फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Rajasthan Civic Polls Political Stir Over Owaisi-Beniwal Alliance, Will It Dent Congress Vote Bank

राजस्थान: निकाय चुनाव में ओवैसी-बेनीवाल की जुगलबंदी से सियासी हलचल, क्या कांग्रेस के वोट बैंक में लगेगी सेंध?

Sat, 05 Sep 2026 10:56 AM IST
जयपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: जयपुर ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 10:56 AM IST
सार

राजस्थान निकाय चुनाव के बीच असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल के जयपुर में एक मंच पर आने की संभावित चर्चा से सियासी हलचल तेज हो गई है। संभावित साथ को जाट और मुस्लिम वोटों के समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे कांग्रेस के वोट बैंक पर असर पड़ने और भाजपा को संभावित लाभ की चर्चा है। 

विज्ञापन
Rajasthan Civic Polls Political Stir Over Owaisi-Beniwal Alliance, Will It Dent Congress Vote Bank
दोनों नेताओं की सभा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान के निकाय चुनाव के बीच सियासी पारा अचानक चढ़ गया है। असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल के एक मंच पर आने की संभावना ने चुनावी समीकरणों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जयपुर में दोनों नेताओं की सभा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह साथ आना कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक के लिए बड़ा झटका साबित होगा?
विज्ञापन


गठबंधन को मानने से एआईएमआईएम का इंकार
एआईएमआईएम के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू भाई ‘फ्रिज वाले’ ने इसे गठबंधन मानने से इनकार किया है। उनका कहना है कि यह किसी राजनीतिक गठबंधन की बजाय ‘इंसानियत की दुकान’ है। हालांकि, चुनावी जमीन पर इसका असर कितना होगा, यह परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन


भाजपा को मिल सकता है फायदा
राजनीतिक विश्लेषण का एक अहम पहलू जाट और मुस्लिम वोटों का संभावित बिखराव है। कांग्रेस को लंबे समय से इन वर्गों के एक हिस्से का समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में यदि बेनीवाल के प्रभाव वाले जाट मतदाता और ओवैसी के समर्थक मुस्लिम मतदाताओं का कुछ हिस्सा कांग्रेस से दूरी बनाता है, तो इसका सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है। हालांकि, एआईएमआईएम ने राजस्थान में सिर्फ 8 प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे हैं, लेकिन ओवैसी की मुस्लिम समुदाय में लोकप्रियता और बेनीवाल के जमीनी प्रभाव को एक साथ जोड़कर देखा जा रहा है। बेनीवाल की पार्टी के करीब 1200 उम्मीदवार चुनाव मैदान में होने का दावा भी इस समीकरण को महत्वपूर्ण बनाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  राजस्थान निकाय: बांसवाड़ा में एक वार्ड से आमने-सामने दो भाई, अलग-अलग वार्डों में दो बहनें; पड़ोसी भी भिड़े

सोशल मीडिया बनेगा मजबूत हथियार
इसके साथ ही बेनीवाल की सोशल मीडिया टीम को भी चुनावी अभियान का मजबूत हथियार माना जा रहा है। सोशल मीडिया के जरिए तेजी से संदेश पहुंचाने की उनकी रणनीति और ओवैसी की जनसभाओं की अपील अगर साथ आती है, तो कांग्रेस के लिए जयपुर में वोटों का गणित बिगड़ने की आशंका बढ़ सकती है। अब निगाहें जयपुर की सभा पर टिकी हैं। ओवैसी-बेनीवाल की साझा मौजूदगी महज एक मंच साझा करना होगी या राजस्थान की निकाय राजनीति में नए वोट समीकरण की शुरुआत- यह चुनावी नतीजे ही तय करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed