यूपी: अखिलेश ने टिन्नू यादव से फोन पर बात होने को बताया झूठ, निशिकांत दुबे को दी चुनौती; FIR कराने की चेतावनी
Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने उस बात का जवाब दिया है जिसमें उन पर राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपी टिन्नू यादव से बात करने का आरोप लगा था।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चंदा चोरी में फंसे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव से उनकी फोन पर बातचीत को झूठ बताया है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिये इस बारे में सोशल मीडिया पर लिखने वाले झारखंड से भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे समेत सभी लोगों पर एफआईआर कराने की चेतावनी दी है।
डॉ. निशिकांत दुबे ने टिन्नू से अखिलेश की बातचीत का दावा करने वाली एक पोस्ट को एक्स पर रिपोस्ट करते हुए लिखा-टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था? इस पर अखिलेश ने एक्स पर ही जवाब दिया कि जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है। वे भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी मांगे या कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वे याद रखें कि भाजपा के नेता किसी के सगे नहीं हैं। जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आएगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।
पीडीए समाज को कंलकित करने के लिए कर रहे झूठ प्रचारित
अखिलेश ने कहा कि पीडीए समाज को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपा नेता और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। पीडीए समाज एकजुट होकर इसका जवाब देगा। चढ़ावा-चंदा-दान चोरों का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुखबिरों के वंशंजों में साहस है तो अपने अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।
प्रश्न ही तो पूछा है, परेशान क्यों : डॉ. निशिकांत दुबे
अखिलेश की 10 मिनट में पोस्ट हटाने की चेतावनी के बाद भी डॉ. निशिकांत दुबे ने पोस्ट नहीं हटाई। इतना ही नहीं अखिलेश की एफआईआर की चेतावनी वाली इस पोस्ट को टैग करते हुए डॉ. निशिकांत दुबे लिखते हैं-जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है। 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई। मैं भी इस सवाल को लेकर अदालत जाऊंगा।