फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   A farewell in a palanquin in Seoni, talk of a transfer in Bhopal: what transpired during IAS officer Sanskruti

कौन हैं आईएएस संस्कृति जैन?: सिवनी में पालकी से हुई विदाई, भोपाल से तबादले पर गरमा गया माहौल; क्या हुआ जानिए?

Mon, 19 Oct 2026 03:32 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Mon, 19 Oct 2026 03:32 PM IST
सार

सिवनी में पालकी में बैठाकर विदाई पाने वाली आईएएस अधिकारी संस्कृति जैन को भोपाल नगर निगम आयुक्त के पद से विदा कर दिया गया। दोनों जगहों की विदाई में जमीन-आसमान का अंतर है। अब इस तबादले से राजनीतिक महौल गरमा गया है। इन सब के पीछे भोपाल नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की चेतावनी और स्थाई विदा वाली फेसबुक पोस्ट को कारण माना जा रहा है। 

विज्ञापन
A farewell in a palanquin in Seoni, talk of a transfer in Bhopal: what transpired during IAS officer Sanskruti
आईएएस संस्कृति जैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक शहर में विदाई ऐसी कि अधिकारी पालकी में बैठीं और वीडियो सोशल मीडिया पर छा गए। दूसरे शहर में करीब एक साल के कार्यकाल के बाद तबादला हुआ तो विवाद खड़ा हो गया। भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी संस्कृति जैन  भोपाल नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी से मुक्त हो गई हैँ। उनको वित्त विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी जगह रामप्रकाश अहिरवार को भोपाल नगर निगम आयुक्त बनाया गया है। चार आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश के बाद संस्कृति जैन का नाम फिर सुर्खियों में है। खास बात यह है कि नगर निगम परिषद की अगली बैठक 24 अक्टूबर को प्रस्तावित है। उससे पहले ही आयुक्त बदल दी गईं। ऐसे में उनके भोपाल कार्यकाल की सबसे चर्चित घटनाएं फिर सामने आ रही हैं। सरकार ने तबादले की वजह नगर निगम के विवादों को नहीं बताया है लेकिन तबादले की टाइमिंग पर चर्चा हो रही है। 
विज्ञापन




 दो शहरों में विदाई के दो रंग 
संस्कृति जैन भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। भोपाल नगर निगम आयुक्त बनने से पहले वह सिवनी की कलेक्टर थीं। वहां करीब 15 महीने के कार्यकाल के बाद अक्टूबर 2025 में उनका तबादला हुआ था। विदाई समारोह में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सुनहरे रंग की सजी हुई पालकी में बैठाकर विदा किया था। उनकी दोनों बेटियां भी पालकी में उनके साथ बैठी थीं। इस विदाई के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए और समारोह चर्चा का विषय बन गया था। सिवनी में पारंपरिक अंदाज में मिली विदाई के करीब एक साल बाद भोपाल से उनका तबादला अलग वजहों से चर्चा में है। यहां नगर निगम परिषद की बैठक में अध्यक्ष की नाराजगी, ‘परमानेंट विदा’ वाली टिप्पणी और राजनीतिक बयानबाजी उनके कार्यकाल के आखिरी दौर से जुड़ी सुर्खियां बन गई हैं।
विज्ञापन


19 अगस्त की बैठक में क्या हुआ था, जब अध्यक्ष ने दी थी चेतावनी?
भोपाल नगर निगम परिषद की 19 अगस्त 2026 को हुई बैठक संस्कृति जैन के कार्यकाल का चर्चित घटनाक्रम रही। बैठक के दौरान आयुक्त के अचानक सदन से चले जाने पर नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने नाराजगी जताई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जैन अध्यक्ष को सूचित किए बिना बैठक से चली गई थीं। इस पर अध्यक्ष ने चेतावनी दी थी कि भविष्य में ऐसा नहीं होना चाहिए, अन्यथा उन्हें स्थायी रूप से भेज दिया जाएगा। उस बैठक में शहर की सड़कों की स्थिति, सफाई व्यवस्था, जलभराव और दूषित पानी जैसे मुद्दे भी उठे थे। आयुक्त के सदन से जाने और अध्यक्ष की नाराजगी ने प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


 ‘परमानेंट विदा’ का जिक्र भी चर्चा में
24 अक्टूबर की अगली बैठक से पहले संस्कृति जैन का तबादला हो गया है। इसी बीच अध्यक्ष की फेसबुक पोस्ट में ‘परमानेंट विदा’ का जिक्र भी चर्चा में आया। पुरानी चेतावनी और नई पोस्ट को लोग मौजूदा प्रशासनिक फेरबदल के संदर्भ में देख रहे हैं। लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि तबादला इसी विवाद के कारण हुआ, क्योंकि सरकार की ओर से ऐसी कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।

कांग्रेस ने उठाए तालमेल पर सवाल, जनता की परेशानी का भी किया जिक्र
नगर निगम अध्यक्ष की टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने भी इस घटनाक्रम को लेकर सवाल उठाए। कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरौलिया ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूर्व नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन पर अध्यक्ष का कटाक्ष अधिकारियों और भाजपा सरकार के बीच तालमेल की कमी दिखाता है। बरौलिया ने भोपाल की व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि शहर की बदहाल व्यवस्था का कारण यही है और जनता परेशान है। कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से मामला केवल प्रशासनिक तबादले तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नगर निगम और सरकार के बीच समन्वय को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई।

कार्यकाल में विभागीय बदलाव और संपत्तिकर रिकॉर्ड भी रहे चर्चा में
संस्कृति जैन के कार्यकाल के दौरान नगर निगम में विभागीय जिम्मेदारियों में भी बदलाव किए गए। जून 2026 में स्वास्थ्य, सफाई, राजस्व और संपत्तिकर से जुड़े विभागों की जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास हुआ था। इसका उद्देश्य विभागीय कामकाज और निगरानी के बीच समन्वय बढ़ाना बताया गया था। अक्टूबर में साढ़े तीन लाख से अधिक संपत्तिकर खातों को ई-नगरपालिका 2.0 प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने की तैयारी भी चर्चा में रही। इस प्रक्रिया का मकसद संपत्तिकर रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना और दोहरे खातों तथा रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ियों जैसी समस्याओं को दूर करना था। इन प्रशासनिक बदलावों के बीच नगर निगम की बुनियादी सेवाओं सफाई, सड़क, पेयजल और जलभराव को लेकर शहर की अपेक्षाएं बनी रहीं। परिषद की बैठक में उठे मुद्दों ने भी इन व्यवस्थाओं को चर्चा के केंद्र में रखा।



यह भी पढ़ें-दशहरे पर बारिश बिगाड़ सकती है जश्न का रंग: इंदौर-उज्जैन में आंधी का भी अलर्ट,15 जिलों में आज बरसेंगे बादल

अब 24 अक्टूबर की बैठक नए आयुक्त के सामने होगी
राज्य सरकार के आदेश के मुताबिक, संस्कृति जैन को वित्त विभाग में उप सचिव बनाया गया है। रामप्रकाश अहिरवार अब भोपाल नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे में 24 अक्टूबर को प्रस्तावित परिषद की बैठक नए आयुक्त के कार्यकाल में होगी। नए आयुक्त के सामने शहर की सफाई, सड़क, जलभराव, पेयजल और संपत्तिकर व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां रहेंगी। साथ ही नगर निगम प्रशासन और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना भी अहम होगा। 


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed