यूपी: फर्जी आधार-जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाला गिरोह पकड़ा, सॉफ्टवेयर से बदलते थे पहचान; सगरना समेत दो गिरफ्तार
लखनऊ में एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी आधार, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी सॉफ्टवेयर की मदद से आधार में बदलाव करते थे और इसके आधार पर अन्य दस्तावेज तैयार कर लोगों से रकम लेते थे।
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महाराष्ट्र के पायधुनी थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित फर्जी आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने लखनऊ से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लंबे समय से पुलिस की तलाश में थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इम्तियाज सिद्दीकी राइन और गौस सलवा खान के रूप में हुई है। दोनों को 22 सितंबर की रात करीब 10 बजे लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र स्थित अवध किशन होटल के पास से पकड़ा गया।
सॉफ्टवेयर की मदद से बदल देता था आधार की जानकारी
पूछताछ में इम्तियाज ने बताया कि उसका जन्म अयोध्या में हुआ था। करीब 5-7 साल अयोध्या में रहने के बाद वह मुंबई चला गया था। शुरुआत में वह घूम-घूमकर लोगों के पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का काम करता था। बाद में उसने अपना जनसेवा केंद्र खोल लिया।
आरोप है कि इसके बाद उसकी मुलाकात गिरोह से जुड़े लोगों से हुई। उसे कथित तौर पर ऐसा सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया, जिसकी मदद से वह बिना निर्धारित प्रक्रिया के लोगों की जरूरत के मुताबिक आधार कार्ड में बदलाव कर देता था। इन आधार कार्डों के आधार पर अन्य दस्तावेज भी तैयार किए जाते थे।
दस्तावेज बनाने के लिए लेते थे रुपये
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी फर्जी आधार, जन्म प्रमाण पत्र और पैन कार्ड आदि तैयार करने के बदले लोगों से रकम लेते थे। पुलिस के अनुसार इस मामले में महाराष्ट्र के पायधुनी थाने में बीएनएस और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
महाराष्ट्र पुलिस को आरोपियों के उत्तर प्रदेश में होने की जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ से सहयोग मांगा गया था। इसके बाद एसटीएफ अयोध्या इकाई और मुंबई पुलिस की टीम ने लखनऊ में अभिसूचना जुटाई और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।