फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Indian Shooters Shine at Asian Games, Parth Mane and Rudrankksh Patil Share Experiences After Winning Medals

गर्व का पल: एशियाड में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन, पार्थ-रुद्रांक्ष ने पदक जीतकर साझा किए अनुभव

Mon, 21 Sep 2026 03:06 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया Published by: मयंक त्रिपाठी Updated Mon, 21 Sep 2026 03:06 PM IST
सार

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने 10 मीटर एयर राइफल में टीम सिल्वर जीता, जबकि रुद्रांक्ष पाटिल ने व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। पार्थ माने ने टीम मेडल को माता-पिता और कोच को समर्पित किया, वहीं रुद्रांक्ष ने देश के लिए दो मेडल जीतने पर गर्व जताया।

विज्ञापन
Indian Shooters Shine at Asian Games, Parth Mane and Rudrankksh Patil Share Experiences After Winning Medals
पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल - फोटो : ANI

विस्तार

एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। खेलों के तीसरे दिन भारतीय पुरुष शूटिंग टीम ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हिमांशु ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्रांक्ष पाटिल की तिकड़ी ने टीम स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन किया। इसके बाद रुद्रांक्ष ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता।
विज्ञापन

Indian Shooters Shine at Asian Games, Parth Mane and Rudrankksh Patil Share Experiences After Winning Medals
पार्थ माने - फोटो : ANI
पहला एशियन गेम्स मेडल पाकर खुश हैं पार्थ
टीम सिल्वर जीतने के बाद पार्थ माने ने इसे अपने लिए बेहद खास बताया। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, 'यह मेडल मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण और खास है, क्योंकि सीनियर टीम के साथ और यह एशियन गेम्स का भी मेरा पहला मेडल है। क्वालिफिकेशन अच्छे नहीं रहे थे और मैं अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं था, लेकिन जाहिर तौर पर मैंने इससे काफी कुछ सीखा, जो आगे मैचों में मेरी मदद करेंगे।'
विज्ञापन
विज्ञापन

जूनियर से सीनियर टीम तक का सफर
पार्थ ने अपनी सीनियर टीम तक पहुंचने की यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि 2024 में जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद वह सीनियर टीम में आए थे। शुरुआत में सीनियर खिलाड़ियों के स्तर के स्कोर तक पहुंचना उनके लिए मुश्किल था, लेकिन कोच और पूरी टीम के सहयोग से उन्होंने उस स्तर को हासिल किया।

भारतीय शूटर ने कहा, 'उतार-चढ़ाव तो हर किसी की यात्रा में आते हैं और मेरी यात्रा में भी रहे हैं। साल 2024 में जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने के बाद मैं सीनियर टीम में आया। शुरुआत में मेरे लिए सीनियर प्लेयर्स के जितना स्कोर करना मुश्किल हो रहा था, लेकिन कोच और मेरी पूरी टीम की मदद से मैं उस स्तर पर पहुंचने में सफल रहा।'
विज्ञापन

माता-पिता और कोच को समर्पित किया मेडल
पार्थ ने अपने माता-पिता और कोच के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'मेरी टीम और कोच का मेरी यात्रा में बहुत बड़ा रोल रहा है। मेरे माता-पिता ने भी मेरी इस यात्रा में मुझे शुरुआत से ही सपोर्ट किया और उन्होंने मुझसे कभी भी कोई सवाल नहीं पूछा। मैं अपने इस मेडल को अपने माता-पिता और कोच को समर्पित करना चाहता हूं।'

Indian Shooters Shine at Asian Games, Parth Mane and Rudrankksh Patil Share Experiences After Winning Medals
रुद्रांक्ष पाटिल - फोटो : ANI
एक दिन में दो मेडल जीतकर रुद्रांक्ष को गर्व
वहीं, रुद्रांक्ष पाटिल के लिए भी यह दिन यादगार रहा। उन्होंने पहले टीम स्पर्धा में सिल्वर और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता। एक ही दिन दो पदक जीतने के बाद रुद्रांक्ष ने कहा कि उन्हें देश के लिए यह उपलब्धि हासिल करने पर गर्व है। रुद्रांक्ष ने आईएएनएस से कहा, 'मैं बहुत खुश हूं और गर्व महसूस कर रहा हूं कि देश के लिए दो मेडल जीत सका, एक टीम सिल्वर और एक ब्रॉन्ज। इस बार हमारे देश ने तैयारी करने के लिए हमें काफी मौके दिए। हमारा भोपाल में कैंप था, जहां वैसा ही माहौल तैयार किया गया था जैसा हमें यहां पर मिला।'

भोपाल कैंप में फाइनल के माहौल की कराई तैयारी
उन्होंने बताया कि भोपाल कैंप में फाइनल के माहौल के लिए विशेष तैयारी की गई थी। वहां दर्शकों को भी रखा गया था, जो लगातार शोर कर रहे थे। रुद्रांक्ष के मुताबिक, इससे खिलाड़ियों को एशियन गेम्स के फाइनल में दर्शकों के शोर के बीच प्रदर्शन करने की पहले से आदत हो गई थी।

रुद्रांक्ष ने कहा, 'महत्वपूर्ण यही होता है कि जब दर्शकों का शोर हो, दिल की धड़कन बढ़ रही हो और उस समय हम कैसे दमदार प्रदर्शन कर पाएं। ऐसी परिस्थितियों में शानदार प्रदर्शन करने वाला शूटर ही बेस्ट होता है। हम ऐसा ही शूटर बनना चाहते हैं। मैं यह मेडल देश को समर्पित करना चाहूंगा, क्योंकि उन्होंने हमारे लिए बहुत किया है। हम देश के लिए जितना कर सकें वो हमारी जिम्मेदारी है।'

Indian Shooters Shine at Asian Games, Parth Mane and Rudrankksh Patil Share Experiences After Winning Medals
हिमांशु ढिल्लों - फोटो : ANI
हिमांशु ढिल्लों ने भी जताई खुशी
भारतीय निशानेबाज हिमांशु ढिल्लों ने एशियन गेम्स 2026 में दो सिल्वर मेडल जीतने को अपने लिए गर्व का पल बताया। हिमांशु ने पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीता।हिमांशु ने कहा कि देश के लिए कुछ हासिल करने पर भावुक होना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि यह सीनियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला व्यक्तिगत पदक है और दो मेडल जीतना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने कहा कि सफलता का आनंद लेने के साथ आगे की प्रतियोगिताओं पर ध्यान बनाए रखना जरूरी है। हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और कोच पूजा घटकर के समर्थन को दिया और कहा कि खिलाड़ी का सफर उतार-चढ़ाव से भरा होता है।

भारत ने अब तक जीते छह मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय शूटिंग टीम का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है। भारत ने कुल छह मेडल जीते हैं, जिनमें से पांच पदक शूटिंग में आए हैं। महिला टीम ने 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद इलावेनिल वलारिवन ने व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पुरुष टीम के सिल्वर के बाद हिमांशु ढिल्लों ने व्यक्तिगत स्पर्धा में सिल्वर और रुद्रांक्ष पाटिल ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed