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दिल्ली से गुवाहाटी आठ घंटे का सफर: सीएम हिमंत ने एक्स पर जनता को दी खुशखबरी, पीएम मोदी के लिए कही ये बात
Sun, 01 Nov 2026 11:02 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:02 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को गुवाहाटी तक विस्तार देने की मंजूरी दी है। इससे दिल्ली और गुवाहाटी के बीच सफर 20 घंटे से घटकर करीब 8 घंटे हो सकता है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले के लिए पीएम मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया।
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अब पूर्वोत्तर तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर' को मंजूरी दे दी है, जो दिल्ली को सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी से जोड़ेगा। इससे दिल्ली और गुवाहाटी के बीच लगने वाला मौजूदा 20 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 8 घंटे का रह जाएगा। इस दौरान असम के मुख्यमंत्री हिंमता बिस्वा सरमा ने केंद्र सरकार को धन्यवाद कहा।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने रविवार को एक्स हेंडल पर लिखा, 'गुवाहाटी से दिल्ली आठ घंटे से भी कम समय में? जी हां। नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का गुवाहाटी तक विस्तार पूर्वी भारत के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का तहे दिल से आभार।
उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में यह कॉरिडोर सिलीगुड़ी तक ही सीमित था। जुलाई में मेरे लिखित अनुरोध और अश्विनी वैष्णव के साथ हुई मुलाकात के बाद, उन्होंने हमारे प्रस्ताव की अहमियत को समझा और इसे पूर्वोत्तर (नॉर्थ ईस्ट) तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। एक ऐसी सरकार जो लोगों की बात सुनती है और काम करके दिखाती है, वह कुछ ऐसी ही होती है।'
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केंद्र सरकार को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री आगे कहते हैं, 'जैसे-जैसे असम हाई-टेक उद्योगों की एक नई लहर के लिए तैयार हो रहा है, दिल्ली और दो अन्य राज्यों की राजधानियों के साथ तेज और किफायती कनेक्टिविटी (जैसे कि हवाई यात्रा जैसी सुविधा) मिलने से व्यापार और रोजगार के अपार अवसर खुलेंगे। कभी असम में बुलेट ट्रेन का आना इतना असंभव लगता था कि लोगों ने इसकी मांग करना भी नहीं सोचा था। आज, जिस चीज के बारे में सोचने की हिम्मत भी नहीं होती थी, वह हकीकत बन रही है।' इसके बाद उन्होंने कहा कि इसीलिए, मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
अश्विनी वैष्णव ने क्या एलान किया था?
यह बयान अश्विनी वैष्णव के शनिवार के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के 'उत्तरी कॉरिडोर' को मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा और वाराणसी और पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा।
उन्होंने कहा, 'आने वाले वर्षों में जब यह उत्तरी कॉरिडोर पूरा हो जाएगा, तो आप दिल्ली से आगरा की यात्रा मात्र 59 मिनट में, दिल्ली से कानपुर की एक घंटे 45 मिनट में, दिल्ली से लखनऊ की दो घंटे 12 मिनट में, दिल्ली से वाराणसी की तीन घंटे 33 मिनट में और प्रयागराज की तीन घंटे 33 मिनट में कर सकेंगे। कई लोग - विशेषकर विपक्ष के लोग - बार-बार यह गलत धारणा फैलाएंगे कि यह बुलेट ट्रेन केवल अमीरों के लिए है... किराया बहुत किफायती होगा और हवाई टिकट से भी काफी कम होगा।'
भारत की बुलेट ट्रेन को लेकर अपडेट क्या है?
'नॉर्दर्न कॉरिडोर' (उत्तरी कॉरिडोर) की यह घोषणा, पूरे देश में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। 3 फरवरी, 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में 'प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो' (PIB) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में, रेल मंत्रालय ने कई प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल मार्गों की रूपरेखा दी, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इस आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा का समय लगभग 3 घंटे 50 मिनट, और वाराणसी तथा सिलीगुड़ी के बीच लगभग 2 घंटे 55 मिनट रहने का अनुमान है।
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने रविवार को एक्स हेंडल पर लिखा, 'गुवाहाटी से दिल्ली आठ घंटे से भी कम समय में? जी हां। नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का गुवाहाटी तक विस्तार पूर्वी भारत के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का तहे दिल से आभार।
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उन्होंने आगे कहा, 'शुरुआत में यह कॉरिडोर सिलीगुड़ी तक ही सीमित था। जुलाई में मेरे लिखित अनुरोध और अश्विनी वैष्णव के साथ हुई मुलाकात के बाद, उन्होंने हमारे प्रस्ताव की अहमियत को समझा और इसे पूर्वोत्तर (नॉर्थ ईस्ट) तक बढ़ाने की मंजूरी दे दी। एक ऐसी सरकार जो लोगों की बात सुनती है और काम करके दिखाती है, वह कुछ ऐसी ही होती है।'
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केंद्र सरकार को लेकर क्या कहा?
मुख्यमंत्री आगे कहते हैं, 'जैसे-जैसे असम हाई-टेक उद्योगों की एक नई लहर के लिए तैयार हो रहा है, दिल्ली और दो अन्य राज्यों की राजधानियों के साथ तेज और किफायती कनेक्टिविटी (जैसे कि हवाई यात्रा जैसी सुविधा) मिलने से व्यापार और रोजगार के अपार अवसर खुलेंगे। कभी असम में बुलेट ट्रेन का आना इतना असंभव लगता था कि लोगों ने इसकी मांग करना भी नहीं सोचा था। आज, जिस चीज के बारे में सोचने की हिम्मत भी नहीं होती थी, वह हकीकत बन रही है।' इसके बाद उन्होंने कहा कि इसीलिए, मोदी कहीं नहीं जाएंगे।
अश्विनी वैष्णव ने क्या एलान किया था?
यह बयान अश्विनी वैष्णव के शनिवार के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के 'उत्तरी कॉरिडोर' को मंजूरी दे दी है। यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा और वाराणसी और पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा।
उन्होंने कहा, 'आने वाले वर्षों में जब यह उत्तरी कॉरिडोर पूरा हो जाएगा, तो आप दिल्ली से आगरा की यात्रा मात्र 59 मिनट में, दिल्ली से कानपुर की एक घंटे 45 मिनट में, दिल्ली से लखनऊ की दो घंटे 12 मिनट में, दिल्ली से वाराणसी की तीन घंटे 33 मिनट में और प्रयागराज की तीन घंटे 33 मिनट में कर सकेंगे। कई लोग - विशेषकर विपक्ष के लोग - बार-बार यह गलत धारणा फैलाएंगे कि यह बुलेट ट्रेन केवल अमीरों के लिए है... किराया बहुत किफायती होगा और हवाई टिकट से भी काफी कम होगा।'
भारत की बुलेट ट्रेन को लेकर अपडेट क्या है?
'नॉर्दर्न कॉरिडोर' (उत्तरी कॉरिडोर) की यह घोषणा, पूरे देश में हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। 3 फरवरी, 2026 को केंद्रीय बजट 2026-27 के संबंध में 'प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो' (PIB) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में, रेल मंत्रालय ने कई प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल मार्गों की रूपरेखा दी, जिनमें दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। इस आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, दिल्ली और वाराणसी के बीच यात्रा का समय लगभग 3 घंटे 50 मिनट, और वाराणसी तथा सिलीगुड़ी के बीच लगभग 2 घंटे 55 मिनट रहने का अनुमान है।