Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: Government doctors will now be able to pursue super-specialty studies; they will be required to serve in h

यूपी: सरकारी डॉक्टर अब कर सकेंगे सुपर स्पेशियलिटी की पढ़ाई, दस साल अस्पतालों में देनी होगी सेवा; जानें अपडेट

Thu, 05 Nov 2026 08:10 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Akash Dwivedi Updated Thu, 05 Nov 2026 08:10 PM IST
सार

: उत्तर प्रदेश में सरकारी डॉक्टर अब सुपर स्पेशियलिटी समेत उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर सकेंगे। इसके लिए विभागीय अनुमति और निर्धारित शर्तें पूरी करनी होंगी। पढ़ाई के बाद दस साल सरकारी अस्पतालों में सेवा अनिवार्य होगी। शर्त तोड़ने पर एक करोड़ रुपये का बांड देना पड़ेगा। अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष तय की गई है।

विज्ञापन
UP: Government doctors will now be able to pursue super-specialty studies; they will be required to serve in h
डिप्टी सीएम बृजेश पाठक। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रदेश के प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा (पीएमएचएस) संवर्ग के डॉक्टर अब सुपर स्पेशियलिटी समेत अन्य उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर सकेंगे। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने इस संबंध में शासनादेश जारी कर इसके लिए नियम और शर्तें तय कर दी हैं।

विज्ञापन


डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार के इस फैसले से सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी। हालांकि पढ़ाई पूरी करने के बाद डॉक्टरों को दस साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवा देनी होगी। 
विज्ञापन


शर्त पूरी नहीं करने पर एक करोड़ रुपये का बांड भरना होगा। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि पीजी डिग्री और डिप्लोमा वाले डॉक्टर नीट या समकक्ष प्रवेश परीक्षा के जरिए उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए विभाग से इजाजत लेनी होगी। डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, सतर्कता जांच या आपराधिक मामला लंबित नहीं होना चाहिए। प्रोबेशन अवधि पूरी होनी चाहिए। साथ ही स्थायीकरण आदेश जारी होना भी आवश्यक है। सेवा रिकॉर्ड भी संतोषजनक होना चाहिए। प्रोबेशन पूरा होने के बावजूद स्थायीकरण आदेश जारी नहीं होने पर विशेष परिस्थितियों में छूट दी जा सकती है।

Trending Videos

अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष

डिप्टी सीएम ने बताया कि उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए डॉक्टरों की अधिकतम आयु 45 वर्ष निर्धारित की गई है। इसकी गणना आवेदन वर्ष से पहले के वर्ष की 31 दिसंबर के आधार पर होगी। 
पहले पीजी डिप्लोमा कर चुके डॉक्टर उसी विशेषज्ञता में डिग्री या दूसरी विशेषज्ञता में एनएमसी से मान्यता प्राप्त डिप्लोमा कर सकेंगे। पीजी डिग्री वाले डॉक्टर दूसरे विषय में पीजी डिग्री की पढ़ाई कर सकेंगे।



 

एमबीबीएस और पीजी डिग्री जमा करनी होगी

पढ़ाई के लिए जाने वाले डॉक्टरों की एमबीबीएस और पीजी डिग्री महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालय में जमा रहेंगी। पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने पर अगले पांच साल तक किसी अन्य उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। 

तीन से अधिक बार परीक्षा में असफल होने पर दोबारा परीक्षा देने के लिए शासन की अनुमति लेनी होगी। पढ़ाई पूरी होते ही डॉक्टरों को अपनी पुरानी तैनाती पर वापस कार्यभार संभालना होगा।

दो साल अध्ययन अवकाश और एक साल बिना वेतन छुट्टी

पहली बार अनुमति लेकर उच्चतर चिकित्सा पाठ्यक्रम करने वाले डॉक्टरों को दो वर्ष का अध्ययन अवकाश मिलेगा। एक वर्ष का बिना वेतन असाधारण अवकाश मिलेगा। पहले अनुमति लेकर पीजी कर चुके डॉक्टरों को पढ़ाई के दौरान बिना वेतन असाधारण अवकाश दिया जाएगा। अवकाश स्वीकृत होने के बाद ही उनकी सेवा नियमित और निरंतर मानी जाएगी।

 

पहले पीजी कर चुके डॉक्टरों पर सख्त शर्तें

उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बताया कि शासनादेश में पहले पीजी की पढ़ाई कर चुके डॉक्टरों के लिए भी विशेष प्रावधान हैं। ऐसे डॉक्टरों को पहले की पढ़ाई के बाद निर्धारित दस वर्ष की अनिवार्य सेवा में कम से कम पांच वर्ष पूरे करने होंगे। 

इसके बाद ही दोबारा पढ़ाई की अनुमति मिलेगी। दूसरी पढ़ाई पूरी करने के बाद पहले की बची सेवा और नई सेवा को मिलाकर कुल 15 वर्ष तक सरकारी अस्पतालों में काम करना होगा।  पहले की सेवा शर्तों का उल्लंघन करने पर एक करोड़ रुपये और नई पढ़ाई की शर्त तोड़ने पर अतिरिक्त एक करोड़ रुपये देने होंगे। इस तरह कुल बांड राशि दो करोड़ रुपये तक हो सकती है। शासनादेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed