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सचिन के पहले वनडे शतक की कहानी: आज ही के दिन तेंदुलकर ने खेली थी ऐतिहासिक पारी, जानें उस मैच का पूरा हाल
Wed, 09 Sep 2026 06:29 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 09 Sep 2026 06:29 PM IST
सार
क्रिकेट के इतिहास में कुछ ऐसी पारियां होती हैं जो आंकड़ों से परे होती हैं। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए सचिन तेंदुलकर का पहला वनडे शतक कुछ ऐसा ही था। यह उस रिकॉर्ड-तोड़ अध्याय की शुरुआत थी जिसने उन्हें खेल के महानतम बल्लेबाजों में से एक बना दिया। आइए जानते हैं सचिन के पहले वनडे शतक की कहानी जो उन्होंने आज ही के दिन 32 साल पहले जड़ा था।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : BCCI
भारतीय क्रिकेट इतिहास के पन्नों में नौ सितंबर का दिन एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय दर्ज है, जिसने देश के खेल जगत की दिशा ही बदल दी थी। आज ही के दिन 1994 में महज 21 साल के एक युवा बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलंबो के प्रेमादासा स्टेडियम में अपने वनडे करियर का पहला शतक जड़ा था। यह और कोई नहीं बल्कि क्रिकेट के 'भगवान' कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर थे। इस एक शतकीय पारी ने न केवल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके प्रभुत्व की नींव रखी, बल्कि आगे चलकर इतिहास रचने वाले एक ऐसे सफर की शुरुआत की, जिसने क्रिकेट प्रेमियों के दिलों पर राज किया।
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : BCCI
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शतक का सूखा किया खत्म
9 सितंबर 1994 को सचिन ने आखिरकार वनडे क्रिकेट में अपने शतकों का सूखा खत्म किया। श्रीलंका के कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए इस युवा भारतीय बल्लेबाज ने अपने 79वें वनडे मैच में 130 गेंदों पर 110 रन बनाए। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए यह इंतजार असामान्य रूप से लंबा था जिसने अपनी असाधारण प्रतिभा की झलक बहुत पहले ही दिखा दी थी। सचिन ने 1989 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था और अपना पहला शतक लगाने से पहले ही वह वनडे में 2000 से अधिक रन बना चुके थे।
9 सितंबर 1994 को सचिन ने आखिरकार वनडे क्रिकेट में अपने शतकों का सूखा खत्म किया। श्रीलंका के कोलंबो में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए इस युवा भारतीय बल्लेबाज ने अपने 79वें वनडे मैच में 130 गेंदों पर 110 रन बनाए। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए यह इंतजार असामान्य रूप से लंबा था जिसने अपनी असाधारण प्रतिभा की झलक बहुत पहले ही दिखा दी थी। सचिन ने 1989 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था और अपना पहला शतक लगाने से पहले ही वह वनडे में 2000 से अधिक रन बना चुके थे।
#OnThisDay in 1994 - Batting great @sachin_rt scored his first ODI hundred. Relive the magic - DD SPORTS#Legend #SRT pic.twitter.com/hgvSm42yKK
— BCCI (@BCCI) September 9, 2019
सचिन तेंदुलकर
- फोटो : Instagram
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच उस मैच का हाल
- भारत और ऑस्ट्रेलिया के साथ मेजबान श्रीलंका की त्रिकोणीय सीरीज के तीसरे मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। आर प्रेमदासा स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर ने मनोज प्रभाकर के साथ पारी की शुरुआत की।
- दोनों ने भारत को एक ठोस शुरुआत दी, इससे पहले कि प्रभाकर 20 रन बनाकर आउट हो गए। जैसे-जैसे दूसरे छोर पर विकेट गिरते रहे, सचिन ने पारी को संभाला और अपने पहले शतक की ओर बढ़ते रहे।
- सचिन ने आखिरकार वनडे में अपना पहला शतक जड़ा और 130 गेंदों में 110 रन बनाकर आउट हुए। यह केवल सचिन का पहला वनडे शतक नहीं था। यह वह पारी थी जिसने भविष्य में वनडे क्रिकेट में एक उभरते हुए सितारे की झलका दिखाई थी।
- भारत ने 246/8 का स्कोर बनाया, जिसमें सचिन की पारी ने अहम भूमिका निभाई। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम 215 रन पर ढेर हो गई, जिससे भारत को 31 रन से जीत मिल गई।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : BCCI
सचिन के नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक का रिकॉर्ड
32 साल पहले सचिन ने जब अपना पहला वनडे शतक लगाया तो उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसे मुकाम पर पहुंचेंगे, जहां उन तक पहुंच पाना आसान नहीं होगा। सचिन ने अपने वनडे करियर में 49 वनडे शतक बनाए और अपने करियर का अंत कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ किया। सचिन के नाम अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड कायम है। लेकिन इन रिकॉर्डों के बनाने से पहले उनके पहले वनडे शतक का लंबा इंतजार था, जो 9 सितंबर 1994 को समाप्त हुआ था।
32 साल पहले सचिन ने जब अपना पहला वनडे शतक लगाया तो उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक ऐसे मुकाम पर पहुंचेंगे, जहां उन तक पहुंच पाना आसान नहीं होगा। सचिन ने अपने वनडे करियर में 49 वनडे शतक बनाए और अपने करियर का अंत कुल 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के साथ किया। सचिन के नाम अभी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने का रिकॉर्ड कायम है। लेकिन इन रिकॉर्डों के बनाने से पहले उनके पहले वनडे शतक का लंबा इंतजार था, जो 9 सितंबर 1994 को समाप्त हुआ था।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : Social Media
भारतीय फैंस के लिए यादगार बना दिन
जब सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली और कम उम्र के कारण पहले ही चर्चा का विषय बन चुके थे। टेस्ट क्रिकेट में वह अपनी कला का लोहा मनवा चुके थे, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में शतक का सूखा उनके नाम के आगे एक सवालिया निशान की तरह था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस पारी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने बेहद दबाव और मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के तरकश के हर तीर को नाकाम कर दिया था। यह शतक सिर्फ एक आंकड़े या स्कोरबोर्ड पर दर्ज रनों की संख्या भर नहीं था, बल्कि यह उस अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक था जो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट की पहचान बनने वाला था। इसके बाद सचिन के बल्ले से रनों की जो आंधी चली, उसने रिकॉर्ड बुक के कई पन्नों को नए सिरे से लिखा। इस पहली शतकीय पारी के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोलंबो की वह शाम भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक नए युग के आगमन का गवाह बनी। सचिन तेंदुलकर का वह पहला वनडे शतक भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक ऐसा संस्मरण बन गया, जिसे आज भी उतनी ही शिद्दत से याद किया जाता है।
जब सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू किया था, तब वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी शैली और कम उम्र के कारण पहले ही चर्चा का विषय बन चुके थे। टेस्ट क्रिकेट में वह अपनी कला का लोहा मनवा चुके थे, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में शतक का सूखा उनके नाम के आगे एक सवालिया निशान की तरह था। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस पारी की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि उन्होंने बेहद दबाव और मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के तरकश के हर तीर को नाकाम कर दिया था। यह शतक सिर्फ एक आंकड़े या स्कोरबोर्ड पर दर्ज रनों की संख्या भर नहीं था, बल्कि यह उस अटूट आत्मविश्वास का प्रतीक था जो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट की पहचान बनने वाला था। इसके बाद सचिन के बल्ले से रनों की जो आंधी चली, उसने रिकॉर्ड बुक के कई पन्नों को नए सिरे से लिखा। इस पहली शतकीय पारी के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोलंबो की वह शाम भारतीय खेल प्रेमियों के लिए एक नए युग के आगमन का गवाह बनी। सचिन तेंदुलकर का वह पहला वनडे शतक भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक ऐसा संस्मरण बन गया, जिसे आज भी उतनी ही शिद्दत से याद किया जाता है।