिका व्रत के लिए सजाए गए जिले के तालाब और पोखरे पर्व बीतते ही गंदगी से पट गए। पूजा और स्नान के लिए घाटों पर उमड़ी भीड़ के लौटने के दूसरे दिन रविवार को भी अधिकांश जलाशयों की सफाई नहीं कराई गई। इससे घाटों पर पूजा सामग्री, फूल-माला, पत्ते, प्लास्टिक और अन्य कचरा बिखरा पड़ा रहा। कई जगह यह गंदगी पानी तक पहुंच गई। पीडीडीयू नगर के दो प्रमुख जलाशयों दामोदरदास पोखरा और मानसरोवर तालाब की सफाई के लिए नगर पालिका ने चार-चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी, इसके बावजूद रविवार शाम 5 बजे तक घाटों पर सफाई होती नहीं दिखी।

विज्ञापन




जिउतिया पर्व पर जिलेभर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने तालाब, पोखरों और गंगा घाटों पर स्नान और पूजा-अर्चना की। पर्व को देखते हुए नगर पालिका और स्थानीय स्तर पर सफाई की तैयारी के दावे किए गए थे। लेकिन पर्व समाप्त होने के बाद जलाशयों की स्थिति ने इन तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। पीडीडीयू नगर के दामोदरदास पोखरा और मानसरोवर तालाब से लेकर बलुआ गंगा घाट, इलिया के रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर, सकलडीहा के कालेश्वरनाथ पोखरा, धानापुर और सैयदराजा के पोखरों तक कई जगह गंदगी पसरी रही।

विज्ञापन

केस 1  चार सफाईकर्मी, फिर भी गंदगी
पीडीडीयू नगर का प्रमुख दामोदरदास पोखरा पर जिउतिया पर्व के दौरान पांच हजार से अधिक महिलाएं स्नान और पूजा के लिए पहुंची थीं। पर्व के बाद होने वाली सफाई के लिए चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके बावजूद रविवार शाम पांच बजे तक घाटों की सीढ़ियों से लेकर पोखरे के पानी तक पूजा सामग्री और कचरा दिखाई दिया। पानी में फूल-माला और अन्य अवशेष तैरते मिले।

 

विज्ञापन

केस 2- 10 हजार महिलाएं आईं, कचरा नहीं हटा
पीडीडीयू नगर के सबसे बड़े मानसरोवर तालाब में शनिवार को 10 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान और पूजा की थी। नगर पालिका ने यहां भी चार सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। बावजूद इसके रविवार शाम चार बजे तक घाटों की सीढ़ियों और पानी में गंदगी दिखाई दी। रेलवे के अधीन आने वाले इस तालाब की सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है।

विज्ञापन

केस 3- अमृत सरोवर में जा रहा गंदा पानी
इलिया कस्बे में रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली मिली। सरोवर के पास बने सामुदायिक शौचालय की टंकी पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ओवरफ्लो हो रही थी। टंकी से निकलने वाला गंदा पानी और मलबा सीधे अमृत सरोवर में जाता दिखाई दिया। सरोवर के आसपास भी कूड़ा बिखरा मिला।

केस 4- 50 हजार श्रद्धालुओं के बाद भी नहीं हुई सफाई
बलुआ गंगा घाट पर जिउतिया पर्व में 50 हजार से अधिक महिलाओं ने स्नान-पूजन किया। अगले दिन घाट पर फूल-माला, कागज और प्लास्टिक का कचरा गंगा किनारे और पानी में बिखरा मिला। सकलडीहा के कालेश्वरनाथ पोखरा, बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव, धानापुर और सैयदराजा के पोखरों पर भी पर्व के बाद गंदगी पसरी रही। पूजा सामग्री और कचरा हटाने के लिए प्रभावी सफाई अभियान नहीं चलाया गया।

जिले के प्रमुख जलाशय जहां फैली मिली गंदगी

  • दामोदरदास पोखरा, पीडीडीयू नगर
  • मानसरोवर तालाब, पीडीडीयू नगर
  • रानी लक्ष्मीबाई अमृत सरोवर, इलिया
  • बलुआ गंगा घाट, चहनिया
  • कालेश्वरनाथ पोखरा, सकलडीहा
  • धानापुर का पोखरा
  • सैयदराजा का पोखरा
  • बाबा अवधूत भगवान राम घाट पड़ाव

puja over responsibility over eight ponds dirty eight sanitation workers were on duty problem persists
स्थानीय लोगों ने बताईं समस्या। - फोटो : संवाद

जिउतिया पर्व के बाद मानसरोवर तालाब में व्रती महिलाओं की ओर से छोड़े गए फूल-माला और पूजा सामग्री के अवशेष पड़े हैं। समय से सफाई नहीं होने के कारण तालाब में गंदगी बढ़ती जा रही है। - रघुनाथ, अवकाश प्राप्त रेलकर्मी

पर्व के बाद तालाब पर पूजा सामग्री के अवशेष बिखरे हैं। सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने के बावजूद गंदगी नहीं हटाई गई। जिम्मेदारों को तत्काल सफाई करानी चाहिए। - प्रवीन यादव, कुढ़कला

मानसरोवर तालाब पूरे नगर की सुंदरता बढ़ाता है, लेकिन यहां अक्सर गंदगी पसरी रहती है। जिउतिया पर्व को लेकर विशेष सफाई अभियान चलाया गया था, फिर भी पर्व के बाद तालाब की स्थिति बदहाल है। - विजय शंकर, लोको पायलट

दामोदरदास पोखरे पर पर्व के बाद सफाई नहीं होने से घाट से लेकर पानी तक गंदगी फैली है। पूजा सामग्री के अवशेष सड़ने से पानी दूषित होने का खतरा है। जल्द सफाई कराई जानी चाहिए। - राजकुमार यादव, अमोघपुर

पीडीडीयू नगर के मानसरोवर तालाब और दामोदर दास पोखरे की सफाई के लिए 4-4 सफाईकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अगर सफाई नहीं हुई है तो उसे जल्द से जल्द करा दिया जाएगा। - धर्मराज सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद पीडीडीयू नगर

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed