ChatGPT: OpenAI ने चैटजीपीटी में जोड़े दो खास सेफ्टी मोड, बताएंगे कब खतरे में है आपका डेटा

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Sun, 22 Feb 2026 03:47 PM IST
सार

साइबर ठगी और डेटा लीक की बढ़ती घटनाओं के बीच OpenAI ने ChatGPT में दो अहम सुरक्षा फीचर जोड़ दिए हैं। लॉकडाउन मोड और एलिवेटेड रिस्क लेबल्स यूजर्स को पहले ही चेतावनी देंगे कि कहीं उनकी निजी जानकारी जोखिम में तो नहीं है।

विज्ञापन
chatgpt security features lockdown mode elevated risk labels tech news hindi
ChatGPT - फोटो : X

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से साइबर खतरे भी सामने आ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए OpenAI ने अपने लोकप्रिय एआई चैटबॉट ChatGPT में दो नए सिक्योरिटी फीचर शामिल किए हैं। इनका मकसद साफ है—यूजर्स की निजी जानकारी को सुरक्षित रखना और संभावित खतरे से पहले ही सतर्क करना।

    कंपनी ने जिन दो फीचर्स को पेश किया है, उनमें लॉकडाउन मोड और एलिवेटेड रिस्क लेबल्स शामिल हैं। डिजिटल पेमेंट, आधार-लिंक्ड सेवाओं, ऑनलाइन बैंकिंग और एआई टूल्स के बढ़ते उपयोग के दौर में भारत जैसे देश के लिए यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। खासकर तब, जब डेटा चोरी और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

    विज्ञापन

    हाल ही में “प्रॉम्प्ट इंजेक्शन” नाम का एक नया साइबर खतरा भी सामने आया है। इस तरीके में हैकर किसी डॉक्युमेंट या टेक्स्ट के भीतर छिपे निर्देश जोड़ देता है। जब यूजर उस कंटेंट को एआई टूल से पढ़वाता या एनालाइज करवाता है, तो एआई अनजाने में संवेदनशील जानकारी उजागर कर सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी संदिग्ध वेबसाइट का टेक्स्ट ChatGPT से जांचने के लिए दिया गया, तो उसमें मौजूद छिपा कमांड एआई को सिस्टम से डेटा निकालने के लिए उकसा सकता है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    एलिवेटेड रिस्क लेबल फीचर ऐसे ही जोखिमों से बचाने के लिए तैयार किया गया है। जब भी ChatGPT किसी बाहरी वेबसाइट, थर्ड-पार्टी एप या वेब-कनेक्टेड टूल से जुड़ने की कोशिश करेगा, तो स्क्रीन पर साफ चेतावनी दिखाई देगी कि इसमें संभावित खतरा हो सकता है। इससे यूजर खुद तय कर सकेगा कि आगे प्रक्रिया जारी रखनी है या नहीं।

    दूसरी ओर, लॉकडाउन मोड एक तरह का सेफ्टी शील्ड है। इसे ऑन करने पर ChatGPT बाहरी सिस्टम, थर्ड-पार्टी ऐप्स और वेब कनेक्शन को सीमित कर देता है। इससे डेटा के बाहर जाने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है। यह सुविधा खासतौर पर पत्रकारों, कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स, सरकारी अधिकारियों और संवेदनशील जानकारी से जुड़े लोगों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।

    डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों के बीच यह साफ है कि अब एआई प्लेटफॉर्म भी सुरक्षा को प्राथमिकता देने लगे हैं।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें