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Mohali News: सरकार की घोषणा के बाद भी वेतन दोगुना न मिलने से नाराज सफाई कर्मचारी, विधायक को ज्ञापन सौंप 15 से दी हड़ताल की चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। पंजाब सरकार के वेतन दोगुना करने के एलान के बावजूद जीरकपुर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी नौकरी पक्की करवाने और बढ़े वेतन का लाभ दिलाने के लिए नगर परिषद के हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है। यूनियन ने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को मांग पत्र सौंपा है। चेतावनी देकर उनका कहना है कि 14 सितंबर तक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ तो 15 सितंबर से सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। नगर परिषद इंप्लायज यूनियन के प्रधान प्रदीप सूद ने बताया कि पंजाब सरकार ने एक अगस्त से सफाई कर्मचारियों का वेतन दोगुना करने का फैसला किया था। इस फैसले को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल चुकी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नगर परिषद को इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार को भेजना जरूरी है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि प्रदेश की कई अन्य नगर परिषदों में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगा है। जीरकपुर में हाउस की बैठक नहीं होने के कारण यह मामला अटका हुआ है। कर्मचारियों ने विधायक रंधावा से हस्तक्षेप कर जल्द हाउस की बैठक बुलाने और प्रस्ताव पारित करवाने की मांग की है। प्रदीप सूद ने चेतावनी दी है कि 14 सितंबर तक बैठक न होने पर 15 सितंबर से नगर परिषद के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल में सफाई कर्मचारी, डोर-टू-डोर कर्मचारी और दफ्तरी स्टाफ शामिल होंगे। सीवरमैन, इलेक्ट्रिशियन और सेवादार सहित अन्य कर्मचारी भी इसमें भाग लेंगे।
हाउस की संरचना और चुनौती
नगर परिषद के हाउस में कुल 31 सदस्य हैं। इनमें आम आदमी पार्टी के 16, शिरोमणि अकाली दल के छह, कांग्रेस के चार, भाजपा के चार और एक आजाद पार्षद शामिल हैं। किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए 16 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के वार्ड-5 और वार्ड-7 के पार्षद पार्टी से अलग रुख अपना चुके हैं। ऐसे में कर्मचारियों के प्रस्ताव को हाउस से मंजूरी दिलाना परिषद के लिए एक चुनौती बन सकता है।
बहुमत के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी
नगर परिषद की हाउस की बैठक के दौरान पेश होने वाले प्रस्ताव को पारित करने के लिए कम से कम 31 सदस्यों में से 16 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। लेकिन आम आदमी पार्टी के वार्ड-5 और वार्ड-7 के पार्षदों के अलग रुख के चलते सफाई कर्मचारियों के पक्ष में प्रस्ताव को हाउस से मंजूरी दिलाना चुनौती बन सकता है। इससे अलग प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क की प्रधानगी के चयन को लेकर एक याचिका पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अभी लंबित है, जिसका फैसला आना अभी बाकी है।
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कोट्स :::
हाउस की बैठक को लेकर अधिकारियों से परियोजनाओं को लेकर बैठकों का दौर जारी है। जल्द ही बैठक बुलाकर सबसे पहले कर्मचारी नेताओं के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करके पंजाब सरकार को भेजा जाएगा। -गुरप्रीत सिंह विर्क, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।
फोटो सहित ::
जीरकपुर में कर्मचारी यूनियन के नेता विधायक रंधावा व प्रधान विर्क को ज्ञापन सौंपते हुए।
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जीरकपुर। पंजाब सरकार के वेतन दोगुना करने के एलान के बावजूद जीरकपुर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। कर्मचारियों ने अपनी नौकरी पक्की करवाने और बढ़े वेतन का लाभ दिलाने के लिए नगर परिषद के हाउस की बैठक बुलाने की मांग की है। यूनियन ने विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को मांग पत्र सौंपा है। चेतावनी देकर उनका कहना है कि 14 सितंबर तक प्रस्ताव पारित नहीं हुआ तो 15 सितंबर से सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। नगर परिषद इंप्लायज यूनियन के प्रधान प्रदीप सूद ने बताया कि पंजाब सरकार ने एक अगस्त से सफाई कर्मचारियों का वेतन दोगुना करने का फैसला किया था। इस फैसले को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल चुकी है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नगर परिषद को इस संबंध में प्रस्ताव पारित कर पंजाब सरकार को भेजना जरूरी है। यूनियन के नेताओं ने कहा कि प्रदेश की कई अन्य नगर परिषदों में कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलने लगा है। जीरकपुर में हाउस की बैठक नहीं होने के कारण यह मामला अटका हुआ है। कर्मचारियों ने विधायक रंधावा से हस्तक्षेप कर जल्द हाउस की बैठक बुलाने और प्रस्ताव पारित करवाने की मांग की है। प्रदीप सूद ने चेतावनी दी है कि 14 सितंबर तक बैठक न होने पर 15 सितंबर से नगर परिषद के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। इस हड़ताल में सफाई कर्मचारी, डोर-टू-डोर कर्मचारी और दफ्तरी स्टाफ शामिल होंगे। सीवरमैन, इलेक्ट्रिशियन और सेवादार सहित अन्य कर्मचारी भी इसमें भाग लेंगे।
हाउस की संरचना और चुनौती
नगर परिषद के हाउस में कुल 31 सदस्य हैं। इनमें आम आदमी पार्टी के 16, शिरोमणि अकाली दल के छह, कांग्रेस के चार, भाजपा के चार और एक आजाद पार्षद शामिल हैं। किसी भी प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए 16 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। हालांकि, आम आदमी पार्टी के वार्ड-5 और वार्ड-7 के पार्षद पार्टी से अलग रुख अपना चुके हैं। ऐसे में कर्मचारियों के प्रस्ताव को हाउस से मंजूरी दिलाना परिषद के लिए एक चुनौती बन सकता है।
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बहुमत के लिए 16 सदस्यों का समर्थन जरूरी
नगर परिषद की हाउस की बैठक के दौरान पेश होने वाले प्रस्ताव को पारित करने के लिए कम से कम 31 सदस्यों में से 16 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। लेकिन आम आदमी पार्टी के वार्ड-5 और वार्ड-7 के पार्षदों के अलग रुख के चलते सफाई कर्मचारियों के पक्ष में प्रस्ताव को हाउस से मंजूरी दिलाना चुनौती बन सकता है। इससे अलग प्रधान गुरप्रीत सिंह विर्क की प्रधानगी के चयन को लेकर एक याचिका पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में अभी लंबित है, जिसका फैसला आना अभी बाकी है।
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हाउस की बैठक को लेकर अधिकारियों से परियोजनाओं को लेकर बैठकों का दौर जारी है। जल्द ही बैठक बुलाकर सबसे पहले कर्मचारी नेताओं के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करके पंजाब सरकार को भेजा जाएगा। -गुरप्रीत सिंह विर्क, प्रधान, नगर परिषद जीरकपुर।
फोटो सहित ::
जीरकपुर में कर्मचारी यूनियन के नेता विधायक रंधावा व प्रधान विर्क को ज्ञापन सौंपते हुए।