यूपी: एमएसएमई अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर मांगे एक लाख, पहली किस्त के 50 हजार लेते दो रंगे हाथ धरे गए
एमएसएमई अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर एक लाख रिश्वत की मांग की गई। एंटी करप्शन ने एससी/एसटी हब के मैनेजर समेत दो को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी पहली किस्त के 50 हजार लेते पकड़े गए। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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एमएसएमई योजना के तहत मिलने वाले अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर 50 हजार रुपये रिश्वत लेते एंटी करप्शन संगठन की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में केंद्रीय एससी/एसटी हब लखनऊ के मैनेजर रवि ओरन और आउटसोर्सिंग कंपनी के बैंकिंग प्रोफेशनल विवेकानंद वर्मा शामिल हैं। दोनों के खिलाफ मड़ियांव थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
लखनऊ निवासी आशीष कुमार ने पानी का प्लांट लगाने के लिए एमएसएमई की एससी/एसटी अनुदान योजना के तहत बैंक ऑफ महाराष्ट्र की रजनीखंड शाखा से 25 लाख रुपये के अनुदान के लिए आवेदन किया था। बैंक ने प्लांट के निरीक्षण और रिपोर्ट के लिए एससी/एसटी हब को पत्र भेजा था।
गोपनीय जांच में आरोप सही पाए गए
आरोप है कि 20 मई को प्लांट का निरीक्षण करने के बाद भी रिपोर्ट संबंधित कार्यालय को नहीं भेजी गई। रिपोर्ट और अनुदान की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर विवेकानंद वर्मा और रवि ओरन ने एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने 19 सितंबर को एंटी करप्शन संगठन में शिकायत की। गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ट्रैप टीम गठित की गई।
24 सितंबर को टीम ने शिकायतकर्ता को 50 हजार रुपये देकर आरोपियों के पास भेजा। मुंशी पुलिया मेट्रो स्टेशन के पास विवेकानंद ने उससे रकम ली। बाद में उसने रकम रवि ओरन को दे दी। टीम ने दोनों को पकड़ लिया। उनकी निशानदेही पर कृष्णा कॉलोनी में सीढ़ी के नीचे छिपाए गए 50 हजार रुपये बरामद कर लिए गए। मड़ियांव इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से वह जेल भेजे गए। आगे की कार्रवाई की जा रही है।
10 फीसदी रिश्वत मांगी थी
एफआईआर के मुताबिक आरोपियों ने सबसे पहले कुल राशि का दस फीसदी रकम रिश्वत के तौर पर मांगी थी। 25 लाख के एवज में ढाई लाख रुपये आरोपी घूस के तौर पर वसूलना चाहते थे। तब आशीष ने रवि से कहा था कि वह इतनी रकम नहीं दे सकेंगे। फिर रवि एक लाख रुपये पर राजी हुआ था। जिसकी पहली किश्त लेने पहुंचे थे। तभी गिरफ्तार किए गए।