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धारापुरम उपचुनाव: स्टालिन के बयान पर बवाल, चुनाव आयोग पहुंची टीवीके; सीएम विजय का पलटवार, पढ़ें पूरा विवाद
Sat, 03 Oct 2026 06:36 PM IST
प्रशांत तिवारी
एएनआई, चेन्नई
एएनआई, चेन्नई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 03 Oct 2026 06:36 PM IST
सार
धारापुरम उपचुनाव से पहले टीवीके उम्मीदवार पी. सत्याबामा पर स्टालिन की कथित टिप्पणियों को लेकर विवाद बढ़ गया है। सीएम विजय ने स्टालिन पर बॉडी शेमिंग और महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए निशाना साधा, जबकि सत्याबामा ने इसे अमर्यादित बताते हुए चुनाव आयोग में शिकायत की कार्रवाई का समर्थन किया है।
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टीवीके प्रत्याशी पी. सत्यबामा के साथ सीएम विजय
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
तमिलनाडु के धारापुरम विधानसभा उपचुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ गया है। टीवीके प्रत्याशी पी. सत्यबामा को लेकर डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की कथित टिप्पणियों पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कड़ी नाराजगी जताई है। विजय ने स्टालिन पर सत्यबामा को लेकर बॉडी शेमिंग और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के नाम पर धारापुरम में बदनामी, महिला विरोधी सोच और निजी हमलों का इस्तेमाल किया गया। वहीं, सत्यबामा ने भी स्टालिन की भाषा को बेहद अनुचित और अमर्यादित बताते हुए कहा कि एक बड़े राजनीतिक आंदोलन के नेता से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं की जाती। टीवीके ने इस मामले में चुनाव आयोग से भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
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‘महिलाओं के सम्मान के खिलाफ ऐसी भाषा बर्दाश्त नहीं’
सीएम विजय ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि वह तमिलनाडु की महिलाओं के बेटे, भाई और छोटे भाई के तौर पर स्टालिन की कथित टिप्पणियों की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टालिन ने चुनावी सभा के दौरान टीवीके उम्मीदवार सत्यबामा को निशाना बनाते हुए उनके शरीर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। विजय ने कहा कि 6 अक्टूबर को धारापुरम की जनता मतदान के जरिए इसका जवाब देगी। उन्होंने डीएमके पर भी तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी की राजनीति में महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा और व्यक्तिगत हमलों को जगह दी जा रही है।
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'स्टालिन ने ‘पेट्टी बामा’ और ‘पल्टी बामा’ कहा था'
विवाद की शुरुआत शुक्रवार को धारापुरम में डीएमके की चुनावी सभा के दौरान स्टालिन के कथित बयान से हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, स्टालिन ने सत्यबामा को ‘पेट्टी बामा’ और ‘पल्टी बामा’ जैसे नामों से संबोधित किया और एआईएडीएमके छोड़कर टीवीके में शामिल होने के उनके फैसले पर सवाल उठाया। टीवीके नेताओं ने आरोप लगाया कि इन शब्दों के जरिए सत्यबामा को निशाना बनाया गया और यह टिप्पणी बॉडी शेमिंग की श्रेणी में आती है। पार्टी ने इसी मुद्दे को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया और स्टालिन के खिलाफ आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर कार्रवाई की मांग की।
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सत्यबामा बोलीं- ‘एक बड़े नेता से ऐसी भाषा की उम्मीद नहीं’
टीवीके उम्मीदवार सत्यबामा ने भी स्टालिन के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्टालिन एक वरिष्ठ नेता और बड़े राजनीतिक आंदोलन के प्रमुख हैं। ऐसे में उनके द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा बेहद अनुचित और अमर्यादित है। सत्यबामा ने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें इस तरह की टिप्पणी से काफी दुख पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से ही कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं की सोशल मीडिया पर की जा रही आपत्तिजनक और कथित तौर पर खतरनाक टिप्पणियों को लेकर चिंता है और अब इस तरह के बयान उस परेशानी को और बढ़ा रहे हैं।
‘अगर महिलाओं की सुरक्षा की बात करते हैं तो सम्मान भी जरूरी’
सत्यबामा ने कहा कि अगर कोई राजनीतिक आंदोलन महिलाओं की सुरक्षा की बात करता है, तो तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हर स्तर पर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हर परिवार में महिलाएं होती हैं और ऐसे बयानों का महिलाओं पर क्या असर पड़ता है, इस बारे में सोचने की जरूरत है। सत्यबामा ने स्टालिन के परिवार का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी मां, पत्नी, बेटी और बहू भी महिलाएं हैं और सवाल यह है कि क्या किसी ने सोचा कि महिलाएं ऐसी बातें सुनकर कैसा महसूस करेंगी।
‘नेता जैसा बोलेंगे, कार्यकर्ता भी वैसा ही सीखेंगे’
डीएमके पर निशाना साधते हुए सत्यबामा ने कहा कि अगर पार्टी का नेतृत्व ही इस तरह के मुद्दों पर विचार नहीं करेगा तो कार्यकर्ताओं से अलग व्यवहार की उम्मीद कैसे की जा सकती है। कार्यकर्ता अक्सर अपने नेताओं से सीखते हैं। ऐसे में नेतृत्व की भाषा और व्यवहार का असर नीचे तक जाता है। सत्यबामा ने सवाल उठाया कि अगर नेतृत्व के स्तर पर ही महिलाओं के सम्मान को लेकर ऐसी टिप्पणियां होंगी तो राजनीतिक संगठन में महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर भरोसा कैसे कायम होगा।
‘शिकायत होनी चाहिए, इस बयान का जवाब देना होगा’
सत्यबामा ने कहा कि स्टालिन की कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा होनी चाहिए और इस मामले में शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के मंत्री ने भी शिकायत का समर्थन किया है और पार्टी के कई नेताओं ने इस बयान पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संबंधित लोगों को अपनी बात स्पष्ट करनी होगी।
'चुनाव आयोग करे कार्रवाई'
टीवीके ने आरोप लगाया है कि चुनाव प्रचार के दौरान सत्यबामा को लेकर की गई टिप्पणी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन हो सकती है। इसी आधार पर पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय मुद्दों और नीतियों पर बहस होनी चाहिए। इस विवाद में ऊर्जा और कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार भी शामिल हो गए। उन्होंने डीएमके नेतृत्व पर महिलाओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
‘घोड़ा-व्यापार’ के आरोपों को बताया गलत
निर्मल कुमार ने उपचुनाव से पहले प्रतिद्वंद्वी दलों पर लगाए जा रहे हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने इन्हें डर की वजह से फैलाया जा रहा बेबुनियाद दुष्प्रचार बताया। इसके अलावा उन्होंने मतदाता सूची में होने वाले स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर को लेकर सरकार के विरोध की बात भी दोहराई।
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एआईएडीएमके से टीवीके तक पहुंची सत्यबामा की सियासी पारी
धारापुरम उपचुनाव की पृष्ठभूमि भी इस पूरे विवाद को राजनीतिक रूप से अहम बनाती है। यह उपचुनाव पूर्व एआईएडीएमके विधायक पी. सत्यबामा के इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद हो रहा है। अब सत्यबामा टीवीके के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। डीएमके ने एस. सुगन्या को उम्मीदवार बनाया है, जबकि एआईएडीएमके की ओर से के. भानुमति चुनाव लड़ रही हैं। धारापुरम में 6 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव से ठीक पहले नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होने से मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।