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लखनऊ: डिलीवरी के बाद बिगड़ी तबीयत, प्रसूता की मौत: दुधमुंही नातिन को लेकर इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही नानी

Tue, 13 Oct 2026 07:55 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 13 Oct 2026 07:55 AM IST
सार

राजधानी में निजी अस्पताल में डिलीवरी के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। अब दुधमुंही नातिन को लेकर नानी इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है। सीएमओ से भी कार्रवाई की गुहार लगाई है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Woman dies after childbirth at private hospital in Lucknow
अस्पताल (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ में प्रसूता की मौत के मामले में जनसेवा हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को मृतका की मां अपनी एक माह की नातिन को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचीं। अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सितंबर में आईजीआरएस पर शिकायत की गई थी। इसी मामले में बयान दर्ज कराने पहुंचीं मां ने कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि कर्मचारियों ने उन्हें सीएमओ से मिलने नहीं दिया। बाद में जूनियर डॉक्टर संदीप सिंह ने उनके बयान दर्ज किए।

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मोहनलालगंज के टिकरा साहनी गांव निवासी संदीप की पत्नी प्रीति (28) को छह सितंबर को प्रसव पीड़ा होने पर जनसेवा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, प्रसव के लिए 25 हजार रुपये जमा कराए गए थे। डिलीवरी के बाद हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रशासन ने उन्हें क्वीनमेरी रेफर कर दिया। वहां बेड नहीं मिलने पर परिजन प्रीति को मेदांता ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई। प्रीति की मां माधुरी ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि सुनवाई नहीं हुई तो परिजन सीएमओ कार्यालय पर धरना देंगे।

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सीएमओ ने कर रखी है जूनियर डॉक्टर की तैनाती

सीएमओ कार्यालय में लेवल-1 ग्रेड के पद पर जूनियर डॉक्टर की तैनाती भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि कार्यालय में यह पद स्वीकृत नहीं होने के बावजूद तैनाती की गई। इसकी शिकायत शासन स्तर पर भी हुई थी। हालांकि, जांच शुरू होने से पहले प्रमुख सचिव के हटने के बाद मामला लंबित पड़ गया।

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जनसेवा हॉस्पिटल, मोहनलालंगज के संचालक प्रमोद शुक्ला ने कहा कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज का सिजेरियन होने के बाद बीपी कम हो गया था। इसके बाद परिजन डिस्चार्ज कराकर दूसरे अस्पताल ले गए थे। वहां पर इलाज के दौरान मौत हुई है।  


सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। लापरवाही की पुष्टि होने पर अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। जूनियर डॉक्टर की तैनाती पर शासन से कोई शिकायत नहीं आई है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। 

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