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केजीएमयू की हकीकत: दलाल और डॉक्टर की बातचीत का ऑडियो; ईएनटी वाला मामला छह लाख में निपटा था, आपका भी निपट जाएगा

Mon, 14 Sep 2026 08:29 AM IST
Bhupendra Singh हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
हिमांशु अवस्थी, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Mon, 14 Sep 2026 08:29 AM IST
सार

धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर पैसों के भूखे भेड़िये नजर आ रहे हैं। केजीएमयू का ताजा मामला सामने आया है। डॉक्टर व दलाल के बीच जूम मीटिंग में हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। इसमें दलाल कहता है कि ईएनटी के डॉक्टर का मामला छह लाख में निपटा था, आपका भी निपट जाएगा। अमर उजाला के पास वार्ता का ऑडियो मौजूद है। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Audio recording of conversation between tout and KGMU doctor
ऑडियो वायरल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग में तैनात आरोपी डॉक्टर का एक और ऑडियो शनिवार को सामने आया। इसमें जूम मीटिंग के जरिये कथित रूप से डॉक्टर और दलाल के बीच मरीज को निजी अस्पताल में भेजने के संबंध में करीब तीन मिनट की बातचीत दर्ज है। अमर उजाला के पास मौजूद ऑडियो में दलाल आरोपी डॉक्टर को पूर्व में किसी ईएनटी डॉक्टर का मामला छह लाख में निपटाने का भी दावा करते हुए आश्वासन दे रहा है। पेश है ऑडियो में दर्ज बातचीत के संपादित अंश...
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दलाल: डॉक्टर आप घबराए नहीं, आपने तो ट्रॉमा सेंटर रेफर किया था। आपको बस यही बोलना है।
डॉक्टर: हां, हम तो यही बोलेंगे... हमने वहीं भेजा था।

दलाल: परिजन के पास आपकी कोई कॉल रिकार्डिंग तक नहीं है क्या कर पाएंगे।
डॉक्टर: परिजन ने आरोप लगाए हैं कि एक लाख रुपये ले लिए गए, यार हमने तो उससे विजिट फीस भी नहीं ली है।

दलाल: आप बिल्कुल परेशान न हों, कुछ न होगा।
डॉक्टर: देखो जब पेशेंट का पैसा खर्चा होता है तो उसका गुस्सा उसी के लिए रहता है।

दलाल: भैया... जैसे अभी वो ईएनटी के डॉक्टर रमेश थे। उनका छह लाख में मामला निपटा था। पेशेंट मर गया था, मगर उन्होंने ऑपरेशन करा था। तब भी इतना मामला हुआ फिर भी उनको कुछ नहीं हुआ। छोड़ दिए गए। आपने तो कुछ किया ही नहीं है।
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डॉक्टर: मैंने तो पेशेंट को एक इंजेक्शन भी नहीं दिया भाई। मैंने एचओडी सर को सब सच बता दिया, पूछा मुझे क्या करना चाहिए। उन्होंने सीधा डिनाई करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि देखो कमेटी बनेगी, सवाल-जवाब होगा, सीधा कहना है कि मैंने उस पेशेंट को देखा ही नहीं...
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दलाल: लेकिन फोन पर तो बात हुई होगी परिजनों से।
डॉक्टर: मेरे नंबर पर फोन किया होगा मगर रिकार्ड कुछ नहीं होगा।

दलाल: आप परेशान न हो सब मैनेज हो जाएगा।
डॉक्टर: हां देख लो यार, परिजनों से बात करके शिकायत पत्र वापस करवा लो बस।

दलाल: परिजनों को कुछ पैसा देकर शिकायत वापस ले ली जाएगी।
डॉक्टर: ठीक है, देखे रहना मीडियाबाजी न हो।
 

दलाल ने मुख्यमंत्री संग फोन पर लगा रखी फोटो

दलाल ने अपने फोन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपनी फोटो लगा रखी है। वह इस फोटो का इस्तेमाल लोगों पर रौब जमाने के लिए करता है। उस पर केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टरों को फंसाने का आरोप है। वह इन डॉक्टरों के माध्यम से अपने निजी अस्पताल में मरीज मंगवाता है।

पहले भी कई मरीज भेजे, मौत के बाद खुला भेद

नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर निजी अस्पताल से सांठगांठ कर यह पूरा रैकेट संचालित कर रहे थे। इस रैकेट में गरीब मरीजों को केजीएमयू संस्थान में ही रखा जाता था। वहीं, मध्यवर्गीय मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर दुबग्गा के निजी अस्पताल भेजा जाता था। निजी अस्पताल में इलाज के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। पहले भी कई मरीजों को इसी तरह भेजा गया था। एक मरीज की मौत के बाद इस पूरे भेद का खुलासा हुआ।

केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि डॉक्टर व दलाल के बीच जूम मीटिंग में हुई बातचीत का ऑडियो अभी नहीं मिला है। जांच के दौरान उसे भी साक्ष्य के तौर पर रखा जाएगा। इसके बाद संबंधित डॉक्टर का अनुबंध (बांड) समाप्त करके पूरी रिपोर्ट डीजीएमई को भेजी जाएगी।
 

यह है पूरा मामला

बस्ती के कुदरहा ब्लॉक निवासी पुष्पा (54) किडनी रोग से पीड़ित थीं। परिजन शुक्रवार को उन्हें लेकर केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग की ओपीडी में पहुंचे थे। वहां असिस्टेंट प्रोफेसर ने फेफड़े में संक्रमण बताया था। संक्रमण कम करने के लिए फेफड़े में पाइप डालने की बात कही थी। आरोप है कि केजीएमयू में इस प्रक्रिया में देरी लगने की बात कहते हुए मरीज को डॉक्टर ने दुबग्गा स्थित फाह हॉस्पिटल में भेज दिया था। आयुष्मान से मुफ्त इलाज की बात भी कही थी। वहां पर कार्ड देने के बाद भी करीब एक लाख रुपये वसूले गए थे। बेटे विजय कुमार चौधरी ने डॉक्टर पर इलाज के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। 

नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉक्टर व तीमारदार की बातचीत का ऑडियो वायरल

केजीएमयू के नेफ्रोलॉजी विभाग में अनुबंध (बांड) पर तैनात असिस्टेंट प्रोफेसर का तीमारदार से बातचीत का कथित ऑडियो रविवार को वायरल हो गया। इसमें डॉक्टर पर मरीज को केजीएमयू के बजाय निजी अस्पताल में इलाज के लिए उकसाने का आरोप है। मामले का संज्ञान लेते हुए शासन ने कुलसचिव से रिपोर्ट तलब की है। वहीं, केजीएमयू प्रशासन ने भी जांच के आदेश दिए हैं।

वायरल ऑडियो में डॉक्टर तीमारदार से मरीज की हालत को लेकर बातचीत करता सुनाई दे रहा है। बातचीत के दौरान वह निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह देता है। ऑडियो में एक निजी अस्पताल के डॉ. आमिर का भी नाम लिया जा रहा है। साथ ही डॉक्टर की ओर से शाम को ही मरीज के फेफड़े में संक्रमण निकालने के लिए पाइन लाइन डालने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है। केजीएमयू प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि वायरल ऑडियो की गहनता से जांच कराई जा रही है। आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को सोमवार को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया जाएगा। जांच में सामने आए तथ्यों और डॉक्टर के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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