फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   No space found in Central Vista where will Central Secretariat Library go now What will happen 8.5 lakh books

सेंट्रल लाइब्रेरी पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान: सेंट्रल विस्टा में नहीं मिली जगह, जानिए क्या है विवाद?

Sun, 04 Oct 2026 09:51 AM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sun, 04 Oct 2026 09:51 AM IST
सार

135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के सेंट्रल विस्टा परियोजना के बीच संभावित स्थानांतरण पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। लाइब्रेरी में 8.5 लाख से अधिक किताबें हैं। मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स और सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट इसके लिए नई जगह तलाश रहे हैं।

विज्ञापन
No space found in Central Vista where will Central Secretariat Library go now What will happen 8.5 lakh books
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली की 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को को मौजूदा जगह से हटाकर कहीं और ले जाने की तैयारी चल रही है। लेकिन चिंता इस बात को लेकर है कि नए सेंट्रल विस्टा प्लान में इस लाइब्रेरी के लिए कोई स्पष्ट जगह दिखाई नहीं दे रही है। अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस संजीव सचदेवा की बेंच करेगी। इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी में 8.5 लाख से ज्यादा किताबें और महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं। 
विज्ञापन


नई जगह की तलाश, लेकिन अब तक तस्वीर साफ नहीं
रिपोर्टों के मुताबिक, लाइब्रेरी को मौजूदा जगह से हटाकर कहीं और ले जाने की तैयारी चल रही है। हालांकि, उसके लिए उपयुक्त जगह अभी तक तय नहीं हो पाई है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) नई जगह तलाश रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में किताबों और रिकॉर्ड को सुरक्षित तरीके से रखने के लिए जगह का पर्याप्त होना सबसे बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन


लाखों किताबें सिर्फ किताबें नहीं, इतिहास का खजाना हैं
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी की उम्र करीब 135 साल है। इतने लंबे समय में यहां किताबों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संदर्भ सामग्री जमा हुई है। ऐसे में इसे सिर्फ एक सामान्य लाइब्रेरी की तरह दूसरी जगह ले जाना आसान काम नहीं माना जा रहा। किताबों को सुरक्षित रखना, उनका रिकॉर्ड बनाए रखना और पाठकों की पहुंच बरकरार रखना भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेंट्रल विस्टा में जगह क्यों नहीं मिली?
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत दिल्ली के सरकारी भवनों और दफ्तरों के इलाके को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। इसी बदलाव के बीच CSL के भविष्य को लेकर सवाल उठे हैं। खास चिंता यह है कि इतनी पुरानी और महत्वपूर्ण लाइब्रेरी को नई योजना में उचित स्थान क्यों नहीं मिल पाया और अगर इसे हटाया जाता है तो इसकी नई व्यवस्था कैसी होगी।

सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान से बढ़ी उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेकर यह साफ कर दिया है कि लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर उठ रहे सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब सोमवार की सुनवाई में अदालत के सामने लाइब्रेरी की मौजूदा स्थिति, संभावित स्थानांतरण और इसके लिए की जा रही व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दे आ सकते हैं। लाखों किताबों से जुड़ा यह मामला अब अदालत की निगरानी में पहुंच गया है।


 किताबों और विरासत का क्या होगा?
CSL को लेकर असली चिंता सिर्फ इमारत की नहीं, बल्कि उस ज्ञान और विरासत की है जो इन लाखों किताबों में सुरक्षित है। नई जगह तलाशते समय यह देखना होगा कि लाइब्रेरी की ऐतिहासिक पहचान और उसकी उपयोगिता दोनों बनी रहें। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है, जहां इस ऐतिहासिक लाइब्रेरी के भविष्य को लेकर तस्वीर कुछ और साफ हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed