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आगरा न्यूज: इंजेक्शन लगते ही बिगड़ गई दिमागी हालत, आगरा के निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप; जानें पूरा मामला

Mon, 07 Sep 2026 09:40 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Mon, 07 Sep 2026 09:40 AM IST
सार

आगरा के एक निजी अस्पताल में मरीज के पेट से निकाले गए फ्लूड को नर्स द्वारा इंजेक्शन में लगने का परिजन ने आरोप लगाया है। परिजनों का दावा है कि इसके बाद मरीज की मानसिक स्थिति बिगड़ गई, जबकि अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
 

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Patient’s Family Alleges Injection of Fluid Removed from Abdomen, Claims Mental Condition Worsened
अस्पताल सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

आगरा के थाना हरीपर्वत क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजन ने नर्स और प्रबंधन के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है। आरोप लगाया है कि चिकित्सक ने जांच के लिए मरीज के पेट से फ्लूड (तरल पदार्थ) निकाला और कुछ देर बाद आई नर्स ने उसी फ्लूड का इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद से पति की मानसिक स्थिति खराब हो गई है। पुलिस ने मामले की सीएमओ से जांच रिपोर्ट मांगी है।
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महिला ने पुलिस को बताया कि उनके पति को लीवर की परेशानी है। चिकित्सक की सलाह पर उन्होंने पति को घटिया चौकी क्षेत्र के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार को अस्पताल के चिकित्सक ने पति की जांच के लिए पेट से फ्लूड निकाला। आरोप है कि कुछ देर बाद आई नर्स ने बेंच पर रखे फ्लूड को इंजेक्शन में भरकर लगा दिया। इसके बाद पति की तबीयत खराब हो गई। उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई और वह अनाप-शनाप बातें करने लगे।
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प्रबंधन से शिकायत की गई तो वहां सीसीटीवी नहीं दिखाए गए और गलती होने से साफ मना कर दिया। पीड़िता ने कार्रवाई की मांग कर हरीपर्वत पुलिस को तहरीर दी है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि मामले में सीएमओ कार्यालय से जांच कर रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पार्क इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के सीईओ प्रशांत बजाज ने बताया कि मरीज से निकाले गए फ्लूड को किसी भी स्टाफ ने नहीं लगाया है। मरीज के परिजनों का आरोप पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद है। कुछ लोग अस्पताल की छवि खराब करने की साजिश कर रहे हैं।
 
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