महाराष्ट्र: पालघर में लगे भूकंप के झटके; सार्वजनिक शौचालय में संदिग्ध रसायन की चपेट में आने से दो की मौत
लातूर-नांदेड़ में कांग्रेस का प्रदर्शन, सूखा राहत पैकेज को बताया अपर्याप्त
महाराष्ट्र के लातूर और नांदेड़ जिलों में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के अपर्याप्त सूखा राहत पैकेज और कुछ तालुकों को सूची से बाहर रखने का आरोप लगाया। इससे पहले, सरकार ने राज्य के 358 में से 265 तालुकों (74 फीसदी) में सूखा घोषित किया था। सरकार ने फसल ऋण पुनर्गठन, भू-राजस्व रियायतें और बिजली बिल सब्सिडी जैसे राहत उपायों की घोषणा की थी। लातूर में प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार ने किसानों, मजदूरों और छात्रों को ठोस राहत नहीं दी। कांग्रेस के लातूर जिला अध्यक्ष अभय सालुंखे ने बताया कि सरकार के 12 उपायों में से एक भी किसानों को पर्याप्त राहत नहीं देता। नांदेड़ जिले के मुदखेड़ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने दो तालुकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों की सूची से बाहर रखने का विरोध किया। कार्यकर्ताओं ने उन्हें तुरंत राहत उपायों के तहत लाने की मांग की। सरकार ने नांदेड़ के 14 तालुकों को अपनी 265 सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया था।
महाराष्ट्र के पालघर में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर कितनी रही तीव्रता
महाराष्ट्र का पालघर जिला तटीय महाराष्ट्र का हिस्सा है और यहां अक्सर कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस होते हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को शांत रहने और स्टैंडर्ड प्रोटोकाल का पालन करने की अपील की है।
मुंबई में सार्वजनिक शौचालय के अंदर संदिग्ध जहरीला रसायन सूंघने से दो युवकों की मौत
अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, 108 एंबुलेंस सेवा, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर निगम के वार्ड कर्मचारी मौके पर पहुंचे। एक अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान प्रभाकर धानिवार (24) और भाविन देसाई (18) के रूप में हुई है। दोनों को नजदीकी नगर निगम संचालित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तड़के करीब 3.45 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक शौचालय के अंदर तेज रासायनिक गंध फैलने के बाद दोनों युवकों को सांस लेने में परेशानी हुई और उनका दम घुटने लगा। अधिकारी ने कहा कि संदिग्ध रासायनिक रिसाव की सही प्रकृति और उसके स्रोत का तत्काल पता नहीं चल सका है। मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
दिशा सालियान मामले में ठाणे के वकील नीलेश ओझा ने चार लोगों के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की है। ओझा के अनुसार, सीबीआई में एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने सतीश सालियान, गवाह समीर वानखेड़े, खुद और अशुतोष पाठक के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग करते हुए पत्र दिया। उन्होंने दावा किया कि पत्र में गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स ब्यूरो के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए आदित्य ठाकरे पर ड्रग कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। ओझा ने यह भी कहा कि उनके खिलाफ गैंगरेप, हत्या और मामले को दबाने से जुड़ी एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने दावा किया कि कई अन्य बड़े नाम और पुलिस अधिकारी भी मामले में आरोपी हैं। ओझा के मुताबिक, मामले से जुड़े प्रथमदृष्टया सबूत सीबीआई को दिए गए हैं। उन्होंने पुलिस आयुक्त देवेन भारती की भूमिका और सुरक्षा नहीं दिए जाने की भी जांच की मांग की।
महाराष्ट्र के नांदेड जिले में राज्य सरकार ने सूखे से प्रभावित किसानों को हरसंभव मदद देने का भरोसा दिया है। नांदेड के जिला प्रभारी मंत्री अतुल सावे ने रविवार को मराठवाड़ा क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। उन्होंने फसलों की स्थिति का जायजा लिया और किसानों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, से बातचीत की। राज्य सरकार ने शनिवार को महाराष्ट्र के 358 में से 265 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया था। सरकारी आदेश के अनुसार, यह राज्य के करीब 74 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है। सरकार ने राहत के तहत फसल ऋण के पुनर्गठन, भूमि राजस्व में रियायत और कृषि संबंधी ऋण की वसूली स्थगित करने जैसे कदमों की घोषणा की है। अतुल सावे ने कहा कि सरकार किसानों के साथ है और उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र किसानों को लाभ मिलने तक कर्जमाफी की प्रक्रिया जारी रहेगी। नांदेड के दो तालुकों को सूची में शामिल नहीं किए जाने पर भी चर्चा हुई है।
महाराष्ट्र की प्राकृतिक संपदा से आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए विशेषज्ञों ने ‘महाराष्ट्र कार्बन बैंक’ बनाने का प्रस्ताव दिया है। मुंबई में आयोजित बांस अर्थव्यवस्था और स्थिरता सम्मेलन में NatConnect Foundation के निदेशक बीएन कुमार ने यह सुझाव दिया। उन्होंने बांस, मैंग्रोव, आर्द्रभूमि और जंगलों को एक वैज्ञानिक व्यवस्था के तहत लाने के लिए ‘ग्रीन-ब्लू कार्बन कोएलिशन’ बनाने की बात कही। इसके तहत कार्बन से जुड़े प्राकृतिक संसाधनों की पहचान और मैपिंग की जाएगी। साथ ही, उनमें मौजूद कार्बन और कार्बन सोखने की क्षमता का आकलन किया जाएगा। वैज्ञानिक प्रक्रिया के जरिए आंकड़ों की पुष्टि के बाद प्रमाणित कार्बन परिसंपत्तियां तैयार की जा सकेंगी। इन्हें उभरते कार्बन बाजार में इस्तेमाल किया जा सकता है। कुमार ने कहा कि जंगल, आर्द्रभूमि, मैंग्रोव और बांस को सिर्फ पर्यावरणीय संसाधन के बजाय आर्थिक मूल्य वाले जलवायु संसाधन के तौर पर भी देखा जाना चाहिए। प्रस्तावित कार्बन बैंक से मिलने वाला राजस्व संरक्षण, पुनर्स्थापना और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाया जा सकता है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की जांच कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है। चव्हाण ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग के फैसले अपने सहयोगियों से चर्चा किए बिना ले रहे हैं। उन्होंने इस मामले में विस्तृत जांच की मांग की। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद एक रिपोर्ट के बाद बढ़ा, जिसमें दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण, नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की। आयोग ने शनिवार को कहा था कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसलों को तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। चव्हाण ने इस दावे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विपक्षी नेताओं की बैठक और राष्ट्रपति से मुलाकात का सुझाव दिया। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी सरकार पर ज्ञानेश कुमार को बचाने का आरोप लगाया।
मुंबई में गणेश विसर्जन के बाद 2,754 टन कचरा जमा
मुंबई में गणेश उत्सव के बाद बीएमसी ने विसर्जन से जुड़ी 2,754.85 टन सामग्री एकत्र की है। नगर निगम के अनुसार, 16 से 27 सितंबर के बीच यह सामग्री जुटाई गई और इसे 707 वाहनों के जरिए अस्थायी भंडारण केंद्रों तक पहुंचाया गया। 26 सितंबर यानी अनंत चतुर्दशी के दिन एक ही दिन में सबसे ज्यादा कचरा एकत्र हुआ। इस दिन 131 वाहनों ने 510.92 टन निर्माल्य और विसर्जन के बाद बची मूर्ति सामग्री उठाई। वार्डों में के/वेस्ट में सबसे ज्यादा 314.82 टन सामग्री मिली। इसके बाद एस वार्ड से 253.58 टन और डी वार्ड से 249.43 टन सामग्री एकत्र की गई। बीएमसी के अनुसार, यह अभियान बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के तहत चलाया गया। सामग्री को मुलुंड स्थित अस्थायी केंद्र में भेजा गया है, जहां इसका वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पुन: उपयोग, रिसाइकिल या आगे प्रसंस्करण किया जाएगा।
महाराष्ट्र के लातूर जिले में सूखे जैसे हालात को लेकर हुए प्रदर्शन को कथित तौर पर ‘राजनीतिक’ बताए जाने के बाद एनसीपी (एसपी) ने भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार पर निशाना साधा है। एनसीपी (एसपी) ने आरोप लगाया कि विधायक ने किसानों और युवाओं का मजाक उड़ाया। एक कथित वीडियो में पवार को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि प्रदर्शन किसानों की मांग नहीं, बल्कि बेरोजगार लोगों का राजनीतिक कदम था। औसा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले पवार के इलाके को बाद में सरकार की सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया गया। एनसीपी (एसपी) के तालुका अध्यक्ष नरेंद्र पाटिल ने कहा कि औसा में कम बारिश, सोयाबीन की फसल को नुकसान और चारे व पानी की कमी के कारण प्रदर्शन किया गया था। उनके मुताबिक, इसमें किसान, युवा, महिलाएं और मध्यम वर्ग के लोग शामिल थे। पाटिल ने विधायक से किसानों और बेरोजगार युवाओं से माफी मांगने की मांग की है। विधायक की ओर से इस वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया नहीं आई है।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में बाढ़ प्रभावित भामरागढ़ इलाके से रविवार को तीन बेहद गंभीर मरीजों को हेलीकॉप्टर से एयरलिफ्ट किया गया। इनमें सात साल की बच्ची संगीता उसेंडी और सिकल सेल बीमारी से पीड़ित दो अन्य मरीज शामिल हैं। तीनों को इलाज के लिए भामरागढ़ तहसील से हेलीकॉप्टर के जरिए गढ़चिरौली जिले के हेडरी ले जाया गया। जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान समन्वय के साथ चलाया गया और जिला कलेक्टर अविश्यंत पांडा ने इसकी निगरानी की। पिछले तीन दिनों से पड़ोसी छत्तीसगढ़ में हो रही भारी बारिश के कारण गढ़चिरौली जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी है। कम से कम 525 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भामरागढ़ से गुजरने वाले दो राष्ट्रीय राजमार्ग और एक राज्य राजमार्ग भी बाढ़ के पानी के कारण बंद रहे। मरीजों को एयरलिफ्ट करने के लिए इस्तेमाल किया गया हेलीकॉप्टर लॉयड्स मेटल्स कंपनी का था, जो क्षेत्र में चिकित्सा कार्यों के लिए उपलब्ध है।
महाराष्ट्र के बीड जिले में बिजली का खराब मीटर बदलने और कनेक्शन बहाल करने के लिए कथित तौर पर 13 हजार रुपये रिश्वत लेते एक वरिष्ठ तकनीशियन को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पकड़ा है। आरोपी की पहचान अरुण गीते (31) के रूप में हुई है। वह पारली स्थित MSEDCL के अतिरिक्त कार्यकारी अभियंता कार्यालय में तैनात है। ACB के अनुसार, शिकायतकर्ता एक निजी कंपनी का कर्मचारी है। 25 सितंबर को उसका घरेलू बिजली कनेक्शन काट दिया गया था और बिजली कर्मचारियों ने मीटर भी हटा दिया था। शिकायतकर्ता ने जब गीते से संपर्क किया तो उसने कथित तौर पर मीटर खराब होने की बात कही और नया मीटर लगाने तथा कनेक्शन बहाल करने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। बाद में रकम 13 हजार रुपये तय हुई। शिकायत मिलने पर ACB की जालना इकाई ने जाल बिछाया और जिरगेनगर इलाके में एक वितरण ट्रांसफार्मर के पास रकम लेते समय गीते को पकड़ लिया। उसके किराए के घर की भी तलाशी ली गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी थी।