फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   GST Fraud Exposed Fake Jharkhand Papers Used to Send 12 Tonnes of Scrap from Agra to Aligarh

यूपी: जीएसटी से बचने के लिए व्यापारी ने निकाला ऐसा तरीका, अधिकारी रह गए हैरान; तीन फर्म पर प्राथमिकी दर्ज

Fri, 18 Sep 2026 09:57 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Fri, 18 Sep 2026 09:57 AM IST
सार

आगरा में बिना ई-वे बिल 12 टन स्क्रैप अलीगढ़ ले जा रहे ट्रक को जांच टीम ने पकड़ा। झारखंड के फर्जी दस्तावेज दिखाकर माल की खरीद और परिवहन की गलत जानकारी देने का खुलासा हुआ। जांच में संबंधित फर्म के पास स्टॉक और खरीद का रिकॉर्ड नहीं मिला। मामले में तीन फर्म समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

विज्ञापन
GST Fraud Exposed Fake Jharkhand Papers Used to Send 12 Tonnes of Scrap from Agra to Aligarh
जीएसटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जीएसटी चोरी के बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। बिना ईवे बिल के आगरा से अलीगढ़ माल ले जा रहे ट्रक को टीम ने पकड़ा। जांच में बिल और बिल्टी के फर्जी होने का पता चला। झारखंड के प्रपत्र दिखाकर टीम को गुमराह किया गया। फर्जी तरीके से खरीद फरोख्त को दर्शाया गया। मामले में तीन फर्म सहित पांच के खिलाफ थाना नाई की मंडी में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विज्ञापन



 

सहायक आयुक्त, राज्य कर सचल दल वीरेंद्र लाल ने डीसीपी सिटी से शिकायत की। उन्होंने बताया कि 18 अगस्त की रात 11:35 बजे एक ट्रक को रामबाग चाैराहे पर रोका। इसमें 12 मीट्रिक टन स्क्रैप लदा था। चालक हाथरस निवासी सलमान ने झारखंड की फर्जी बिल्टी दिखा अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की। वह माल को आगरा से अलीगढ़ ले जा रहा है जबकि गाजियाबाद की तनिष्क ट्रांसपोर्ट कंपनी ने माल बुक कराया था। माल का परिवहन दुमका से अलीगढ़ दर्शाया गया। झारखंड की जय माता दी ट्रेडर्स की ओर से अलीगढ़ की बालाजी एंटरप्राइजेज फर्म को जारी इनवाइस दिखाई। चालक ने शपथ दिया कि वह माल को आगरा से अलीगढ़ ले जा रहा था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

इस माल के लिए ईवे बिल जारी नहीं किया गया था जबकि 50 हजार से अधिक कीमत पर ईवे बिल जारी करना अनिवार्य है। इसके साथ ही माल आगरा से लोड हुआ जबकि दस्तावेज अन्य जगह से माल की लोडिंग के दस्तावेज दिखाए गए। माल की कीमत 216383 दिखाई गई। इसके बावजूद ई वे बिल जारी नहीं किया। झारखंड से टैक्स इनवाइस जारी कर अधिकारियों को भ्रमित करना चाहते थे। वाहन के मूवमेंट की जांच में पता चला कि वाहन 2 जून को बरोस टोल प्लाजा से निकला।
 
विज्ञापन

यह झारखंड कभी नहीं गया। विभाग ने जय माता ट्रेडर्स की जीएसटी प्रोफाइल खंगाली। इसमें पता चला कि फर्म ने जीएसटी का पंजीयन 27 दिसंबर 2025 को लिया। वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में जीएसटीआर-2ए खरीद शून्य दिख रही है। उसके पास स्टाक भी नहीं था। जीएसटीआर-1 में भी मई 2026 में 5378 रुपये और जून 2026 में 7825 रुपये कुल 13203 रुपये की बिक्री दिखाई गई। 1.83 लाख रुपये के 12 टन स्क्रैप की बिक्री का इनवाइस जारी करना चोरी की मंशा को दर्शाता है।

 

फर्मों से भी माल खरीद की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच में सामने आया कि बायर बालाजी एंटरप्राइजेज ऐसी फर्म से खरीद करते मिली कि जो कि निरस्त थी या फिर निलंबित कर दी गई थीं। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि क्रेता और विक्रेता दोनों पर राजस्व की क्षति पहुंचाने का आरोप है।

इस पर सप्लायर फर्म जय माता दी ट्रेडर्स, क्रेता विक्रेता फर्म के प्रोपराइटर मालिक बालाजी एंटरप्राइजेज, तनिष्क ट्रांसपोर्ट कंपनी, अज्ञात वाहन स्वामी और चालक सलमान के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed