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हैदराबाद: इंजीनियरिंग कॉलेज में डांडिया के दौरान हादसा, छात्रा समेत दो की मौत; 14 घायल, तेज हवा-पोल बना काल
Sat, 17 Oct 2026 11:00 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: पवन पांडेय
Updated Sat, 17 Oct 2026 11:00 PM IST
सार
हैदराबाद के एक इंजीनियरिंग कॉलेज में शनिवार को डांडिया कार्यक्रम के दौरान तेज हवा से लाइटिंग के लिए बनाया गया प्रवेश द्वार गिर गया। हादसे में एक छात्रा समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हुए। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने घायलों के बेहतर इलाज और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
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हैदराबाद के कॉलेज में हादसा
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
विस्तार
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में शनिवार को एक इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित डांडिया कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा हो गया। कार्यक्रम में लाइटिंग के लिए बनाया गया प्रवेश द्वार तेज हवा के कारण गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक छात्रा समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, हादसे में छात्रा को गंभीर चोटें आई थीं। उसे तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे में घायल अन्य 14 लोगों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव ने नादेरगुल स्थित इस एमवीएसआर इंजीनियरिंग कॉलेज में दो छात्रों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया।
छात्रा के चाचा क्या बोले?
जान गंवाने वाली पीड़िता के चाचा सुरेश ने बताया,'मुझे शाम 7.00 से 8.00 बजे के बीच फोन आया। एमवीएसआर कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम चल रहा था। उस समय काफी तेज हवा चल रही थी और अचानक एक रोशनी और सजावट का पोल गिर गया। मेरे दोस्त अशोक ने मुझे फोन करके बताया कि पोल सीधे उसकी बेटी के सिर पर गिरा है। उसने मुझे बताया कि चोट मामूली है और मुझे जाकर उसे देखना चाहिए।
क्या लापरवाही के कारण गई जान?
बकौल सुरेश, हादसे के बाद लोग प्रबंधन के बारे में बातें कर रहे हैं, लेकिन मामला वैसा नहीं है जैसा वे बता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने अस्पताल के कर्मचारियों से पूछा, तो उन्होंने मुझे बताया कि जब उसे वहां लाया गया था तब वह पहले ही मर चुकी थी... मैंने यहां लोगों से पूछा और अन्य जगहों पर भी पूछताछ की। उन्होंने कहा कि कुछ लापरवाही हुई थी। उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे।
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हादसे के बाद संस्थान के निदेशक क्या बोले?
हादसे के संबंध में एमवीएसआर कॉलेज के निदेशक प्रसन्ना कुमार ने कहा, हमने 'संगमम' नामक एक तकनीकी-सह-सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करने की योजना बनाई थी, जो एक वार्षिक कार्यक्रम है। कल तकनीकी कार्यक्रम था और आज सांस्कृतिक कार्यक्रम था। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों की रुचि और अनुरोध पर, डांडिया आयोजित किया गया, जो शाम लगभग 5:30 या 6:00 बजे निर्धारित था। दुर्भाग्य से, कार्यक्रम समाप्त होने से ठीक 10 मिनट पहले, तेज आंधी आ गई। इसके कारण, लाइटों को सहारा देने वाला स्टैंड टूट गया और एक स्टैंड उस हिस्से में गिरा जहां छात्राएं नृत्य कर रही थीं।
एंबुलेंस नहीं मिली, प्रबंधन के लोगों ने अपने वाहनों से अस्पताल पहुंचाया?
प्रसन्ना कुमार के मुताबिक, हादसे में दुर्भाग्य से ईईई शाखा की युवा छात्रा सोनी नारायण दास की जान चली गई। नौ छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आने में समय लग रहा था, इसलिए हमने तुरंत अपने वाहनों से उन्हें प्रत्युषा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका तत्काल इलाज किया गया। डॉक्टरों की सलाह पर, एक-दो छात्रों का सीटी स्कैन किया गया। जिन छात्रों का स्कैन हुआ है, उन्हें खतरे से बाहर घोषित कर दिया गया है। घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रबंधन हर चीज का ध्यान रख रहा है। हम पीड़ित माता-पिता को हर संभव सहयोग मुहैया कराएंगे।'
मुख्यमंत्री रेवंत ने जताया दुख
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने छात्रा की मौत पर दुख जताया और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृत छात्रा के परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका उचित इलाज हो सके।
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जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अस्थायी ढांचों की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
भाजपा नेता ने आक्रामक तेवर दिखाए
इस मामले में भाजपा नेता अंडाला श्रीरामुलु यादव ने कहा, शाम करीब 6:30 बजे एमवीएसआर कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था और उसमें लापरवाही बरती गई। लगभग 80 फीट ऊंचे छोटे खंभे लगाए गए थे, जो कार्यक्रम में मौजूद 20 छात्राओं पर अचानक गिर गए। चार छात्राओं की हालत गंभीर है। खबरों के मुताबिक दो छात्राओं की मौत हो चुकी है और दो अन्य की हालत नाजुक है। कई घायल भी हुई हैं। हादसा दुखद है, लेकिन यह एमवीएसआर कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही है। हम इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं। हमने इस कॉलेज में कई और समस्याएं भी देखी हैं।
दोषियों पर शिकंजा करने की मांग
हादसे के बाद के माहौल पर भाजपा नेता ने कहा, छात्र सहमे हुए हैं। घटनास्थल पर कोई छात्र नहीं है, हमें नहीं पता कि करीब 300 छात्रों को कहां भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि वे प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे... कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज प्रबंधन को स्वयं करना चाहिए था। उन्होंने छात्रों की जान जोखिम में डाली है। अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती है, तो भाजपा रविवार की कार्रवाई की घोषणा करेंगे। कॉलेज की अच्छी प्रतिष्ठा है और हम इलाके में इसका सम्मान करते हैं, लेकिन अगर हमारे छात्रों की जान खतरे में है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम कॉलेज प्रबंधन को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
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छात्रा के चाचा क्या बोले?
जान गंवाने वाली पीड़िता के चाचा सुरेश ने बताया,'मुझे शाम 7.00 से 8.00 बजे के बीच फोन आया। एमवीएसआर कॉलेज में डांडिया कार्यक्रम चल रहा था। उस समय काफी तेज हवा चल रही थी और अचानक एक रोशनी और सजावट का पोल गिर गया। मेरे दोस्त अशोक ने मुझे फोन करके बताया कि पोल सीधे उसकी बेटी के सिर पर गिरा है। उसने मुझे बताया कि चोट मामूली है और मुझे जाकर उसे देखना चाहिए।
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क्या लापरवाही के कारण गई जान?
बकौल सुरेश, हादसे के बाद लोग प्रबंधन के बारे में बातें कर रहे हैं, लेकिन मामला वैसा नहीं है जैसा वे बता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने अस्पताल के कर्मचारियों से पूछा, तो उन्होंने मुझे बताया कि जब उसे वहां लाया गया था तब वह पहले ही मर चुकी थी... मैंने यहां लोगों से पूछा और अन्य जगहों पर भी पूछताछ की। उन्होंने कहा कि कुछ लापरवाही हुई थी। उचित सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे।
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हादसे के बाद संस्थान के निदेशक क्या बोले?
हादसे के संबंध में एमवीएसआर कॉलेज के निदेशक प्रसन्ना कुमार ने कहा, हमने 'संगमम' नामक एक तकनीकी-सह-सांस्कृतिक उत्सव आयोजित करने की योजना बनाई थी, जो एक वार्षिक कार्यक्रम है। कल तकनीकी कार्यक्रम था और आज सांस्कृतिक कार्यक्रम था। कार्यक्रम के समापन पर छात्रों की रुचि और अनुरोध पर, डांडिया आयोजित किया गया, जो शाम लगभग 5:30 या 6:00 बजे निर्धारित था। दुर्भाग्य से, कार्यक्रम समाप्त होने से ठीक 10 मिनट पहले, तेज आंधी आ गई। इसके कारण, लाइटों को सहारा देने वाला स्टैंड टूट गया और एक स्टैंड उस हिस्से में गिरा जहां छात्राएं नृत्य कर रही थीं।
एंबुलेंस नहीं मिली, प्रबंधन के लोगों ने अपने वाहनों से अस्पताल पहुंचाया?
प्रसन्ना कुमार के मुताबिक, हादसे में दुर्भाग्य से ईईई शाखा की युवा छात्रा सोनी नारायण दास की जान चली गई। नौ छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 108 एंबुलेंस सेवा के आने में समय लग रहा था, इसलिए हमने तुरंत अपने वाहनों से उन्हें प्रत्युषा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका तत्काल इलाज किया गया। डॉक्टरों की सलाह पर, एक-दो छात्रों का सीटी स्कैन किया गया। जिन छात्रों का स्कैन हुआ है, उन्हें खतरे से बाहर घोषित कर दिया गया है। घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रबंधन हर चीज का ध्यान रख रहा है। हम पीड़ित माता-पिता को हर संभव सहयोग मुहैया कराएंगे।'
मुख्यमंत्री रेवंत ने जताया दुख
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने छात्रा की मौत पर दुख जताया और घायलों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृत छात्रा के परिवार के प्रति शोक संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका उचित इलाज हो सके।
यह भी पढ़ें- आरजी कर केस में संदीप घोष को राहत: कांग्रेस ने जांच पर उठाए सवाल, जमानत के बाद क्यों गरमाया मामला?
जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है। फिलहाल, पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस हादसे के बाद कॉलेज में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और अस्थायी ढांचों की मजबूती को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
भाजपा नेता ने आक्रामक तेवर दिखाए
इस मामले में भाजपा नेता अंडाला श्रीरामुलु यादव ने कहा, शाम करीब 6:30 बजे एमवीएसआर कॉलेज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था और उसमें लापरवाही बरती गई। लगभग 80 फीट ऊंचे छोटे खंभे लगाए गए थे, जो कार्यक्रम में मौजूद 20 छात्राओं पर अचानक गिर गए। चार छात्राओं की हालत गंभीर है। खबरों के मुताबिक दो छात्राओं की मौत हो चुकी है और दो अन्य की हालत नाजुक है। कई घायल भी हुई हैं। हादसा दुखद है, लेकिन यह एमवीएसआर कॉलेज प्रबंधन की घोर लापरवाही है। हम इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं। हमने इस कॉलेज में कई और समस्याएं भी देखी हैं।
दोषियों पर शिकंजा करने की मांग
हादसे के बाद के माहौल पर भाजपा नेता ने कहा, छात्र सहमे हुए हैं। घटनास्थल पर कोई छात्र नहीं है, हमें नहीं पता कि करीब 300 छात्रों को कहां भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि वे प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे... कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज प्रबंधन को स्वयं करना चाहिए था। उन्होंने छात्रों की जान जोखिम में डाली है। अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती है, तो भाजपा रविवार की कार्रवाई की घोषणा करेंगे। कॉलेज की अच्छी प्रतिष्ठा है और हम इलाके में इसका सम्मान करते हैं, लेकिन अगर हमारे छात्रों की जान खतरे में है, तो हम चुप नहीं बैठेंगे। हम कॉलेज प्रबंधन को सतर्क रहने की चेतावनी दे रहे हैं और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।