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उपचुनाव: विजय का डीएमके पर हमला, बोले- जनता की सेवा के लिए हूं; अन्नाद्रमुक-भाजपा से मिलीभगत का भी लगाया आरोप
Fri, 25 Sep 2026 04:48 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: शिवम गर्ग
Updated Fri, 25 Sep 2026 04:48 PM IST
सार
मदुरांतकम उपचुनाव प्रचार में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने डीएमके पर तीखा हमला बोला और टीवीके उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल के लिए वोट मांगे। उन्होंने अन्नाद्रमुक-भाजपा से कथित मिलीभगत, विकास योजनाओं और राज्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। विजय ने और क्या कहा?
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जोसेफ विजय, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने मदुरांतकम विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान डीएमके पर तीखा हमला बोला। उन्होंने डीएमके को बुरी ताकत बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। विजय ने कहा कि वह मुख्यमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि जनता के बेटे और भाई के रूप में वोट मांगने आए हैं।
मदुरांतकम सीट पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होना है। टीवीके ने यहां पूर्व अन्नाद्रमुक विधायक मरगथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है। कुमारवेल ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं।
'मैं मुख्यमंत्री बनकर वोट मांगने नहीं आया'
विजय ने जनसभा में कहा कि वह यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि जनता के बेटे और भाई के रूप में मरगथम कुमारवेल के लिए वोट मांगने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों के सामने अपनी सरकार के काम और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे रखना है। विजय ने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि सरकार लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।
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DMK पर लगाया बुरी ताकत होने का आरोप
विजय ने डीएमके पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे पूरा राज्य उनका हो। उन्होंने कहा कि टीवीके की लड़ाई डीएमके की राजनीति और उसके तौर-तरीकों के खिलाफ है। उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को संबोधित करते हुए उन्हें अपना ‘मीठा चाचा’ भी कहा और कहा कि राजनीतिक मुकाबला टीवीके और डीएमके के बीच है।
विजय ने आरोप लगाया कि डीएमके, अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच पर्दे के पीछे समझ और मिलीभगत है। उन्होंने मतदाताओं से इन दलों को किनारे करने और टीवीके के सीटी चुनाव चिह्न के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
'जनता के फैसले को कमजोर करने के लिए अन्नाद्रमुक से अलग हुई'
टीवीके उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल ने भी रैली में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्नाद्रमुक इसलिए छोड़ी क्योंकि पार्टी डीएमके के साथ हाथ मिलाने और जनता के फैसले को कमजोर करने की दिशा में जा रही थी। उन्होंने कहा कि वह मदुरांतकम के लोगों का साथ कभी नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने विजय को ‘भाई’ बताते हुए क्षेत्र की जनता के साथ खड़े रहने की बात कही।
हालांकि, अन्नाद्रमुक इस दल-बदल को लेकर टीवीके और कुमारवेल पर लगातार सवाल उठा रही है। अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी ने मदुरांतकम में प्रचार के दौरान कुमारवेल के दल बदलने को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ बताया और मतदाताओं से इसे चुनाव के जरिए जवाब देने की अपील की। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना पर भी बोले विजय
विजय ने परंदूर एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किसानों और जल निकायों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का कर्ज लेना भ्रष्टाचार के लिए नहीं, बल्कि चुनावी वादों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए है।
चेंगलपट्टू के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं का दावा
विजय ने चेंगलपट्टू जिले के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पहलों का जिक्र किया। मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र इसी जिले में आता है। टीवीके की ओर से इस उपचुनाव को लेकर प्रचार तेज किया गया है। पार्टी ने विजय की सभा में प्रवेश को सीमित रखते हुए 5,000 लोगों के लिए QR कोड पास जारी किए थे।
डीएमके-अन्नाद्रमुक पर पुराने मामले को लेकर भी आरोप
विजय ने डीएमके शासन के दौरान वीरमणि से जुड़े पोक्सो मामले को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मामले को दबा दिया गया था और इस मुद्दे पर भी डीएमके तथा अन्नाद्रमुक के बीच मिलीभगत थी। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को अलग से देखा जाना जरूरी है। विजय के बयान चुनावी मंच से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
फिल्म और राजनीति में मिली जीत जनता को समर्पित
विजय ने अपने फिल्मी और राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दोनों क्षेत्रों में मिली सफलता जनता की वजह से मिली है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के समर्थन को अपना सबसे बड़ा आधार मानते हैं। मदुरांतकम उपचुनाव टीवीके, एआईएडीएमके और डीएमके समेत कई दलों के बीच मुकाबला है। सीट पर कुल 27 उम्मीदवार मैदान में हैं।
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मदुरांतकम सीट पर 6 अक्तूबर को उपचुनाव होना है। टीवीके ने यहां पूर्व अन्नाद्रमुक विधायक मरगथम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाया है। कुमारवेल ने 2026 के विधानसभा चुनाव में अन्नाद्रमुक के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में विधायक पद से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल हो गईं।
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'मैं मुख्यमंत्री बनकर वोट मांगने नहीं आया'
विजय ने जनसभा में कहा कि वह यहां मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि जनता के बेटे और भाई के रूप में मरगथम कुमारवेल के लिए वोट मांगने आए हैं। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों के सामने अपनी सरकार के काम और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे रखना है। विजय ने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि सरकार लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है।
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DMK पर लगाया बुरी ताकत होने का आरोप
विजय ने डीएमके पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता ऐसे व्यवहार करते हैं, जैसे पूरा राज्य उनका हो। उन्होंने कहा कि टीवीके की लड़ाई डीएमके की राजनीति और उसके तौर-तरीकों के खिलाफ है। उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन को संबोधित करते हुए उन्हें अपना ‘मीठा चाचा’ भी कहा और कहा कि राजनीतिक मुकाबला टीवीके और डीएमके के बीच है।
विजय ने आरोप लगाया कि डीएमके, अन्नाद्रमुक और भाजपा के बीच पर्दे के पीछे समझ और मिलीभगत है। उन्होंने मतदाताओं से इन दलों को किनारे करने और टीवीके के सीटी चुनाव चिह्न के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
'जनता के फैसले को कमजोर करने के लिए अन्नाद्रमुक से अलग हुई'
टीवीके उम्मीदवार मरगथम कुमारवेल ने भी रैली में विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अन्नाद्रमुक इसलिए छोड़ी क्योंकि पार्टी डीएमके के साथ हाथ मिलाने और जनता के फैसले को कमजोर करने की दिशा में जा रही थी। उन्होंने कहा कि वह मदुरांतकम के लोगों का साथ कभी नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने विजय को ‘भाई’ बताते हुए क्षेत्र की जनता के साथ खड़े रहने की बात कही।
हालांकि, अन्नाद्रमुक इस दल-बदल को लेकर टीवीके और कुमारवेल पर लगातार सवाल उठा रही है। अन्नाद्रमुक महासचिव ईके पलानीस्वामी ने मदुरांतकम में प्रचार के दौरान कुमारवेल के दल बदलने को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ बताया और मतदाताओं से इसे चुनाव के जरिए जवाब देने की अपील की। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना पर भी बोले विजय
विजय ने परंदूर एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किसानों और जल निकायों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का कर्ज लेना भ्रष्टाचार के लिए नहीं, बल्कि चुनावी वादों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को लागू करने के लिए है।
चेंगलपट्टू के लिए 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं का दावा
विजय ने चेंगलपट्टू जिले के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पहलों का जिक्र किया। मदुरांतकम विधानसभा क्षेत्र इसी जिले में आता है। टीवीके की ओर से इस उपचुनाव को लेकर प्रचार तेज किया गया है। पार्टी ने विजय की सभा में प्रवेश को सीमित रखते हुए 5,000 लोगों के लिए QR कोड पास जारी किए थे।
डीएमके-अन्नाद्रमुक पर पुराने मामले को लेकर भी आरोप
विजय ने डीएमके शासन के दौरान वीरमणि से जुड़े पोक्सो मामले को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि मामले को दबा दिया गया था और इस मुद्दे पर भी डीएमके तथा अन्नाद्रमुक के बीच मिलीभगत थी। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को अलग से देखा जाना जरूरी है। विजय के बयान चुनावी मंच से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।
फिल्म और राजनीति में मिली जीत जनता को समर्पित
विजय ने अपने फिल्मी और राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दोनों क्षेत्रों में मिली सफलता जनता की वजह से मिली है। उन्होंने कहा कि वह लोगों के समर्थन को अपना सबसे बड़ा आधार मानते हैं। मदुरांतकम उपचुनाव टीवीके, एआईएडीएमके और डीएमके समेत कई दलों के बीच मुकाबला है। सीट पर कुल 27 उम्मीदवार मैदान में हैं।