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'अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी युवती': ठाणे कोर्ट ने दुष्कर्म के आरोपी को किया बरी, क्या है पूरा मामला?

Thu, 10 Sep 2026 12:38 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Thu, 10 Sep 2026 12:38 PM IST
सार

ठाणे की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी युवक को बरी करते हुए कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से आरोपी और पीड़िता के बीच प्रेम संबंध तथा पीड़िता का अपनी इच्छा से उसके साथ उत्तर प्रदेश जाना सामने आया। अदालत ने यह भी माना कि दोनों की शादी पीड़िता के बालिग होने के बाद हुई और उसके बाद उनके बीच शारीरिक संबंध बने।
 

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Young woman went with youth of her own free will Thane court acquits accused what is the full case
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने अपहरण और दुष्कर्म के मामले में 26 वर्षीय आरोपी को बरी कर दिया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि आरोपी और पीड़िता के बीच पहले से प्रेम संबंध था और उपलब्ध साक्ष्यों से यह सामने आया कि पीड़िता अपनी इच्छा से उसके साथ उत्तर प्रदेश गई थी। अदालत ने यह भी माना कि घर से जाते वक्त पीड़िता नाबालिग नहीं, बल्कि बालिग थी और दोनों के बीच शादी के बाद शारीरिक संबंध बने थे।

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2019 में अपहरण और दुष्कर्म का आरोप
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश प्रेमल एस. विठलानी ने 29 अगस्त को मामले में फैसला सुनाया। आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 14 जून 2019 को आरोपी ने ठाणे निवासी युवती का अपहरण किया था। युवती ने उस समय अपनी उम्र 17 वर्ष बताई थी। आरोप था कि आरोपी उसे उत्तर प्रदेश ले गया और वहां उसके साथ जबरन यौन संबंध बनाए। बाद में युवती गर्भवती हो गई और फरवरी 2021 में उसने एक बच्चे को जन्म दिया।
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आईपीसी और पॉक्सो के तहत दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के तहत अपहरण और दुष्कर्म के आरोप लगाए गए थे। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अभियोजन की कहानी में कई खामियां गिनाईं और अदालत के सामने उपलब्ध साक्ष्यों तथा परिस्थितियों के आधार पर अपना पक्ष रखा।
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अदालत ने प्रेम संबंध को माना अहम तथ्य
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से स्पष्ट है कि पीड़िता आरोपी के साथ अपनी मर्जी से उत्तर प्रदेश गई थी। अदालत ने कहा, 'रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों से इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता कि पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे।' अदालत के मुताबिक, पीड़िता के माता-पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे और उसके लिए किसी अन्य युवक की तलाश कर रहे थे। इसके बावजूद वह आरोपी के साथ उत्तर प्रदेश चली गई।


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शादी और बालिग होने के बाद बने संबंध
अदालत ने रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री का हवाला देते हुए कहा कि पीड़िता के बालिग होने के बाद आरोपी से उसकी शादी हुई और उसके बाद दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। इन परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को मामले में बरी कर दिया।

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