Raisen Crime: सांची में हार्डवेयर कारोबारी की हत्या का खुलासा, पहचान की चूक से बदला पूरा खेल
रायसेन के सांची में हार्डवेयर कारोबारी राकेश लोधी की हत्या का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा कर दिया। असली निशाना उसका भाई भगवानदास था, लेकिन पहचान की गलती से राकेश की हत्या हुई। दो आरोपी और एक नाबालिग हिरासत में हैं।
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रायसेन जिले के सांची थाना क्षेत्र में 25 जुलाई की रात हार्डवेयर कारोबारी राकेश लोधी की हत्या के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि बदमाशों का असली निशाना राकेश नहीं, बल्कि उनका भाई भगवानदास लोधी था। हालांकि अंधेरे और पहचान की चूक के कारण हमलावरों ने गलत व्यक्ति पर हमला कर दिया। पुलिस ने अब तक दो आरोपियों और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई की रात राकेश लोधी अपने भाई बबलेश लोधी के साथ सलामतपुर चौराहे स्थित दुकान बंद कर बाइक से अपने गांव मेढ़की लौट रहे थे। रास्ते में पहले से घात लगाए बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और तलवारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में राकेश लोधी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बबलेश किसी तरह जान बचाकर निकलने में सफल रहे। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने तत्काल विशेष टीम गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक के मार्गदर्शन और एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के नेतृत्व में सांची समेत तीन थाना क्षेत्रों की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस भोपाल के करोंद क्षेत्र तक पहुंची।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी की मृतक के परिवार से पुरानी रंजिश थी। उसका विवाद राकेश के भाई भगवानदास लोधी से था और उसी की हत्या करने की योजना बनाई गई थी। पुलिस के मुताबिक, एकतरफा लगाव और बाद में हुए विवाद के चलते आरोपी भगवानदास से रंजिश रखता था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची, लेकिन अंधेरे में पहचान की गलती के कारण भगवानदास की जगह राकेश पर हमला कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में भोपाल निवासी 25 वर्षीय गोलू उर्फ धीरेंद्र पाल और बाबू उर्फ प्रिंसराज को गिरफ्तार किया है। इनके साथ एक नाबालिग को भी अभिरक्षा में लिया गया है। पूछताछ में वारदात में इस्तेमाल हथियार और साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं, एसपी आशुतोष गुप्ता ने कहा कि रायसेन पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि 48 घंटे के भीतर मुख्य आरोपियों तक पहुंचना पुलिस टीम की सतर्कता और प्रभावी जांच का परिणाम है। फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
