फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   FSSAI notices to Nestle India Zydus Wellness over misleading claims in products

नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को एफएसएसएआई का नोटिस: विज्ञापनों में भ्रामक दावों का आरोप; मांगे वैज्ञानिक सबूत

Wed, 21 Oct 2026 09:37 PM IST
नितिन गौतम पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 21 Oct 2026 09:37 PM IST
सार

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी एफएसएसएआई ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को कथित भ्रामक विज्ञापनों के लिए नोटिस जारी किया है। 

विज्ञापन
FSSAI notices to Nestle India Zydus Wellness over misleading claims in products
एफएसएसएआई ने भेजा नोटिस - फोटो : एआई जेनरेट इमेज

विस्तार

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नेस्ले इंडिया और जायडस वेलनेस को उनके कुछ उत्पादों के विज्ञापनों में कथित तौर पर भ्रामक दावे करने के मामले में नोटिस जारी किया है। खाद्य नियामक ने दोनों कंपनियों से अपने उत्पादों को लेकर किए गए दावों के समर्थन में वैज्ञानिक सबूत पेश करने को कहा है। साथ ही कंपनियों से पूछा गया है कि नियमों के उल्लंघन को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
विज्ञापन


एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि नेस्ले इंडिया के दो बेबी फूड प्रोडक्ट्स 'लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर' और 'नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1' के विज्ञापनों में किए गए कुछ दावे नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। इसके अलावा जायडस वेलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड को भी उसके लोकप्रिय हेल्थ ड्रिंक कॉम्प्लान के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए गए दावों को लेकर नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन


नेस्ले के लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर पर क्यों उठे सवाल?
एफएसएसएआई के मुताबिक, नेस्ले इंडिया ने अपने प्रोडक्ट लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर की पैकेजिंग और विज्ञापनों में दावा किया है कि इसमें व्हे प्रोटीन मौजूद है, जो दूध के प्रोटीन का हिस्सा है और आसानी से पच जाता है। खाद्य नियामक ने कंपनी से इस दावे का वैज्ञानिक आधार मांगा है। एफएसएसएआई ने पूछा है कि व्हे प्रोटीन के आसानी से पचने के दावे को साबित करने के लिए कंपनी के पास क्या वैज्ञानिक सबूत हैं? नेस्ले इंडिया को तय समय सीमा के भीतर इस दावे से जुड़े जरूरी दस्तावेज और वैज्ञानिक प्रमाण जमा करने का निर्देश दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 के इम्युनिटी बढ़ाने वाले दावे पर भी सवाल
एफएसएसएआई ने नेस्ले के एक अन्य उत्पाद 'नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1' की पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए गए दावों पर भी सवाल उठाए हैं। इस प्रोडक्ट को लेकर कंपनी ने दावा किया है कि इसमें मौजूद '5 HMOs' सामान्य इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने में मदद करते हैं। खाद्य नियामक का कहना है कि इस दावे से यह संदेश जाता है कि ये प्रोडक्ट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने के लिए उपयोगी है।

एफएसएसएआई ने कहा कि यह दावा उन नियमों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिनके तहत किसी खाद्य उत्पाद के बारे में बीमारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या शरीर की किसी विशेष स्थिति की रोकथाम, राहत, इलाज या ठीक करने से जुड़े दावे करने पर प्रतिबंध है। ऐसे दावे तभी किए जा सकते हैं, जब संबंधित नियमों में इसकी विशेष अनुमति दी गई हो। नियामक ने नेस्ले इंडिया को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए।

नेस्ले इंडिया ने नोटिस पर क्या कहा?
वहीं एफएसएसएआई के नोटिस पर नेस्ले इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा है कि एफएसएसएआई के हालिया नोटिस में जो पॉइंट उठाए गए हैं, वो 18 सितंबर की पोस्ट में भी उठाए गए थे। हम इस बारे में पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुके हैं। 

कॉम्प्लान के दोगुनी तेजी से ग्रोथ वाले दावे पर सवाल
एफएसएसएआई ने जायडस वेलनेस के हेल्थ ड्रिंक कॉम्प्लान के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर भी आपत्ति जताई है। नियामक के मुताबिक, कॉम्प्लान की पैकेजिंग पर दो बच्चों की तस्वीरें दिखाई गई हैं। इसके साथ ही प्रोडक्ट को लेकर कई दावे किए गए हैं। इनमें दोगुनी तेजी से शारीरिक विकास, ध्यान लगाने और याददाश्त में मदद करने और इम्युनिटी सपोर्ट के साथ 34 जरूरी पोषक तत्व होने जैसे दावे शामिल हैं। एफएसएसएआई ने इन दावों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विज्ञापन और दावे) विनियम, 2018 का उल्लंघन पाया है।

कंपनियों को वैज्ञानिक प्रमाण देने होंगे
एफएसएसएआई ने दोनों कंपनियों से उनके प्रोडक्ट्स के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए गए दावों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे हैं। नियामक ने साफ किया है कि कंपनियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

फिलहाल दोनों कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि प्रोडक्ट्स को असुरक्षित घोषित कर दिया गया है। मामला मुख्य रूप से विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए गए दावों की सत्यता तथा नियमों के पालन से जुड़ा है।

इंस्टाग्राम पर बेबी मिल्क प्रोडक्ट्स का अवैध प्रचार, नेस्ले और एबॉट समेत पांच को नोटिस
 भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने इंस्टाग्राम पर शिशुओं के लिए दूध के विकल्प का कथित तौर पर अवैध विज्ञापन और प्रचार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य नियामक ने नेस्ले इंडिया, एबॉट हेल्थकेयर और तीन अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है। यह मामला एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की इंस्टाग्राम रील से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच फॉर्मूला मिल्क प्रोडक्ट्स को सबसे बेहतर विकल्पों के तौर पर दिखाया गया था।

एफएसएसएआई ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बताया कि नेस्ले इंडिया और एबॉट हेल्थकेयर के अलावा न्यूट्रिशिया इंटरनेशनल, मीड जॉनसन न्यूट्रिशन (इंडिया) और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इरा फातिमा को भी नोटिस जारी किया गया है।


इंस्टाग्राम रील में बताए गए थे पांच बेहतरीन बेबी मिल्क प्रोडक्ट्स
एफएसएसएआई के मुताबिक, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इरा फातिमा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक रील पोस्ट की थी। इसमें शिशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच फॉर्मूला मिल्क प्रोडक्ट्स की 'टॉप 5' लिस्ट दिखाई गई थी। खाद्य नियामक ने इन दावों और प्रोडक्ट्स के प्रचार के तरीके पर आपत्ति जताई है।

इस लिस्ट में शामिल प्रोडक्ट्स हैं-
  • नैन-प्रो 1 (Nan-Pro 1)
  • एप्टामिल प्रीमियम 1 (Aptamil Premium 1)
  • सिमिलैक एडवांस 1 (Similac Advance 1)
  • एनफामिल ए+ स्टेज 1 (Enfamil A+ Stage 1)
  • डेक्सोलैक 1 (Dexolac 1)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed