हिमाचल: ऊंची चोटियों पर बर्फबारी; शिमला में झमाझम बारिश, किसानों की बढ़ी चिंता; इस दिन तक खराब रहेगा मौसम
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट बदली। सुबह से बादल छाए रहने के बाद दोपहर में कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। लाहौल-स्पीति, पांगी और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई, जबकि रोहतांग दर्रा और पीर पंजाल की चोटियां बर्फ से ढक गईं। धर्मशाला, पालमपुर, चंबा और मनाली में बारिश हुई। पालमपुर में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। किन्नौर और रामपुर में ओलावृष्टि से फसलों और बगीचों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट के बीच मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदली। सुबह से ही राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान बादलों से घिरा रहा। दोपहर बाद कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद कर दिया। लाहौल-स्पीति, पांगी और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा समेत पीर पंजाल की ऊंची चोटियों ने बर्फ की चादर ओढ़ ली। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ गई है। वहीं, बुधवार को राजधानी शिमला में झमाझम बारिश हुई।
कांगड़ा जिले के कई क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम बदला। धर्मशाला और पालमपुर में शुरू हुई हल्की बारिश शाम करीब पांच बजे के बाद तेज हो गई। पालमपुर में 68 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चंबा और मनाली में भी बारिश हुई। लाहौल-स्पीति और पांगी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में करीब 10.16 सेंटीमीटर तक बर्फबारी दर्ज की गई। पीर पंजाल की सेवन सिस्टर पीक, घेपंक पीक, ड्रलबू चोटी और जंस्कार रेंज में भी बर्फबारी हुई।
केलांग में दोपहर बाद तेज अंधड़ के साथ बारिश हुई। तेज हवाओं के कारण क्षेत्र में बिजली आपूर्ति करीब छह घंटे तक बाधित रही। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी पड़ा है। राजधानी शिमला समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ गया।
मौसम खराब होने का सबसे ज्यादा असर कुछ कृषि क्षेत्रों में देखने को मिला। किन्नौर के चौरा क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि हुई। वहीं रामपुर के पंद्रहबीस क्षेत्र में तेज आंधी के साथ ओले पड़े। ओलावृष्टि से राजमाह, मक्की, धान, तुलसी समेत कई फसलों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। चौरा, छोटा कंबा और बड़ा कंबा में करीब आधे घंटे तक हुई ओलावृष्टि के बाद खेत और बगीचे ओलों से सफेद हो गए।
पिछले कुछ दिनों से मौसम साफ रहने के कारण किसानों ने फसलों की कटाई शुरू कर दी थी। कई जगह खेतों में फसल काटकर रखी गई थी। ऐसे में अचानक हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में काटकर रखी फसल के भीगने से उसके खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं ओलावृष्टि से खड़ी फसलों और बगीचों को भी नुकसान की आशंका है।
12 अक्तूबर तक खराब रह सकता है मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 12 अक्तूबर तक मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। वहीं 6 से 9 अक्तूबर तक तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और बारिश-ओलावृष्टि की आशंका वाले इलाकों में लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
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