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हिमाचल: मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू बोले- चिकित्सा अधिकारियों को एनपीए देने पर विचार कर रही प्रदेश सरकार
Mon, 07 Sep 2026 02:54 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 02:54 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक में कहा कि राज्य सरकार चिकित्सा अधिकारियों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने पर विचार कर रही है। कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश में कैंसर देखभाल संस्थानों को मजबूत करने के लिए 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। अत्याधुनिक मशीनों की खरीद और चिकित्सा विद्यार्थियों व फैकल्टी के विदेश एक्सपोजर विजिट की भी योजना है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
प्रदेश सरकार चिकित्सा अधिकारियों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं और इनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों का सुदृढ़ीकरण सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को भी चरणबद्ध तरीके से भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अधिकारियों को एनपीए देने के प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है।
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कैंसर के इलाज पर 800 करोड़ होंगे खर्च
प्रदेश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने कैंसर देखभाल संस्थानों को मजबूत करने के लिए बड़ा निवेश करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर देखभाल संस्थानों के सुदृढ़ीकरण पर 800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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उन्होंने कैंसर देखभाल संस्थानों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के उद्देश्य से एक विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए। सरकार की योजना प्रदेश में कैंसर की जांच और उपचार की सुविधाओं को आधुनिक बनाने की है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स दिल्ली की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनों और उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इससे प्रदेश के मरीजों को जांच और उपचार की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उन्हें दूसरे राज्यों का रुख कम करना पड़ेगा।
चिकित्सा विद्यार्थियों और फैकल्टी को विदेश एक्सपोजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और फैकल्टी को विश्वस्तरीय उपचार पद्धतियों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाई जा रही कार्यप्रणालियों से परिचित करवाने के लिए विदेशों के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के एक्सपोजर विजिट करवाने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों और तकनीकी संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट करवा रही है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशैली समझने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलता है।
जीन और मॉलिक्यूलर थेरेपी पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। सरकार जीन और मॉलिक्यूलर थेरेपी जैसी नवीन उपचार तकनीकों को प्रदेश में बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है।
बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और फैकल्टी को विश्वस्तरीय उपचार पद्धतियों तथा आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाई जा रही कार्यप्रणालियों से परिचित करवाने के लिए विदेशों के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों के एक्सपोजर विजिट करवाने की योजना बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों और तकनीकी संस्थानों के मेधावी विद्यार्थियों को भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट करवा रही है। ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कार्यशैली समझने और अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिलता है।
जीन और मॉलिक्यूलर थेरेपी पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। सरकार जीन और मॉलिक्यूलर थेरेपी जैसी नवीन उपचार तकनीकों को प्रदेश में बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी काम कर रही है।
बैठक में उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।