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महाराष्ट्र: 'महायुति नेताओं की गुप्त राजनीति की वजह से हारा विधान परिषद चुनाव', एनसीपी नेता का आरोप; क्या कहा?
Mon, 02 Nov 2026 08:59 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर।
पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 02 Nov 2026 08:59 PM IST
सार
एनसीपी नेता सतीश चव्हाण ने विधान परिषद चुनाव में अपनी हार के पीछे महायुति के कुछ नेताओं की 'गुप्त राजनीति' को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने महायुति के नेताओं पर क्या-क्या आरोप लगाए? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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सतीश चव्हाण
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता सतीश चव्हाण ने सोमवार को दावा किया कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में उनकी हार के पीछे सत्तारूढ़ महायुति के कुछ नेताओं की साजिश भी थी। उन्होंने कहा कि इस वजह से उन्हें कुछ हद तक हार का सामना करना पड़ा।
चव्हाण विधान परिषद के पूर्व सदस्य हैं। औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उन्हें शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटिल ने हराया। इस चुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए थे।
महायुति के नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सतीश चव्हाण ने कहा कि उन्हें उन लोगों से नाराजगी नहीं है, जिन्होंने खुले तौर पर उनके खिलाफ काम किया। लेकिन उन्होंने गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों के नेताओं के उनके खिलाफ काम करने पर चिंता जताई। चव्हाण महायुति के उम्मीदवार थे।
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ये भी पढ़ें: कैंसर का आधुनिक इलाज: राजकोट एम्स में नई रेडियोथेरेपी सुविधा का उद्घाटन; जेपी नड्डा ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, मुझे इस बात का बुरा नहीं लगता कि कुछ नेताओं ने खुले तौर पर मेरे खिलाफ काम किया। ये स्थानीय निकाय चुनाव नहीं थे। इसके बावजूद, गठबंधन के कुछ दलों के नेताओं ने विपक्ष में काम किया। महायुति के वरिष्ठ नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए और उसी के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। अगर ऐसा चलता रहा, तो मुझे 2029 के चुनावी नतीजों को लेकर चिंता है।
महायुति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं।
हार के पीछे और कौन-से कारण बताए?
उन्होंने कहा कि मेरी हार के पीछे कई कारण थे। इनमें नए मतदाताओं के बीच सत्ता विरोधी माहौल और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के आंदोलन का असर भी शामिल था।
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चव्हाण विधान परिषद के पूर्व सदस्य हैं। औरंगाबाद स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उन्हें शरद पवार गुट के प्रतापसिंह पाटिल ने हराया। इस चुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित किए गए थे।
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महायुति के नेताओं पर क्या आरोप लगाए?
छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सतीश चव्हाण ने कहा कि उन्हें उन लोगों से नाराजगी नहीं है, जिन्होंने खुले तौर पर उनके खिलाफ काम किया। लेकिन उन्होंने गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों के नेताओं के उनके खिलाफ काम करने पर चिंता जताई। चव्हाण महायुति के उम्मीदवार थे।
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उन्होंने कहा, मुझे इस बात का बुरा नहीं लगता कि कुछ नेताओं ने खुले तौर पर मेरे खिलाफ काम किया। ये स्थानीय निकाय चुनाव नहीं थे। इसके बावजूद, गठबंधन के कुछ दलों के नेताओं ने विपक्ष में काम किया। महायुति के वरिष्ठ नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए और उसी के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। अगर ऐसा चलता रहा, तो मुझे 2029 के चुनावी नतीजों को लेकर चिंता है।
महायुति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शामिल हैं।
हार के पीछे और कौन-से कारण बताए?
उन्होंने कहा कि मेरी हार के पीछे कई कारण थे। इनमें नए मतदाताओं के बीच सत्ता विरोधी माहौल और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के आंदोलन का असर भी शामिल था।