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नाबालिग से हैवानियत: गोवा में थाने के अंदर यौन उत्पीड़न का आरोप, केस दर्ज; इंस्पेक्टर और महिला सहयोगी नामजद
Sat, 31 Oct 2026 12:01 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, पणजी
पीटीआई, पणजी
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 31 Oct 2026 12:01 PM IST
सार
उत्तरी गोवा में पुलिस थाने के भीतर नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में इंस्पेक्टर विकास डेकर और रंजिनी पल्येकर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि महिला ने इंस्पेक्टर को वारदात में मदद पहुंचाई।
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गोवा में क्राइम ब्रांच के थाने में नाबालिग के यौन उत्पीड़न का आरोप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गोवा के उत्तरी हिस्से में क्राइम ब्रांच कार्यालय में 16 वर्षीय किशोरी के साथ कई बार यौन उत्पीड़न किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पुलिस निरीक्षक ने महिला की मदद से इस वारदात को अंजाम दिया। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने निरीक्षक विकास डेकर और रंजिनी पल्येकर नाम की महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि महिला ने यौन उत्पीड़न की घटनाओं में पुलिस निरीक्षक की मदद की।
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क्राइम ब्रांच के रिबंदर पुलिस थाने में हुई घटनाएं
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार ने शनिवार को कहा कि पुलिस विभाग अनुचित आचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। आरोपी अधिकारी और उसकी सहयोगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, कथित घटनाएं 25 जुलाई और 27 अक्तूबर को रिबंदर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में हुईं।
किशोरी ने शुरुआत में अपनी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा में दर्ज कराई थी। यह शिकायत निरीक्षक विकास डेकर के पास भेजी गई। इसके बाद किशोरी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने अपने कार्यालय के अंदर उसका यौन उत्पीड़न किया।
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ओल्ड गोवा पुलिस थाने को सौंपी गई जांच
दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना) के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और धारा 12 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चूंकि आरोप क्राइम ब्रांच परिसर में हुई घटनाओं से जुड़े हैं, इसलिए मामले की जांच ओल्ड गोवा पुलिस थाने को सौंप दी गई है।
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पुलिस ने निरीक्षक विकास डेकर और रंजिनी पल्येकर नाम की महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि महिला ने यौन उत्पीड़न की घटनाओं में पुलिस निरीक्षक की मदद की।
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क्राइम ब्रांच के रिबंदर पुलिस थाने में हुई घटनाएं
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आलोक कुमार ने शनिवार को कहा कि पुलिस विभाग अनुचित आचरण के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है। आरोपी अधिकारी और उसकी सहयोगी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, कथित घटनाएं 25 जुलाई और 27 अक्तूबर को रिबंदर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में हुईं।
किशोरी ने शुरुआत में अपनी शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन सेवा में दर्ज कराई थी। यह शिकायत निरीक्षक विकास डेकर के पास भेजी गई। इसके बाद किशोरी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी ने अपने कार्यालय के अंदर उसका यौन उत्पीड़न किया।
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ओल्ड गोवा पुलिस थाने को सौंपी गई जांच
दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 75 (यौन उत्पीड़न) और 127 (गलत तरीके से बंधक बनाना) के साथ ही पॉक्सो अधिनियम की धारा 10 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और धारा 12 (यौन उत्पीड़न) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चूंकि आरोप क्राइम ब्रांच परिसर में हुई घटनाओं से जुड़े हैं, इसलिए मामले की जांच ओल्ड गोवा पुलिस थाने को सौंप दी गई है।