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प्रयागराज : मूर्ति विसर्जन के दौरान नदी में डूबने से चाचा-भतीजे की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

Wed, 21 Oct 2026 10:40 AM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी कौंधियारा (प्रयागराज)
संवाद न्यूज एजेंसी कौंधियारा (प्रयागराज) Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 21 Oct 2026 10:40 AM IST
सार

टोंस नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। हादसा मंगलवार सुबह पाटलेश्वर मंदिर के पास हुआ। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव नदी से बाहर निकाले।

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Uncle and nephew drown in river during idol immersion; questions raised over safety arrangements
कौंधियारा में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान टोंस नदी में चाचा-भतीजे डूब गए। - फोटो : संवाद।

विस्तार

टोंस नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। हादसा मंगलवार सुबह पाटलेश्वर मंदिर के पास हुआ। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने दोनों के शव नदी से बाहर निकाले। घटना से दीवान का पूरा गांव शोक में डूब गया। वहीं, परिजनों और ग्रामीणों ने विसर्जन स्थल पर पुलिस की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों की कमी को हादसे की वजह बताया है।

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जानकारी के अनुसार, दीवान का पूरा गांव निवासी राहुल पांडेय (20) और अमित कुमार पांडेय (22) मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मूर्ति विसर्जन के लिए टोंस नदी पहुंचे थे। इस दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान चलाया। करीब चार घंटे बाद दोनों के शव बरामद हुए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। राहुल 12वीं का छात्र था, जबकि अमित स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुका था। दोनों के पिता खेती-किसानी करते हैं। एक ही परिवार के दो युवकों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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पुलिस की तैनाती नहीं होने का आरोप

परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान मौके पर पुलिस फोर्स तैनात नहीं थी और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी। उनका कहना है कि समय पर पुलिसकर्मी मौजूद होते और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए होते तो हादसा टल सकता था। वहीं, थानाध्यक्ष अनिल पांडेय ने बताया कि उक्त स्थान पर मूर्ति विसर्जन प्रतिबंधित था। प्रशासन की ओर से निर्धारित स्थलों पर ही विसर्जन के निर्देश दिए गए थे।
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पांच लाख रुपये का मिलेगा मुआवजा

एसडीएम करछना संदीप तिवारी ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों के परिजनों को दैवीय आपदा के तहत पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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