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बीएसएफ: पाकिस्तान से लगती सीमा पर बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड तैयारी, टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस का असरदार इस्तेमाल
Mon, 28 Sep 2026 04:37 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 04:37 PM IST
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बीएसएफ
- फोटो : अमर उजाला
सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' द्वारा पाकिस्तान से लगती गुजरात सीमा पर 'बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड' तैयार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत दूसरी एजेंसियां, फोर्स और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बेहतर तालमेल बैठाकर ह्यूमन रिसोर्स, टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस का असरदार इस्तेमाल करते हुए बॉर्डर पर पकड़ मजबूत की जाएगी। वेस्टर्न फ्रंटियर के दौरे पर पहुंचे डीजी बीएसएफ प्रवीण कुमार ने कहा, सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क को तोड़ने और उसे खत्म करने के लिए बीएसएफ जवानों द्वारा लगातार और समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। इनके सार्थक नतीजे मिल रहे हैं।
डीजी बीएसएफ प्रवीण कुमार, ने गांधीनगर, गुजरात में फ्रंटियर हेडक्वार्टर में बीएसएफ के सीनियर अधिकारियों के साथ एक कॉन्फ्रेंस में वेस्टर्न फ्रंटियर पर बॉर्डर सिक्योरिटी, ऑपरेशनल तैयारी और बॉर्डर मैनेजमेंट का जायजा लिया। कॉन्फ्रेंस में मजबूत बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड बनाने और केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों को लागू करने, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर, घुसपैठ रोकने के उपायों, सीमा पार तस्करी और सुरक्षा से जुड़ी अन्य नई चुनौतियों पर चर्चा की गई। डीजी बीएसएफ ने दूसरी एजेंसियों, फोर्स और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया है। इसके लिए ह्यूमन रिसोर्स, टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
बता दें कि जुलाई में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 में शाह ने कहा था कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है। आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे। सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है। सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है।
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गृह मंत्री शाह ने कहा था, सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है, जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है। मोदी सरकार आइसोलेटेड सीमा चौकी की व्यवस्था से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया।
रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है।
स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी। मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है।
डीजी बीएसएफ ने 2029 तक 'नशा मुक्त भारत' के सरकार के विजन को दोहराते हुए सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क को तोड़ने और खत्म करने के लिए लगातार और समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने ओखा में नेशनल एकेडमी ऑफ़ कोस्टल पुलिसिंग (एनएसीपी) का भी दौरा किया। ट्रेनिंग प्रोग्राम की प्रगति, आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और ट्रेनर व स्टाफ़ की उपलब्धता का जायज़ा लिया। उन्होंने कैंपस में पौधारोपण अभियान में हिस्सा लिया और ओखा में जवानों और स्टाफ के साथ लंच किया।
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डीजी बीएसएफ प्रवीण कुमार, ने गांधीनगर, गुजरात में फ्रंटियर हेडक्वार्टर में बीएसएफ के सीनियर अधिकारियों के साथ एक कॉन्फ्रेंस में वेस्टर्न फ्रंटियर पर बॉर्डर सिक्योरिटी, ऑपरेशनल तैयारी और बॉर्डर मैनेजमेंट का जायजा लिया। कॉन्फ्रेंस में मजबूत बॉर्डर सिक्योरिटी ग्रिड बनाने और केंद्रीय गृह मंत्रालय के हालिया निर्देशों को लागू करने, बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर, घुसपैठ रोकने के उपायों, सीमा पार तस्करी और सुरक्षा से जुड़ी अन्य नई चुनौतियों पर चर्चा की गई। डीजी बीएसएफ ने दूसरी एजेंसियों, फोर्स और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया है। इसके लिए ह्यूमन रिसोर्स, टेक्नोलॉजी और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा।
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बता दें कि जुलाई में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन-2026 में शाह ने कहा था कि इस सम्मेलन से समग्र सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण को संस्थागत रूप मिला है। आने वाले समय में तटीय सीमा सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में भी हम समग्रता से आगे बढ़ेंगे। सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है। सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है।
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गृह मंत्री शाह ने कहा था, सीमा सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए मोदी सरकार ने चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण किया है, जिससे हमने अपनी अप्रोच को रिएक्टिव से प्रोएक्टिव में बदला है। मोदी सरकार आइसोलेटेड सीमा चौकी की व्यवस्था से एकीकृत सुरक्षा ग्रिड का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। गृह मंत्री ने सीमांत क्षेत्रों में असामान्य कारणों से जनसांख्यिकी में हो रहे बदलाव की सूचना जल्द से जल्द नीचे से उच्चतम स्तर तक पहुंचाने के महत्व पर बल दिया।
रूथलैस अप्रोच के साथ जनसांख्यिकी में असामान्य कारणों से हो रही वृद्धि को रोकना मोदी सरकार का संकल्प है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में हो रहे जनसंख्यिकी परिवर्तन का मूल कारण घुसपैठ है।
स्मार्ट बॉर्डर की कल्पना पर आधारित भारत की बॉर्डर सुरक्षा व्यवस्था आने वाले समय में विश्व में सबसे आधुनिक होगी। मोदी सरकार, संबद्ध सीमा रक्षक बल, राज्य एवं ज़िला प्रशासन, भारत सरकार के संबंधित हितधारक तथा स्थानीय नागरिकों के परस्पर जुड़ाव के साथ एक मजबूत चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड का निर्माण कर रही है।
डीजी बीएसएफ ने 2029 तक 'नशा मुक्त भारत' के सरकार के विजन को दोहराते हुए सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क को तोड़ने और खत्म करने के लिए लगातार और समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने ओखा में नेशनल एकेडमी ऑफ़ कोस्टल पुलिसिंग (एनएसीपी) का भी दौरा किया। ट्रेनिंग प्रोग्राम की प्रगति, आने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और ट्रेनर व स्टाफ़ की उपलब्धता का जायज़ा लिया। उन्होंने कैंपस में पौधारोपण अभियान में हिस्सा लिया और ओखा में जवानों और स्टाफ के साथ लंच किया।