Indore: इंदौर में अटके प्रोजेक्टों को लेकर ताई और भाई मुखर, लेकिन दूसरे जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी
इंदौर के विकास से जुड़े मुद्दों पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन अब एक ही सुर में नजर आ रहे हैं। दोनों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शहर की उपेक्षा पर सवाल उठाए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रोजेक्ट अब भी अटके हुए हैं।
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इंदौर में ताई और भाई के नाम से पहचाने जाने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन की राजनीतिक अदावत लंबे अरसे तक चर्चा में रही, लेकिन अब दोनों इंदौर के विकास कार्यों में पिछड़ने को लेकर एक साथ आवाज उठा चुके है।शहर के मुद्दे पर दोनों के सुर एक है।
दोनों ने मुख्यमंत्री को अपनी बेबाक शैली में पत्र लिखे और अफसरों को भी निशाने पर लिया, लेकिन शहर के अन्य जनप्रतिनिधि इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं। जबकि इंदौर के नौ विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं।
इसके अलावा सांसद और मेयर भी भाजपा से जुड़े हैं, लेकिन इंदौर की आवाज एक साथ नहीं उठाई गई। हालांकि, जो मुद्दे ताई और भाई ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेजे पत्र में उठाए, उस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। एयरपोर्ट विस्तार के लिए अभी भी प्रदेश सरकार की तरफ से जमीन मिलने को लेकर कोई संकेत नहीं दिए गए हैं और न ही मेट्रोपॉलिटन एरिया में इंदौर के नाम को पहले रखने की कवायद हुई है।
इन कामों में पिछड़ा इंदौर
- इंदौर का मास्टर प्लान 2021 में खत्म हो चुका है। पांच साल बाद भी नया मास्टर प्लान घोषित नहीं हुआ।
- दूसरे शहरों में प्राधिकरण अध्यक्षों की नियुक्तियां हो गईं, इंदौर में इसके लिए घोषणा नहीं हो पाई। एल्डरमैन भी नियुक्त नहीं हो पाए।
- इंदौर में नए रेलवे स्टेशन का काम अचानक रोक दिया गया। नई ट्रेनें भी इंदौर को कम मिल रही हैं।
- सिंहस्थ मद में इंदौर के लिए राशि आवंटित नहीं हुई, जबकि 12 साल पहले सिंहस्थ के समय काफी काम इस मद में हुए थे।
यह लिखा था पत्र में विजयवर्गीय ने
विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को 20 जून को पत्र लिखा था, जिसमें इंदौर के अधूरे प्रोजेक्टों को लेकर उन्होंने लिखा कि इंदौर के विकास की गति बढ़ाना तो दूर, उसे न्यायोचित हक भी नहीं मिल पा रहा है। मास्टर प्लान जारी नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और मेट्रोपॉलिटन एरिया के नोटिफिकेशन में इंदौर के बजाय उज्जैन का नाम पहले लिखे जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई।
ताई ने कहा, क्या इंदौर को अनाथ समझ लिया
ताई ने हाल ही में रेल प्रोजेक्टों को लेकर मुखरता से अपनी बात रेलवे जीएम को लिखे पत्र में रखी। उन्होंने कहा कि लगता है, रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। जो गाड़ियां मंजूर हो चुकी हैं, उन्हें चलाया नहीं जा रहा है। इसके अलावा महाजन ने मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर एयरपोर्ट विस्तार के लिए जमीन देने की मांग दोहराई थी।