बांसवाड़ा निकाय चुनाव: 12 हजार Gen-Z वोटर तय करेंगे चुनाव की दिशा? 28 वार्डों में 200 वोट से कम था जीत का अंतर
बांसवाड़ा नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों के लिए 9 सितंबर को मतदान होगा। परिषद क्षेत्र में कुल 94,121 मतदाताओं में 18 से 25 वर्ष की उम्र के करीब 12 हजार से अधिक जेन-जी वोटर हैं, जो कुल मतदाताओं का 12.73 प्रतिशत हैं। वहीं 18 से 35 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 34 हजार से अधिक है।
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बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में इस बार युवा मतदाताओं की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों के लिए आगामी 9 सितंबर को मतदान होगा। चुनाव में कुल मतदाताओं में 18 से 25 वर्ष की आयु वाले जेन-जी मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 12.73 प्रतिशत है। ऐसे में करीब 12 हजार जेन-जी वोटर कई वार्डों में चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की स्थिति में हैं। यही वजह है कि राजनीतिक दल भी युवा मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
नगर परिषद क्षेत्र में 94 हजार से ज्यादा मतदाता
बांसवाड़ा नगर परिषद के कुल 60 वार्डों में 94,121 मतदाता हैं। इनमें 18 से 25 वर्ष की आयु वाले जेन-जी मतदाताओं की संख्या करीब 12 हजार से अधिक है। यह कुल मतदाताओं का करीब 12.73 प्रतिशत है। वहीं, अगर 18 से 35 वर्ष की आयु वाले मतदाताओं की बात करें तो इनकी संख्या 34 हजार से अधिक है। कुल मतदाताओं के मुकाबले इस आयु वर्ग की हिस्सेदारी करीब 36.5 प्रतिशत है। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के करीब 12 हजार जेन-जी मतदाताओं को नगर परिषद के 60 वार्डों में औसतन बांटा जाए तो प्रत्येक वार्ड में करीब 200 जेन-जी वोटर आते हैं। ऐसे में कई वार्डों में यह वोट बैंक जीत-हार के अंतर को प्रभावित कर सकता है।
आंदोलन का कितना असर, चुनाव परिणाम से चलेगा पता
कुछ समय पहले नई दिल्ली में ‘काॅकरोच जनता पार्टी’ की ओर से आंदोलन किया गया था। इसके बाद खास तौर पर देशभर में 25 वर्ष तक की उम्र के युवाओं के दो धड़े बनने की बात सामने आई थी। एक धड़ा सीजेपी के साथ था, जबकि दूसरा उसके विरोध में रहा। अब बांसवाड़ा शहर के जेन-जी मतदाताओं पर इस आंदोलन का कितना असर पड़ा है, इसका पता चुनाव परिणाम और उसके बाद होने वाली मतगणना के आंकड़ों से चलेगा। वार्डवार नतीजे यह स्पष्ट कर सकते हैं कि जेन-जी मतदाताओं का रुझान किस राजनीतिक दल या प्रत्याशी की ओर रहा।
28 वार्डों में 200 वोट से कम रहा था जीत का अंतर
हर वार्ड में औसतन करीब 200 जेन-जी वोटर होने के कारण इन मतदाताओं की भूमिका को 2019 के चुनाव परिणामों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। वर्ष 2019 में हुए नगर परिषद चुनाव में 28 वार्ड ऐसे थे, जहां जीत का अंतर 200 वोट से कम रहा था। उस समय जेन-जी मतदाताओं को लेकर मौजूदा तरह का कोई विशेष माहौल या आंदोलन नहीं था। ऐसे में इस बार के चुनाव में वार्डवार जीत का अंतर काफी कुछ संकेत दे सकता है। खास तौर पर उन वार्डों में जहां मुकाबला करीबी है, वहां जेन-जी वोटर नतीजे बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
युवा वोटरों पर राजनीतिक दलों की नजर
बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में 18 से 35 वर्ष के मतदाताओं की संख्या 34 हजार से अधिक है। यानी कुल मतदाताओं का करीब 36.5 प्रतिशत हिस्सा इसी आयु वर्ग से आता है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए युवा मतदाताओं को साधना चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन गया है। अब 9 सितंबर को होने वाले मतदान के बाद मतगणना में सामने आने वाले वार्डवार आंकड़े बताएंगे कि जेन-जी मतदाताओं ने किसे अपना समर्थन दिया और क्या करीब 12 हजार युवा वोटर चुनावी नतीजों की दिशा बदलने में निर्णायक साबित हुए।