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चुनाव आयोग की सफाई: शाम 4 बजे तक किसी दल ने नहीं मांगा था मिलने का समय; 240 सांसदों के प्रस्ताव पर क्या कहा?
Tue, 06 Oct 2026 09:20 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 06 Oct 2026 09:20 PM IST
सार
चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के नेतृत्व में 240 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के प्रस्ताव पर सफाई दी है। ECI ने कहा कि 4 बजे तक किसी दल ने औपचारिक समय नहीं मांगा था और संसद भवन एनेक्सी में बैठक का प्रस्ताव तय प्रोटोकॉल से अलग था।
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चुनाव आयोग (फाइल)
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
भारत निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को सांसदों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट किया। आयोग ने कहा कि दिन में कुछ राजनीतिक दलों के आयोग की ओर मार्च के दौरान मीडिया रिपोर्टों से उसे पता चला कि कुछ सांसद अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं। आयोग के मुताबिक, शाम 4 बजे तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए समय नहीं मांगा था।
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4 बजे दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी
आयोग ने बताया कि इसके बाद शाम करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से उसे जानकारी मिली। पुलिस ने बताया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलना चाहता है और ज्ञापन सौंपना चाहता है। इसके बाद आयोग ने सांसदों के इस प्रस्ताव पर विचार शुरू किया।
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2025 में तय की गई थी बैठक की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने बताया कि उसने वर्ष 2025 में राजनीतिक दलों के साथ बैठक के लिए एक प्रक्रिया तय की थी। इस प्रक्रिया की जानकारी सभी राजनीतिक दलों को दी गई है और दल इसी के तहत आयोग से मुलाकात करते हैं। आयोग के अनुसार, जब किसी राजनीतिक दल का प्रतिनिधिमंडल या कई दलों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिलना चाहता है तो उसे अपने विधिवत अधिकृत प्रतिनिधि के जरिए बैठक के लिए समय मांगना होता है। इसके बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से बैठक की तारीख और समय तय किया जाता है।
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240 सांसदों के साथ बैठक का प्रस्ताव, जगह थी संसद भवन एनेक्सी
ईसीआई ने कहा कि शाम 4 बजे के बाद जब वह सांसदों के मुलाकात के प्रस्ताव पर विचार कर रहा था, तभी दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने बैठक से जुड़ी जानकारी दी। आयोग के मुताबिक, बताया गया कि बैठक में 240 सांसदों का समूह शामिल होना चाहता है और इसके लिए संसद भवन एनेक्सी को प्रस्तावित स्थल बनाया गया था। आयोग ने इस अनुरोध को अपने निर्धारित प्रोटोकॉल के मुताबिक असामान्य बताया। आयोग ने कहा कि ऐसी मुलाकातें उसके प्रोटोकॉल के अनुसार भारत निर्वाचन आयोग के परिसर में होती हैं।
सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए अधिकारी भेजने का प्रस्ताव
चुनाव आयोग ने कहा कि उसने सांसदों का ज्ञापन लेने के लिए अपने सबसे वरिष्ठ कार्यरत अधिकारी को बैठक स्थल पर भेजने का प्रस्ताव दिया था। आयोग के मुताबिक, ऐसा कदम अपने आप में एक अभूतपूर्व व्यवस्था होती। हालांकि, सांसदों की ओर से इस प्रस्ताव को भी स्वीकार नहीं किया गया।
'कोई भी दल कभी भी बैठक का अनुरोध कर सकता है'
चुनाव आयोग ने कहा कि वह देश की संसदीय और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के साथ-साथ अपने प्रोटोकॉल और परंपराओं का भी सम्मान करता है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक दल किसी भी समय चुनाव आयोग से मुलाकात का अनुरोध कर सकता है। इसके बाद आयोग अपनी सुविधा के अनुसार बैठक की तारीख और समय तय कर सकता है। ECI ने इसे बैठक के लिए अपनाई जाने वाली सामान्य प्रक्रिया बताया है।