फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   UP: CM Yogi Adityanath said- Every week there will be a big recruitment event in the state

यूपी: योगी बोले- प्रदेश में हर सप्ताह होगा बड़ा भर्ती इवेंट, छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देंगे

Sun, 20 Sep 2026 03:15 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sun, 20 Sep 2026 03:15 PM IST
सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा।

विज्ञापन
UP: CM Yogi Adityanath said- Every week there will be a big recruitment event in the state
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कर नहीं पाए, वे हमेशा बोलेंगे। जिन्होंने अपनी अकर्मण्यता और अक्षमता से उत्तर प्रदेश को बीमारू बनाया, उनके निकम्मेपन और निठल्लेपन को यूपी और देश देख चुका है। ऐसे लोगों को आज यूपी पुलिस या प्रदेश की व्यवस्था पर बोलने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि विपक्ष गिनता जाए, सरकार नियुक्तियां देती जाएगी। शनिवार को 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए, रविवार को 912 को दिए जा रहे हैं और अब 22 सितंबर को फिर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी देने के साथ प्रदेश में हर सप्ताह एक बड़ा भर्ती इवेंट होगा।

विज्ञापन

 
मुख्यमंत्री योगी रविवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा के पदों पर चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने पर बधाई दी।
विज्ञापन

 
पारदर्शी चयन शासन के प्रति विश्वास का प्रतीक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब किसी योग्य अभ्यर्थी का चयन शुचितापूर्ण और पारदर्शी परीक्षा के माध्यम से होता है तो यह केवल उसके परिवार के लिए उपलब्धि नहीं होती, बल्कि शासन के प्रति आम आदमी के विश्वास का भी प्रतीक बनता है। 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों के कारण नौजवानों में निराशा और हताशा थी। भाई-भतीजावाद ने पूरे सिस्टम को इस तरह जकड़ रखा था कि पारदर्शिता और शुचिता की कल्पना नहीं की जा सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
उन्होंने कहा कि भर्ती का विज्ञापन आते ही युवाओं के मन में यह भाव आता था कि बिना सिफारिश और लेनदेन के चयन नहीं हो पाएगा। परीक्षा और चयन प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल खड़े होते थे और पेपर लीक के मामले सामने आते थे। मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि यूपी पुलिस में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें परीक्षा कोई देता था और नियुक्ति पत्र किसी दूसरे को मिलता था। जो अभ्यर्थी आवेदन तक नहीं करते थे, उन्हें नियुक्ति पत्र बांट दिए जाते थे और योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था।

नियुक्ति से तैनाती तक सिफारिश की जरूरत नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के बाद भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए। पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और शिक्षा से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं में बदलाव किया गया। समूह ग और घ की भर्ती से साक्षात्कार समाप्त किया गया, ताकि योग्य अभ्यर्थी को किसी स्तर पर भेदभाव का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अब विज्ञापन से लेकर परीक्षा, नियुक्ति पत्र, प्रशिक्षण और जिलों में तैनाती तक किसी अभ्यर्थी को सिफारिश कराने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। किसी के साथ भेदभाव भी नहीं होगा। हर व्यक्ति को उसकी योग्यता, क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर अवसर मिलेगा।

साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को मिली नियुक्ति

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 के बाद भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों का परिणाम है कि साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश शासन में सेवा का अवसर मिला है। भर्ती की कई प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यूपी बीमारू राज्य की स्थिति से उभरा है और आज देश के उन राज्यों में है, जो खुद को रेवेन्यू सरप्लस कह सकते हैं। नौ-साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना हुई है। अब यूपी के नौजवानों और नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है। नए निवेश आ रहे हैं और नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
 
दंगा और कर्फ्यू वाले यूपी की बदली पहचान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को प्रदेश से बाहर अपनी पहचान छिपानी पड़ती थी। यूपी में अवसर नहीं थे। हर दूसरे दिन दंगे होते थे और महीनों कर्फ्यू रहता था। बरेली, अलीगढ़, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत अलग-अलग हिस्सों में दंगों की स्थिति रहती थी।
 
उन्होंने कहा कि उस समय माफिया सामान्य नागरिक और व्यापारी ही नहीं, बल्कि प्रशासन, पुलिस और न्यायपालिका से जुड़े लोगों के लिए भी चुनौती बने हुए थे। माफिया का काफिला निकलता था तो दूसरे लोगों के वाहन रोक दिए जाते थे। आज कोई माफिया असलहा लहराते हुए खुली जीप में उपद्रव करने का दुस्साहस नहीं कर सकता।
 
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उपद्रवग्रस्त प्रदेश को उत्सवपूर्ण प्रदेश के रूप में बदला गया है। उत्तर प्रदेश की छवि कर्फ्यू मुक्त और माफिया मुक्त प्रदेश के रूप में बनी है। कुंभ और महाकुंभ से लेकर पर्व-त्योहार, वीवीआईपी दौरे और स्थानीय आयोजन सकुशल संपन्न हो रहे हैं। इस बदलाव में यूपी पुलिस की बड़ी भूमिका है।

अब देश में होती है यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले मध्य और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई जिलों और कस्बों में जिन परिवारों के पास क्षमता थी, वे अपनी बेटियों को पढ़ाई के लिए प्रदेश से बाहर रिश्तेदारों या हॉस्टल में रखते थे। जिनके पास साधन नहीं थे, वे बेटियों को घर बैठाने को मजबूर थे। उन्होंने कहा कि आज कोई राह चलती बेटी को छेड़ने का दुस्साहस नहीं कर सकता। ऐसा करने वाले को मालूम है कि उसका अंजाम क्या होगा। यूपी के प्रति बदले नजरिए में यूपी पुलिस का बड़ा योगदान है। आज देश में यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है और लोग पूछते हैं कि यूपी में दंगे और उपद्रव क्यों नहीं हो रहे हैं।

पेपर लीक करने वालों के लिए बनाया कठोर कानून

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस के आधे से ज्यादा पद खाली थे। प्रदेश में चार लाख पुलिस बल की आवश्यकता थी, लेकिन दो लाख से भी कम पुलिसकर्मी थे। भर्तियां न्यायालयों में अटकी हुई थीं। सरकार ने भर्ती व्यवस्था में सुधार कर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया।
 
उन्होंने कहा कि पेपर लीक कराने या भर्ती से जुड़े अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ ऐसा कानून बनाया गया, जिसमें आजीवन कारावास की सजा और पूरी संपत्ति जब्त करने तक का प्रावधान है। भर्ती की प्रक्रियाओं को दुरुस्त कर पुलिस में खाली पदों को भरने का काम आगे बढ़ाया गया।
 
छह हजार से बढ़कर 60 हजार हुई प्रशिक्षण क्षमता
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में छह हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की भी क्षमता नहीं थी। आज यूपी पुलिस 60 हजार पुलिसकर्मियों को एक साथ प्रशिक्षण देने की क्षमता अर्जित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े प्रदेश में पहले 10 हजार महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थीं। अब यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है। वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इस वर्ष के अंत तक महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 50 हजार तक पहुंच जाएगी।
 
फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट से साइबर थानों तक बढ़ी ताकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के साथ उसकी स्किलिंग पर भी ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश स्टेट फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई। इसके लिए एयरपोर्ट के पास पुलिस की 110 एकड़ भूमि को कब्जे से मुक्त कराया गया। हर रेंज में फॉरेंसिक लैब उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सात शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू की गई। यूपी एसएसएफ और एसडीआरएफ का गठन किया गया। हर जिले में साइबर थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। पीएसी की समाप्त की गई 34 कंपनियों को दोबारा गठित किया गया। तीन महिला पीएसी बटालियन बनाई गईं, जिन्हें बढ़ाकर छह किया जा रहा है।

56 जिलों में पुलिस की हाईराइज बैरक

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए केवल प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। पुलिसकर्मियों को उसी स्तर की सुविधाएं और संसाधन भी उपलब्ध कराने होंगे। सरकार ने पुलिस लाइन, बैरक और आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया है। प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची इमारत पुलिस बैरक या पुलिस की आवासीय सुविधा की है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर सुविधाएं मिलने से उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है। बदलती दुनिया और नई तकनीक के साथ पुलिस को भी लगातार खुद को तैयार करना होगा। तकनीक को समस्या मानकर नजरअंदाज करने के बजाय समाधान के रूप में इस्तेमाल करना होगा।
 
912 नियुक्तियां, 912 परिवारों के लिए भी प्रेरणा
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शासन नवचयनित पुलिसकर्मियों से आम आदमी की समस्याओं के समाधान में उसी संवेदनशीलता की अपेक्षा करता है, जिस संवेदनशीलता के साथ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। ये नियुक्ति पत्र केवल 912 व्यक्तियों को नहीं मिल रहे, बल्कि 912 परिवारों और उनसे जुड़े समाज के लोगों के लिए भी प्रेरणा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं को देखकर उनके गांव और मोहल्ले के दूसरे नौजवानों में भी विश्वास पैदा होगा कि वे बिना सिफारिश और लेनदेन अपनी योग्यता से सरकारी सेवा का हिस्सा बन सकते हैं।

पुलिस सेवा में कर्तव्य पहले, अधिकार बाद में: सुरेश खन्ना
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने नवचयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में होने वाली भर्तियां विवाद और संदेह के घेरे में रहती थीं। पुलिस की सेवा का मतलब केवल पद नहीं है, बल्कि इसमें कर्तव्य पहले और अधिकार बाद में आते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी मिलने का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति के अंदर अहंकार आ जाए। मुख्यमंत्री योगी के कार्यकाल में साढ़े नौ लाख से अधिक नियुक्तियां हुई हैं। नवचयनित पुलिसकर्मियों की कार्यशैली से ही लोग अंदाजा लगाएंगे कि योगी सरकार क्या कर रही है।
 
35 हजार पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी: राजीव कृष्ण
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने 912 चयनित अभ्यर्थियों, विशेषकर 173 महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि सभी का चयन पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया से हुआ है। इनका आधारभूत प्रशिक्षण छह अक्टूबर से शुरू होगा। छह माह के संस्थागत और तीन माह के व्यावहारिक प्रशिक्षण के बाद इन्हें तैनाती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 35 हजार पदों पर सीधी भर्ती और 9,457 पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। यूपी पुलिस की प्रशिक्षण क्षमता भी छह हजार से बढ़कर 60 हजार से अधिक हो चुकी है।
 
पौधा और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पौधा और भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना का पौधा और राम दरबार की प्रतिमा देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी की प्रेरणा से पारंपरिक पुष्पगुच्छ के स्थान पर पौधा भेंट करने की पहल की गई है। इसका उद्देश्य प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।
 
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था अमिताभ यश समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और नवचयनित अभ्यर्थी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed