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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: High Court's major ruling on hookah bars in the state; petitions from over 70 cafes and restaurants dismis

यूपी: प्रदेश में हुक्का बार को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 70 से अधिक कैफे-रेस्तरां की याचिकाएं खारिज

Tue, 29 Sep 2026 04:23 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ
डिजिटल डेस्क, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 29 Sep 2026 04:23 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश में हुक्का बार के संचालन को लेकर अहम फैसला दिया। अदालत ने 70 से अधिक कैफे और रेस्तरां की याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि निर्धारित स्मोकिंग एरिया में भी हुक्का बार नहीं चलाया जा सकता। फैसले की प्रति मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी जाएगी।

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UP: High Court's major ruling on hookah bars in the state; petitions from over 70 cafes and restaurants dismis
हाईकोर्ट का बड़ा आदेश। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश में हुक्का बार के संचालन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि रेस्तरां और कैफे में बनाए गए निर्धारित स्मोकिंग एरिया में भी हुक्का बार का संचालन नहीं किया जा सकता। अदालत ने इस संबंध में 70 से अधिक कैफे और रेस्तरां की याचिकाएं खारिज कर दीं।

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मामले में एम/एस अफटेक फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड, फैशन टीवी कैफे, गोमतीनगर समेत अन्य प्रतिष्ठानों ने याचिका दाखिल कर पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनके पास खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस है और उन्होंने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA) के तहत निर्धारित स्मोकिंग एरिया भी बनाया है।
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कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। फैसले के मुताबिक, 23 मई 2017 को COTPA के नियम 4(3) में किए गए संशोधन के बाद स्मोकिंग एरिया में किसी भी तरह की सेवा उपलब्ध कराने की अनुमति नहीं है।

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सेल्फ सर्विस का तर्क भी नहीं माना

याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी तर्क दिया गया था कि हुक्का बाहर तैयार किया जाएगा और ग्राहक खुद उसे लेकर स्मोकिंग एरिया में जाएगा, इसलिए इसे सेवा नहीं माना जाना चाहिए। कोर्ट ने इस तर्क को भी स्वीकार नहीं किया और कहा कि हुक्का पीने के लिए मानवीय सहायता आवश्यक होती है, इसलिए इसे सेवा की श्रेणी में माना जाएगा। फैसले में अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निकायों के पास हुक्का बार के संचालन के लिए लाइसेंस जारी करने का अधिकार नहीं है।

 

मुख्य सचिव और डीजीपी को भेजी जाएगी फैसले की प्रति

अदालत ने फैसले की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सूचना और अनुपालन के लिए भेजने का निर्देश दिया है। फैसले में COTPA की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस की कार्रवाई के अधिकारों का भी उल्लेख किया गया है।

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