फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India Bloc Protest Rahul and Priyanka guerrilla tactic and Delhi Police aggressive strategy gained upper hand

विपक्ष का प्रदर्शन: राहुल-प्रियंका का गुरिल्ला दांव तो दिल्ली पुलिस की हल्लाबोल रणनीति, कौन किस पर पड़ा भारी?

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Wed, 07 Oct 2026 08:23 PM IST
सार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रणनीतिक मुकाबला देखने को मिला। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई सांसद जंतर-मंतर की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया।

विज्ञापन
India Bloc Protest Rahul and Priyanka guerrilla tactic and Delhi Police aggressive strategy gained upper hand
जंतर-मंतर पहुंचने से पहले हिरासत में लिए गए नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाए जाने की मांग को लेकर बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। शाम को वही हुआ, जैसा पहले होता रहा है। दिल्ली पुलिस ने एकाएक सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया। उन्हें जंतर-मंतर तक नहीं पहुंचने दिया। एक तरफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन एवं कांग्रेस पार्टी की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, अपना 'गुरिल्ला' दांव चल रहे हैं तो दूसरी ओर दिल्ली पुलिस की 'हल्लाबोल रणनीति' देखने को मिल रही है। 
विज्ञापन


जंतर-मंतर पर बीस जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने अपनी रणनीति में कई तरह के बदलाव किए हैं। सोशल मीडिया से लेकर जमीन पर प्रदर्शनकारियों की हर स्थिति नजर में रहती है। केवल जंतर-मंतर या उसके आसपास का इलाका ही नहीं, बल्कि पंद्रह किलोमीटर के क्षेत्र को प्रदर्शन के हिसाब से सेनेटाइज कर दिया जाता है। इसमें ट्रैफिक रूट डायवर्ट, बैरिकेडिंग और मेट्रो स्टेशनों को बंद करना आदि, शामिल है। 
विज्ञापन


इन सबके बीच राहुल और प्रियंका का 'गुरिल्ला' दांव सफल हो जाता है। हालांकि आखिर में उस दांव पर दिल्ली पुलिस की हल्लाबोल रणनीति भारी पड़ती है।

सीजेपी के प्रदर्शन से विपक्षी सांसदों के धरने तक में क्या रही कहानी?
बीस जुलाई को जंतर मंतर पर 'सीजेपी' का प्रदर्शन चल रहा था। वह प्रदर्शन हिंसक हो गया। उसके बाद 21 जुलाई को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सहित विपक्षी सांसदों का एक समूह एकाएक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास, सात लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरने पर बैठ गया। तब दिल्ली पुलिस, राहुल गांधी की इस रणनीति से वाकिफ नहीं थी। बाद में दिल्ली पुलिस ने राहुल और दूसरे सांसदों से आग्रह किया कि वे यहां से उठ जाएं। जब कांग्रेस सांसद टस से मस नहीं हुए तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई, एकाएक हल्लाबोल के जरिए हुई। दिल्ली पुलिस के साथ भारी संख्या में सीएपीएफ के जवान मौजूद रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एक दिन पहले चुनाव आयोग तक इंडिया ब्लॉक का मार्च
मंगलवार को राहुल गांधी सहित अनेक विपक्षी सांसदों ने निर्वाचन आयोग के दफ्तर तक जाने के लिए संसद परिसर से मार्च शुरू किया। पुलिस ने उन्हें आकाशवाणी के बाहर रोक दिया। विपक्षी सांसद वहीं पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। यहां पर राहुल और प्रियंका ने अपना गुरिल्ला दाव चला। इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था कि एकाएक राहुल गांधी, आकाशवाणी केंद्र के परिसर में चले जाएंगे। राहुल और प्रियंका सहित कई सांसद, वहां एक पेड़ के नीचे बैठे गए। देर शाम पुलिस ने हल्लाबोल किया। भारी पुलिस बल और सीएपीएफ की मदद से राहुल, प्रियंका और दूसरे सांसदों को हिरासत में ले लिया। 

आज लंच पॉलिटिक्स में बनी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की स्क्रिप्ट 
बुधवार को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कनॉट प्लेस स्थित एक रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों को लंच पर बुलाया था। हालांकि उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। जंतर मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की तरफ से उद्घोषणा कराई जा रही थी कि वहां बीएनएस की धारा 163 लागू की गई है। बिना अनुमति प्रदर्शन, भीड़ एकत्रित करने या मार्च करने की इजाजत नहीं है। लंच समाप्त होते ही राहुल और प्रियंका सहित कांग्रेस पार्टी के दूसरे सांसद, जंतर मंतर की तरफ जाने लगे। 


निकटवर्ती चौराहे पर जब पुलिस ने उन्हें रोका तो सभी सांसद  वहीं सड़क पर बैठ गए। प्रियंका गांधी ने महिला पुलिस कर्मियों पर अभद्रता का आरोप लगाया। वे सड़क पर ही लेट गईं। दिल्ली पुलिस सहित केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान भारी संख्या में वहां पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने दिन ढलने से पहले ही हल्लाबोल रणनीति के जरिए कांग्रेस पार्टी के सांसदों का दाव फेल कर दिया। सभी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली पुलिस अब राहुल गांधी सहित दूसरे प्रदर्शनकारियों की मूवमेंट पर कड़ी नजर रख रही है। खासतौर से नई दिल्ली क्षेत्र में पुलिस, इन्हें बिना इजाजत धरना-प्रदर्शन का कोई मौका नहीं देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed