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Balrampur News: गेहूं खरीद में फिर 21.42 लाख का गबन, एक ही सचिव पर दो मामलों में रिपोर्ट दर्ज
Sun, 13 Sep 2026 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 11:10 PM IST
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फोटो-5-बलरामपुर के गैसड़ी में गोदाम का निरीक्षण करती अधिकारियों की टीम ।-स्रोत: विभाग
बलरामपुर। जिले में गेहूं खरीद के दौरान सरकारी स्टॉक गायब होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 11 सितंबर को तुलसीपुर क्षेत्र के नचौरा-नचौरी और कौवापुर केंद्रों पर 228.764 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिलने और 59.59 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया था। इसके अगले दिन, 12 सितंबर को पचपेड़वा क्षेत्र के भगवानपुर खादर गेहूं क्रय केंद्र पर भी 82.240 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक गायब मिला। इसकी खरीद कीमत 21 लाख 42 हजार 352 रुपये आंकी गई है। मामले में जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला की तहरीर पर केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह को शनिवार को ही जेल भेजा जा चुका है।
12 सितंबर को जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त जांच टीम सहकारी संघ पचपेड़वा के भगवानपुर खादर स्थित गेहूं क्रय केंद्र के गोदाम पहुंची। जांच के दौरान केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह मौके पर नहीं मिले।
ऑनलाइन अभिलेखों के अनुसार, केंद्र पर विपणन वर्ष 2026-27 में कुल 1294.500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इसमें से 1212.260 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को संप्रदान किया जा चुका था। इस हिसाब से 82.240 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई को भेजा जाना शेष था। जांच टीम ने जब गोदाम का भौतिक सत्यापन किया तो वहां गेहूं का स्टॉक शून्य मिला।
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जांच आख्या के आधार पर पीसीएफ जिला प्रबंधक ने केंद्र प्रभारी और प्रभारी सचिव पर सरकारी गेहूं के गबन का आरोप लगाया है। गायब गेहूं का क्रय मूल्य 21 लाख 42 हजार 352 रुपये बताया गया है। जिला प्रबंधक की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सचिव पर दो मामलों में आरोप
भगवानपुर खादर मामले में आरोपी बनाए गए प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ एक दिन पहले सामने आए नचौरा-नचौरी केंद्र के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वहां 67.111 मीट्रिक टन गेहूं नहीं मिला था। वहीं, कौवापुर केंद्र पर 161.653 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला था। दोनों मामलों में कुल 228.764 मीट्रिक टन गेहूं की कीमत 59,59,302.20 रुपये आंकी गई थी।
इस तरह जिले के तीन गेहूं क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 310.999 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक गायब मिला है। इसकी कुल खरीद कीमत करीब 81.01 लाख रुपये बताई गई है।
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12 सितंबर को जिला प्रबंधक पीसीएफ अश्वनी शुक्ला, जिला खाद्य विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी तुलसीपुर देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त जांच टीम सहकारी संघ पचपेड़वा के भगवानपुर खादर स्थित गेहूं क्रय केंद्र के गोदाम पहुंची। जांच के दौरान केंद्र प्रभारी आदर्श सिंह और प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह मौके पर नहीं मिले।
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ऑनलाइन अभिलेखों के अनुसार, केंद्र पर विपणन वर्ष 2026-27 में कुल 1294.500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इसमें से 1212.260 मीट्रिक टन गेहूं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को संप्रदान किया जा चुका था। इस हिसाब से 82.240 मीट्रिक टन गेहूं एफसीआई को भेजा जाना शेष था। जांच टीम ने जब गोदाम का भौतिक सत्यापन किया तो वहां गेहूं का स्टॉक शून्य मिला।
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जांच आख्या के आधार पर पीसीएफ जिला प्रबंधक ने केंद्र प्रभारी और प्रभारी सचिव पर सरकारी गेहूं के गबन का आरोप लगाया है। गायब गेहूं का क्रय मूल्य 21 लाख 42 हजार 352 रुपये बताया गया है। जिला प्रबंधक की तहरीर पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सचिव पर दो मामलों में आरोप
भगवानपुर खादर मामले में आरोपी बनाए गए प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह के खिलाफ एक दिन पहले सामने आए नचौरा-नचौरी केंद्र के मामले में भी रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। वहां 67.111 मीट्रिक टन गेहूं नहीं मिला था। वहीं, कौवापुर केंद्र पर 161.653 मीट्रिक टन गेहूं गायब मिला था। दोनों मामलों में कुल 228.764 मीट्रिक टन गेहूं की कीमत 59,59,302.20 रुपये आंकी गई थी।
इस तरह जिले के तीन गेहूं क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 310.999 मीट्रिक टन गेहूं का स्टॉक गायब मिला है। इसकी कुल खरीद कीमत करीब 81.01 लाख रुपये बताई गई है।