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भारत-यूएई संबंध: जयशंकर ने अपने समकक्ष संग की बैठक, रणनीतिक साझेदारी समेत खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर हुआ मंथन
Tue, 20 Oct 2026 02:41 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
एएनआई, मुबंई
एएनआई, मुबंई
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:41 PM IST
सार
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने मुंबई में यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीक में सहयोग पर चर्चा हुई। इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई।
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जयशंकर और यूएई के विदेश मंत्री की बैठक
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ बैठक की। यह बैठक मुंबई में आयोजित की गई। इस दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि एक दशक से अधिक के निरंतर जुड़ाव के बाद, भारत-यूएई संबंध आज वास्तव में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में अपने वादे पर खरे उतर रहे हैं। इस साल नेतृत्व स्तर पर असाधारण रूप से गहन जुड़ाव देखने को मिला है।
विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय कठिनाइयों के बावजूद, हमारी आर्थिक साझेदारी लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। सीईपीए (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दोनों तरफ से निवेश भी लगातार बढ़ रहा है, जो एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में हमारे व्यवसायों के भरोसे को दर्शाता है। रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग अब एक रणनीतिक रूप ले रहा है। हमारे लोगों के बीच के संबंध हमारे समुदायों के जीवन को समृद्ध बना रहे हैं। हमारी सांस्कृतिक साझेदारी भी तेजी से आगे बढ़ रही है।'
खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर क्या बोले?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आगे कहा, 'खाड़ी क्षेत्र की स्थिति गहरी चिंता का विषय बनी हुई है। हम मिलकर काम करना जारी रखेंगे और बातचीत तथा कूटनीति को बढ़ावा देने के सभी प्रयासों का समर्थन करेंगे। हम व्यापार, ऊर्जा और उर्वरकों के मुक्त, सुरक्षित और निर्बाध प्रवाह का समर्थन करना जारी रखेंगे। मैं आज आपको, और आपके माध्यम से यूएई के नेतृत्व को, यूएई में भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।'
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विदेश मंत्री ने क्या कहा?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, 'वैश्विक चुनौतियों और क्षेत्रीय कठिनाइयों के बावजूद, हमारी आर्थिक साझेदारी लगातार नए मानक स्थापित कर रही है। सीईपीए (व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता) पर हस्ताक्षर होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है। दोनों तरफ से निवेश भी लगातार बढ़ रहा है, जो एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में हमारे व्यवसायों के भरोसे को दर्शाता है। रक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग अब एक रणनीतिक रूप ले रहा है। हमारे लोगों के बीच के संबंध हमारे समुदायों के जीवन को समृद्ध बना रहे हैं। हमारी सांस्कृतिक साझेदारी भी तेजी से आगे बढ़ रही है।'
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खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर क्या बोले?
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आगे कहा, 'खाड़ी क्षेत्र की स्थिति गहरी चिंता का विषय बनी हुई है। हम मिलकर काम करना जारी रखेंगे और बातचीत तथा कूटनीति को बढ़ावा देने के सभी प्रयासों का समर्थन करेंगे। हम व्यापार, ऊर्जा और उर्वरकों के मुक्त, सुरक्षित और निर्बाध प्रवाह का समर्थन करना जारी रखेंगे। मैं आज आपको, और आपके माध्यम से यूएई के नेतृत्व को, यूएई में भारतीय समुदाय की भलाई सुनिश्चित करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।'
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