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Lucknow News: केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की कैजुल्टी की निगरानी के लिए बनी कमेटी
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लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर की कैजुअल्टी में मरीजों के इलाज और व्यवस्थाओं की निगरानी अब फार्मासिस्ट व अन्य कर्मचारी करेंगे। ये कर्मचारी रोजाना जांच करेंगे कि एंबुलेंस से मरीज को उतारने से लेकर बेड तक पहुंचाने और इलाज शुरू होने में कोई अड़चन तो नहीं आ रही है। खराब उपकरणों और दवाओं की कमी की रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को देंगे।
ट्रॉमा सेंटर की कैजुअल्टी में 42 बेड हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं और कई को स्ट्रेचर पर ही इलाज देना पड़ता है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि रोजाना 100 से अधिक मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया जाता है। भीड़ और सीमित बेड के बीच मरीजों को समय पर इलाज मिले, इसके लिए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
कर्मचारी जरूरी दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और उनकी जरूरत के मुताबिक उपलब्धता भी देखेंगे। किसी उपकरण के खराब होने या दवा की कमी मिलने पर इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि समय रहते समस्या दूर की जा सके। मरीजों को इलाज मिलने में देरी या किसी अन्य परेशानी की जानकारी भी अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
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एंबुलेंस से बेड तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी पुख्ता
डॉ. प्रेमराज ने बताया कि गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से उतारने के बाद तत्काल कैजुअल्टी तक पहुंचाने के लिए अलग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे मरीजों को समय पर इलाज शुरू कराने में मदद मिलेगी।
कैजुअल्टी गेट के पास बनेगा पंजीकरण काउंटर
तीमारदारों की सुविधा के लिए कैजुअल्टी गेट के पास नया पंजीकरण काउंटर बनाया जा रहा है। अभी एमआरआई मशीन के पास बने गेट पर काउंटर होने से तीमारदारों को पीछे जाना पड़ता है। सीएमएस के मुताबिक सोमवार से नए काउंटर पर पंजीकरण शुरू होगा।
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ट्रॉमा सेंटर की कैजुअल्टी में 42 बेड हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं और कई को स्ट्रेचर पर ही इलाज देना पड़ता है। ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि रोजाना 100 से अधिक मरीजों का स्ट्रेचर पर इलाज किया जाता है। भीड़ और सीमित बेड के बीच मरीजों को समय पर इलाज मिले, इसके लिए व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
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कर्मचारी जरूरी दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सा उपकरणों की स्थिति और उनकी जरूरत के मुताबिक उपलब्धता भी देखेंगे। किसी उपकरण के खराब होने या दवा की कमी मिलने पर इसकी सूचना दी जाएगी, ताकि समय रहते समस्या दूर की जा सके। मरीजों को इलाज मिलने में देरी या किसी अन्य परेशानी की जानकारी भी अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।
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एंबुलेंस से बेड तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी पुख्ता
डॉ. प्रेमराज ने बताया कि गंभीर मरीजों को एंबुलेंस से उतारने के बाद तत्काल कैजुअल्टी तक पहुंचाने के लिए अलग कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इससे मरीजों को समय पर इलाज शुरू कराने में मदद मिलेगी।
कैजुअल्टी गेट के पास बनेगा पंजीकरण काउंटर
तीमारदारों की सुविधा के लिए कैजुअल्टी गेट के पास नया पंजीकरण काउंटर बनाया जा रहा है। अभी एमआरआई मशीन के पास बने गेट पर काउंटर होने से तीमारदारों को पीछे जाना पड़ता है। सीएमएस के मुताबिक सोमवार से नए काउंटर पर पंजीकरण शुरू होगा।