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पंजाब में नशे के खिलाफ जंग: डी-एडिक्शन केंद्रों में दाखिले 164% बढ़े, 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान का असर

Mon, 07 Sep 2026 02:50 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 07 Sep 2026 02:50 PM IST
सार

सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024 में जहां 9,577 मरीजों ने दाखिला लिया था, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 25,290 हो गई। इस प्रकार, दाखिलों में 164 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

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War against drugs in Punjab Admissions to de-addiction centers rise by 164%
नशा मुक्ति केंद्र - फोटो : अमर उजाला/फाइल

विस्तार

पंजाब सरकार के 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के तहत राज्य के नशा मुक्ति एवं रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि राज्य के उपचार ढांचे के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का एक मजबूत संकेत है।
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सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की स्थिति
सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिलों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है। वर्ष 2024 में जहां 9,577 मरीजों ने दाखिला लिया था, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 25,290 हो गई। इस प्रकार, दाखिलों में 164 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2026 में भी यह रुझान जारी रहा और जुलाई तक 14,000 से अधिक लोग सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल हो चुके थे। यह वृद्धि मार्च 2025 में शुरू हुए 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान के बाद देखने को मिली है।
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रिहैबिलिटेशन नेटवर्क में भी वृद्धि
राज्य के रिहैबिलिटेशन नेटवर्क में भी इसी तरह की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी रिहैबिलिटेशन केंद्रों में दाखिलों की संख्या वर्ष 2024 में 2,644 थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 8,574 हो गई, जो 224 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है। जुलाई 2026 तक ही 5,800 से अधिक लोग इन केंद्रों में दाखिल हो चुके थे।
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आउटपेशेंट उपचार में भी बढ़ोतरी
पंजाब के आउटपेशेंट ओपिओइड-असिस्टेड ट्रीटमेंट (OOAT) क्लीनिक नेटवर्क के माध्यम से भी उपचार की बढ़ती पहुँच दिखाई देती है। नए रजिस्ट्रेशन वर्ष 2024 में 13,033 से बढ़कर वर्ष 2025 में 17,702 हो गए, जबकि इस वर्ष अगस्त तक 12,500 से अधिक नए मरीज़ों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है।

व्यापक उपचार तंत्र और कानूनी प्रावधान
ये आंकड़े एक ऐसे व्यापक उपचार तंत्र की ओर संकेत करते हैं, जिसमें मादक पदार्थों पर निर्भरता से जूझ रहे लोगों के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने कानून के तहत उपलब्ध रिहैबिलिटेशन संबंधी प्रावधानों का भी उपयोग किया है। 27 अगस्त 2026 तक 11,000 से अधिक व्यक्तियों को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 64A के तहत प्रतिरक्षा प्रदान की जा चुकी है।


स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का बयान
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि पंजाब के लिए दाखिलों में यह तेज़ वृद्धि सबसे उत्साहजनक संकेतकों में से एक है। उन्होंने कहा कि लोग लगातार आगे आ रहे हैं, परिवार संस्थागत सहायता की मांग कर रहे हैं और राज्य का उपचार नेटवर्क उन लोगों तक पहुंच रहा है, जो अन्यथा औपचारिक उपचार व्यवस्था से बाहर रह सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' अभियान तीन स्तंभों पर आधारित है। तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, प्रभावित लोगों के लिए उपचार एवं रिहैबिलिटेशन, और बच्चों को नशे से बचाने के लिए रोकथाम।
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