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कनार्टक: कांग्रेस पर टिप्पणी कर फंसे भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र, बवाल के बाद माफी मांगी, कहा- गुस्से में कही बात
Tue, 03 Nov 2026 03:21 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 03 Nov 2026 03:21 PM IST
सार
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस नेताओं पर विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि गुस्से में कुछ शब्द कहे थे, उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। बेरोजगारी, केपीएससी में कथित अनियमितताओं और आरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस सरकार को घेरा।
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बी. वाई. विजयेंद्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने मंगलवार को कांग्रेस पदाधिकारियों के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने गुस्से में आकर कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था और उनका मकसद किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था।
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ हाल ही में दिए गए बयानों के जवाब में, डॉलर कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास की बाहरी दीवार पर विजयेन्द्र की आलोचना करने वाला एक पोस्टर चिपका दिया गया था। बाद में कर्मचारियों ने उस पोस्टर को हटा दिया।
विजयेन्द्र ने क्या कहा?
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, कोलार में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेन्द्र ने कहा, 'मैं मानता हूं कि दावणगेरे में मैंने कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। अगर मेरे शब्दों के चुनाव से कांग्रेस नेताओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं।'
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अपने बचाव में क्या बोले विजयेन्द्र?
अपने बयानों के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच बेरोजगारी और कांग्रेस सरकार द्वारा आरक्षण के मुद्दे को संभालने के तरीके से वे नाराज थे। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर, मैं सार्वजनिक मंचों पर या किसी भी परिस्थिति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता। मेरे नाराज होने का कारण यह था कि आज पूरे राज्य में बेरोजगार युवा कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।'
विजयेन्द्र ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं और आरक्षण के मुद्दे का जिक्र करते हुए, विजयेन्द्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह सुधार लाने में विफल रही है और कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण के मामले को ठीक से नहीं रख पाई।
उन्होंने कहा, 'इसी तरह, जब सरकार कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण के मुद्दे पर ठीक से दलीलें पेश करने में विफल रही, तो स्वाभाविक रूप से मैं उत्तेजित हो गया और कुछ शब्दों का इस्तेमाल कर बैठा।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगता हूं। मैंने जानबूझकर उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करता और न ही कभी ऐसा करता हूं।'
विजयेन्द्र ने कांग्रेस पर क्या टिप्पणी की?
विजयेन्द्र ने दावणगेरे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये विवादित बयान दिए थे। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि सरकार शोषित और वंचित समुदायों के साथ अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा था, 'अगर कांग्रेस के इन लोगों में जरा भी सम्मान या आत्म-सम्मान होता, तो वे कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण से जुड़े मामले को ठीक से रखते। इसके बजाय, कांग्रेस सरकार ने केवल ड्रामा और धोखा किया है। अदालत में अपना पक्ष ठीक से न रखकर, उन्होंने शोषित और वंचित समुदायों के साथ अन्याय किया है।'
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क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ हाल ही में दिए गए बयानों के जवाब में, डॉलर कॉलोनी स्थित येदियुरप्पा के आवास की बाहरी दीवार पर विजयेन्द्र की आलोचना करने वाला एक पोस्टर चिपका दिया गया था। बाद में कर्मचारियों ने उस पोस्टर को हटा दिया।
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विजयेन्द्र ने क्या कहा?
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए, कोलार में पत्रकारों से बात करते हुए विजयेन्द्र ने कहा, 'मैं मानता हूं कि दावणगेरे में मैंने कुछ शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन मैंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। अगर मेरे शब्दों के चुनाव से कांग्रेस नेताओं को ठेस पहुंची है, तो मैं माफी मांगता हूं।'
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अपने बचाव में क्या बोले विजयेन्द्र?
अपने बयानों के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं के बीच बेरोजगारी और कांग्रेस सरकार द्वारा आरक्षण के मुद्दे को संभालने के तरीके से वे नाराज थे। उन्होंने कहा, 'आमतौर पर, मैं सार्वजनिक मंचों पर या किसी भी परिस्थिति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता। मेरे नाराज होने का कारण यह था कि आज पूरे राज्य में बेरोजगार युवा कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।'
विजयेन्द्र ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) में कथित अनियमितताओं और आरक्षण के मुद्दे का जिक्र करते हुए, विजयेन्द्र ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह सुधार लाने में विफल रही है और कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण के मामले को ठीक से नहीं रख पाई।
उन्होंने कहा, 'इसी तरह, जब सरकार कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण के मुद्दे पर ठीक से दलीलें पेश करने में विफल रही, तो स्वाभाविक रूप से मैं उत्तेजित हो गया और कुछ शब्दों का इस्तेमाल कर बैठा।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं निश्चित रूप से माफी मांगता हूं। मैंने जानबूझकर उन शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया था। मैं पहले ही स्पष्ट कर चुका हूं कि मैं इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करता और न ही कभी ऐसा करता हूं।'
विजयेन्द्र ने कांग्रेस पर क्या टिप्पणी की?
विजयेन्द्र ने दावणगेरे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये विवादित बयान दिए थे। उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार के रवैये पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि सरकार शोषित और वंचित समुदायों के साथ अन्याय कर रही है।
उन्होंने कहा था, 'अगर कांग्रेस के इन लोगों में जरा भी सम्मान या आत्म-सम्मान होता, तो वे कर्नाटक उच्च न्यायालय में आरक्षण से जुड़े मामले को ठीक से रखते। इसके बजाय, कांग्रेस सरकार ने केवल ड्रामा और धोखा किया है। अदालत में अपना पक्ष ठीक से न रखकर, उन्होंने शोषित और वंचित समुदायों के साथ अन्याय किया है।'