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साइबर अपराध: महाराष्ट्र में 68 निवेशकों से 7.09 करोड़ रुपये की ठगी, ठाणे की निवेश कंपनी के छह निदेशकों पर केस
Tue, 08 Sep 2026 01:00 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, ठाणे
पीटीआई, ठाणे
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 08 Sep 2026 01:00 PM IST
सार
पुलिस ने मामले में कंपनी के छह निदेशकों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निवेशकों से जुटाई गई रकम कहां इस्तेमाल की गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
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धोखाधड़ी। (सांकेतिक तस्वरीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक निजी निवेश कंपनी के छह निदेशकों के खिलाफ 68 निवेशकों से कथित तौर पर 7.09 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने निवेशकों को हर महीने भारी रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे लिए। पुलिस के मुताबिक, यह धोखाधड़ी कई वर्षों तक अलग-अलग कंपनियों के जरिए की गई। पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। मुंबई के मालाड इलाके में वड़ा पाव की दुकान चलाने वाला एक व्यक्ति उस समय बीमा पॉलिसी खरीदना चाहता था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से कराई, जो उस समय शेयर ब्रोकिंग कंपनी चलाता था।
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पांच हजार से शुरू किया निवेश
पीड़ित ने शुरुआत में कंपनी में 5,000 रुपये जमा किए। इसके बाद उसे हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न देने का वादा किया गया। भरोसा होने पर उसने कंपनी में करीब 3 लाख रुपये और जमा कर दिए। उसे बताया गया कि छह महीने में उसे करीब 1.05 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इसी तरह कंपनी ने दूसरे लोगों को भी ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। कुछ समय बाद जब निवेशक अपना ब्याज लेने मुंबई के कांदिवली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें भुगतान के लिए करीब 45 दिन तक टालते रहे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान निवेशकों पर दबाव बनाकर उनसे हलफनामे पर हस्ताक्षर भी कराए गए। उनसे कहा गया कि उन्होंने जो पैसा दिया है, वह कंपनी में निवेश नहीं बल्कि आरोपी को दिया गया व्यक्तिगत कर्ज है। इसके बाद कांदिवली की शाखा बंद कर दी गई।
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रद्द चेक और ऑनलाइन रसीद देकर भी टरकाया
निवेशकों को बाद में कंपनी के मुंबई के भांडुप स्थित मुख्य कार्यालय में जाने को कहा गया। वहां उन्हें रद्द किए गए चेक और ऑनलाइन निकासी की रसीदें दी गईं। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कुछ समय बाद कंपनी की ओर से ईमेल भेजकर बताया गया कि उसके कामकाज को छह महीने के लिए रोक दिया गया है।
2023 में आरोपी गिरफ्तार, जमानत के बाद शुरू की नई कंपनी
पुलिस के मुताबिक, मई 2023 में भांडुप पुलिस ने इसी शेयर ब्रोकिंग कंपनी को चलाने वाले आरोपी को निवेश संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने एक नई कॉरपोरेट पहल शुरू करने की बात कही। इसके बाद पुराने निवेशकों को अपना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी।
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पुराना पैसा निकालने के नाम पर फिर मांगे 80,550 रुपये
पीड़ित वड़ा पाव विक्रेता की मुलाकात बाद में आरोपी से ठाणे के डोंबिवली में हुई। आरोप है कि आरोपी ने उसे बताया कि उसका 5.37 लाख रुपये का पुराना निवेश फंसा हुआ है और इसे वापस पाने के लिए उसे 80,550 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। उसे 22 महीने की एक नई रिटर्न योजना का भरोसा दिया गया। पीड़ित ने आरोपी की बात पर भरोसा करते हुए 80,550 रुपये और दे दिए। लेकिन इसके बाद भी उसे promised भुगतान नहीं मिला। जब पीड़ित और दूसरे निवेशकों ने नई कंपनी के निदेशकों से अपनी मूल रकम वापस करने की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर लगातार टालमटोल वाले जवाब दिए गए।
68 लोगों से 7.09 करोड़ रुपये लेने का आरोप
इसके बाद पीड़ित और अन्य निवेशकों ने रविवार को रामनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में कुल 68 लोग ठगी का शिकार हुए हैं और उनसे करीब 7.09 करोड़ रुपये लिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग निवेशकों से ली गई रकम 14 लाख रुपये से लेकर 84 लाख रुपये तक है।
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पांच हजार से शुरू किया निवेश
पीड़ित ने शुरुआत में कंपनी में 5,000 रुपये जमा किए। इसके बाद उसे हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न देने का वादा किया गया। भरोसा होने पर उसने कंपनी में करीब 3 लाख रुपये और जमा कर दिए। उसे बताया गया कि छह महीने में उसे करीब 1.05 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इसी तरह कंपनी ने दूसरे लोगों को भी ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। कुछ समय बाद जब निवेशक अपना ब्याज लेने मुंबई के कांदिवली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें भुगतान के लिए करीब 45 दिन तक टालते रहे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान निवेशकों पर दबाव बनाकर उनसे हलफनामे पर हस्ताक्षर भी कराए गए। उनसे कहा गया कि उन्होंने जो पैसा दिया है, वह कंपनी में निवेश नहीं बल्कि आरोपी को दिया गया व्यक्तिगत कर्ज है। इसके बाद कांदिवली की शाखा बंद कर दी गई।
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रद्द चेक और ऑनलाइन रसीद देकर भी टरकाया
निवेशकों को बाद में कंपनी के मुंबई के भांडुप स्थित मुख्य कार्यालय में जाने को कहा गया। वहां उन्हें रद्द किए गए चेक और ऑनलाइन निकासी की रसीदें दी गईं। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कुछ समय बाद कंपनी की ओर से ईमेल भेजकर बताया गया कि उसके कामकाज को छह महीने के लिए रोक दिया गया है।
2023 में आरोपी गिरफ्तार, जमानत के बाद शुरू की नई कंपनी
पुलिस के मुताबिक, मई 2023 में भांडुप पुलिस ने इसी शेयर ब्रोकिंग कंपनी को चलाने वाले आरोपी को निवेश संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने एक नई कॉरपोरेट पहल शुरू करने की बात कही। इसके बाद पुराने निवेशकों को अपना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी।
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पुराना पैसा निकालने के नाम पर फिर मांगे 80,550 रुपये
पीड़ित वड़ा पाव विक्रेता की मुलाकात बाद में आरोपी से ठाणे के डोंबिवली में हुई। आरोप है कि आरोपी ने उसे बताया कि उसका 5.37 लाख रुपये का पुराना निवेश फंसा हुआ है और इसे वापस पाने के लिए उसे 80,550 रुपये अतिरिक्त जमा करने होंगे। उसे 22 महीने की एक नई रिटर्न योजना का भरोसा दिया गया। पीड़ित ने आरोपी की बात पर भरोसा करते हुए 80,550 रुपये और दे दिए। लेकिन इसके बाद भी उसे promised भुगतान नहीं मिला। जब पीड़ित और दूसरे निवेशकों ने नई कंपनी के निदेशकों से अपनी मूल रकम वापस करने की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर लगातार टालमटोल वाले जवाब दिए गए।
68 लोगों से 7.09 करोड़ रुपये लेने का आरोप
इसके बाद पीड़ित और अन्य निवेशकों ने रविवार को रामनगर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस मामले में कुल 68 लोग ठगी का शिकार हुए हैं और उनसे करीब 7.09 करोड़ रुपये लिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग निवेशकों से ली गई रकम 14 लाख रुपये से लेकर 84 लाख रुपये तक है।