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स्क्वाश: जोशना-सेंथिलकुमार की जोड़ी ने एशियाड में पक्का किया पदक, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे
Fri, 25 Sep 2026 10:33 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 25 Sep 2026 10:33 AM IST
सार
जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की स्क्वाश मिश्रित जोड़ी ने एशियन गेम्स में भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंच गई है और अब उनकी नजरें स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए क्वालिफाई करने पर लगी होंगी।
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अनाहत और अभय
- फोटो : PTI
विस्तार
अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियन गेम्स की मिश्रित युगल स्क्वाश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत का पदक पक्का किया। वहीं, अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और अपने पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी को 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हॉन्गकॉन्ग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा।
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सर्वाधिक एशियाड खेलने वाले भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी हैं जोशना
जोशना इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियन गेम्स से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा।
जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जोशना इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियन गेम्स से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियन गेम्स में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा।
जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।
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सेंथिलकुमार और जोशना
- फोटो : Twitter
जोशना बोलीं- देश के लिए पदक जीतना खास
मैच के बाद जोशना ने कहा, अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है। मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं। मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वाश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।
अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
मैच के बाद जोशना ने कहा, अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है। मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं। मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वाश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।
अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया। हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
अनाहत-अभय जीते, वीर चोटरानी को मिली हार
महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा।
महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा।