फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   A man who had been declared dead in hospital records suddenly came back to life news in hindi

एमपी का अजब मामला: डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया, शव वाहन बुक हुआ, तभी मरीज ने ले ली सांस; अस्पताल में हड़कंप

Sat, 05 Sep 2026 05:12 PM IST
रीवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा Published by: रीवा ब्यूरो Updated Sat, 05 Sep 2026 05:12 PM IST
सार

MP: रीवा के संजय गांधी अस्पताल में गंभीर मरीज गिरजा प्रसाद को कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। शव वाहन बुक होने के बाद परिजनों को उसकी सांसें चलती मिलीं। मरीज को दोबारा भर्ती कर इलाज शुरू किया गया, हालत गंभीर बनी है।

विज्ञापन
A man who had been declared dead in hospital records suddenly came back to life news in hindi
मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रीवा के संजय गांधी अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ी लापरवाही का आरोप सामने आया है। यहां इलाज के लिए भर्ती एक मरीज को कथित तौर पर मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए शव वाहन तक बुक कर लिया था। लेकिन अस्पताल से ले जाने से पहले जब परिजनों ने मरीज का हाथ पकड़कर देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और मरीज को दोबारा इलाज के लिए शिफ्ट किया गया।

विज्ञापन

क्या है मामला?
बताया जा रहा है कि सीधी निवासी गिरजा प्रसाद को गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह एक दिन पहले ही अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि जांच के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव को घर ले जाने की तैयारी करने लगे और शव वाहन भी बुक कर लिया। इसी दौरान परिजनों को पता चला कि गिरजा प्रसाद की सांसें चल रही हैं। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। इसके बाद मरीज को दोबारा इलाज के लिए शिफ्ट किया गया। फिलहाल उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उपचार जारी है।

विज्ञापन


पढ़ें: सीएम ने कहा- इंदौर के विकास को मिलेगी नई गति; राहुल के दौरे पर भी बोले

विज्ञापन
विज्ञापन

मामले में मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. पीके बघेल ने बताया कि प्रथम वर्ष के एक छात्र ने मरीज की जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया था। बाद में मरीज के जीवित होने की जानकारी सामने आई।

डॉ. बघेल के अनुसार, यह बेहद दुर्लभ स्थिति है, जिसे मेडिकल साहित्य में लाजरस सिंड्रोम कहा जाता है। हालांकि, मरीज को किस आधार पर मृत घोषित किया गया और इस मामले में किस स्तर पर चूक हुई, इसकी जांच की जरूरत है। घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान देने से इनकार किया है। मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed