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Shimla News: स्किन ओपीडी में नहीं मिले डाक्टर बिना उपचार करवाए लौटे मरीज
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डीडीयू अस्पताल में परेशान होते रहे लोग
ओपीडी में मौजूद स्टाफ ने बताया, आज नहीं बैठेंगे डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में एक दिन के अवकाश के बाद शनिवार सुबह उपचार करवाने के लिए पर्ची काउंटर पर आए मरीजों की लंबी कतारें लगी नजर आईं।
अस्पताल के त्वचा रोग (स्किन) विभाग की ओपीडी में शनिवार को एक भी चिकित्सक मरीजों को देखने और उनका उपचार करने के लिए उपलब्ध नहीं था। इस कारण त्वचा रोगों से पीड़ित मरीजों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा या फिर आईजीएमसी जाना पड़ा। ओपीडी में चिकित्सकों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। सुबह साढ़े दस बजे तक स्किन ओपीडी में केवल एक महिला सहयोगी कर्मी बैठी थीं। इनसे पूछने पर पता चला कि डॉक्टर एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए धर्मशाला गए हैं और अब सोमवार को ही ओपीडी में उपलब्ध हो पाएंगे। अपनी माता का उपचार करवाने के लिए ठियोग से आए दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी माता के शरीर पर दाग और जलन की समस्या थी। इन्हें दिखाने के लिए अस्पताल आने पर ही पता चला कि शनिवार को डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी जाना पड़ा।
उपचार करवाने के लिए शालाघाट से अस्पताल आए मरीज राजीव कुमार ने बताया कि उनकी गर्दन पर एलर्जी हो गई है, जिसमें जलन भी हो रही है और कपड़े पहनना भी मुश्किल हो रहा है। वह इसी समस्या का उपचार करवाने आए थे। अस्पताल पहुंचने पर ओपीडी में ही पता चला कि शनिवार को कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होगा। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे से ओपीडी में पांच से सात अन्य मरीज भी आए थे। उन्हें भी अस्पताल पहुंचने पर ही पता चला कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं और वे भी बिना उपचार करवाए लौट गए। राजीव ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को किसी भी ओपीडी को इस तरह बिना चिकित्सक के नहीं रखना चाहिए।
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कम से कम एक चिकित्सक तो उपलब्ध होना चाहिए, ताकि मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि आज के समय में सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अस्पताल प्रशासन को चिकित्सकों की अनुपलब्धता की अग्रिम सूचना देनी चाहिए। अस्पताल की बाल रोग, ऑर्थोपेडिक्स, महिला रोग सहित अन्य ओपीडी में चिकित्सक उपलब्ध थे और वहां उपचार करवाने आए मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इन ओपीडी में मरीजों का उपचार भी किया गया।
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ओपीडी में मौजूद स्टाफ ने बताया, आज नहीं बैठेंगे डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला के दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) अस्पताल में एक दिन के अवकाश के बाद शनिवार सुबह उपचार करवाने के लिए पर्ची काउंटर पर आए मरीजों की लंबी कतारें लगी नजर आईं।
अस्पताल के त्वचा रोग (स्किन) विभाग की ओपीडी में शनिवार को एक भी चिकित्सक मरीजों को देखने और उनका उपचार करने के लिए उपलब्ध नहीं था। इस कारण त्वचा रोगों से पीड़ित मरीजों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा या फिर आईजीएमसी जाना पड़ा। ओपीडी में चिकित्सकों की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी। सुबह साढ़े दस बजे तक स्किन ओपीडी में केवल एक महिला सहयोगी कर्मी बैठी थीं। इनसे पूछने पर पता चला कि डॉक्टर एक कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए धर्मशाला गए हैं और अब सोमवार को ही ओपीडी में उपलब्ध हो पाएंगे। अपनी माता का उपचार करवाने के लिए ठियोग से आए दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनकी माता के शरीर पर दाग और जलन की समस्या थी। इन्हें दिखाने के लिए अस्पताल आने पर ही पता चला कि शनिवार को डॉक्टर उपलब्ध नहीं होंगे। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी जाना पड़ा।
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उपचार करवाने के लिए शालाघाट से अस्पताल आए मरीज राजीव कुमार ने बताया कि उनकी गर्दन पर एलर्जी हो गई है, जिसमें जलन भी हो रही है और कपड़े पहनना भी मुश्किल हो रहा है। वह इसी समस्या का उपचार करवाने आए थे। अस्पताल पहुंचने पर ओपीडी में ही पता चला कि शनिवार को कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं होगा। उन्होंने बताया कि सुबह दस बजे से ओपीडी में पांच से सात अन्य मरीज भी आए थे। उन्हें भी अस्पताल पहुंचने पर ही पता चला कि डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं और वे भी बिना उपचार करवाए लौट गए। राजीव ने कहा कि अस्पताल प्रशासन को किसी भी ओपीडी को इस तरह बिना चिकित्सक के नहीं रखना चाहिए।
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कम से कम एक चिकित्सक तो उपलब्ध होना चाहिए, ताकि मरीजों को प्राथमिक उपचार मिल सके। उन्होंने सुझाव दिया कि आज के समय में सोशल मीडिया और मीडिया के माध्यम से अस्पताल प्रशासन को चिकित्सकों की अनुपलब्धता की अग्रिम सूचना देनी चाहिए। अस्पताल की बाल रोग, ऑर्थोपेडिक्स, महिला रोग सहित अन्य ओपीडी में चिकित्सक उपलब्ध थे और वहां उपचार करवाने आए मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। इन ओपीडी में मरीजों का उपचार भी किया गया।