विश्व रोगी सुरक्षा दिवस: डॉक्टर को ये बातें नहीं बताएंगे तो बिगड़ सकता है इलाज, हर मरीज के लिए जानना जरूरी
World Patient Safety Day: अगर आप डॉक्टर के पास इलाज के लिए जा रहे हैं तो उन्हें कुछ बातें पहले से ही बता दें। ये बातें कौन सी हैं, आज विश्व रोगी सुरक्षा दिवस के मौके पर हम आपको इसकी जानकारी देंगे।
1. कौन-कौन सी दवाएं ले रहे हैं
डॉक्टर को अपनी सभी नियमित दवाओं के बारे में बताएं। इसके अलावा विटामिन, खनिज पदार्थों की गोलियां, आयुर्वेदिक या अन्य स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद और जरूरत पड़ने पर ली जाने वाली दवाओं की जानकारी भी दें। इससे डॉक्टर को दवाओं के बीच संभावित प्रतिक्रिया को समझने और सही दवा चुनने में मदद मिल सकती है।
2. किसी दवा से एलर्जी है या नहीं
अगर पहले किसी दवा को लेने के बाद शरीर पर लाल चकत्ते, खुजली, सूजन, सांस लेने में परेशानी या दूसरी असामान्य प्रतिक्रिया हुई है तो डॉक्टर को जरूर बताएं। दवा से हुई पिछली प्रतिक्रिया की जानकारी उपचार के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती है।
अगर आपको मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर, अस्थमा, हृदय, किडनी या किसी अन्य लंबे समय से चल रही बीमारी है तो इसकी जानकारी डॉक्टर को दें। बीमारी के साथ-साथ उसकी दवाओं और अब तक हुए उपचार की जानकारी भी साझा करना जरूरी है।
4. पहले हुए ऑपरेशन या अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी
अगर पहले कोई ऑपरेशन हुआ है या किसी बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है, तो डॉक्टर को इसके बारे में बताएं। पुराने उपचार या किसी दवा से हुई गंभीर परेशानी की जानकारी भी छिपानी नहीं चाहिए।
महिलाओं को डॉक्टर को गर्भावस्था या गर्भधारण की संभावना के बारे में जरूर बताना चाहिए। कुछ दवाएं और चिकित्सकीय जांच गर्भावस्था में अलग तरह से देखी जाती हैं, इसलिए यह जानकारी डॉक्टर के लिए जरूरी हो सकती है।
6. अपनी समस्या और लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं
लक्षण कब शुरू हुए, कितनी देर रहते हैं, कितनी बार होते हैं और किन परिस्थितियों में बढ़ते या कम होते हैं—इन सभी बातों की जानकारी डॉक्टर को दें। लक्षणों को छिपाने या अपनी ओर से कोई महत्वपूर्ण जानकारी छोड़ देने से सही बीमारी की पहचान और उपचार प्रभावित हो सकता है।
इसलिए मनाते हैं ये दिन
विश्व रोगी सुरक्षा दिवस का उद्देश्य इलाज के दौरान मरीजों को होने वाले नुकसान के जोखिम को कम करना और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इसके तहत मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर संवाद पर भी जोर दिया जाता है। डॉक्टर को बीमारी, पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं, चल रही दवाओं और किसी तरह की एलर्जी से जुड़ी सही जानकारी देने से उपचार को बेहतर तरीके से तय करने में मदद मिल सकती है। इसलिए डॉक्टर से मिलने के दौरान अपनी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी स्पष्ट और सही तरीके से साझा करना रोगी सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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