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एनआईटी हमीरपुर में शिक्षा महाकुंभ: राज्यपाल गुलाब कटारिया बोले- शिक्षा के साथ संस्कारों का भी होना बेहद जरूरी

Fri, 09 Oct 2026 09:01 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 09 Oct 2026 09:01 PM IST
सार

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने सबका स्वागत किया। कटारिया ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा सदियों से उसकी पहचान और शक्ति का आधार रही है। 

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Shiksha Mahakumbh NIT Hamirpur; Gulab Kataria says instilling values alongside education is crucial.
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया। - फोटो : संवाद

विस्तार

एनआईटी हमीरपुर में शुक्रवार को तीन दिवसीय शिक्षा महाकुंभ 6.0 का शुभारंभ हुआ। पहले दिन का केंद्रीय विषय आध्यात्मिक भारत–विकसित भारत रहा। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मुख्य अतिथि के रूप में इसका उद्घाटन किया। एनआईटी हमीरपुर के निदेशक प्रो. एचएम सूर्यवंशी ने सबका स्वागत किया। कटारिया ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा सदियों से उसकी पहचान और शक्ति का आधार रही है। शिक्षा के साथ संस्कारों का होना बेहद जरूरी है। संस्कारविहीन शिक्षा का कोई औचित्य नहीं है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जो बच्चों की प्रतिभा पहचानने के साथ उनमें अच्छे संस्कार भी विकसित करे। शिक्षक विद्यार्थियों में छिपी विशेषताओं और प्रतिभा को पहचानकर उन्हें निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। राज्यपाल ने नशे की समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस विषय पर चर्चा के लिए उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के राज्यपालों की बैठक बुलाने का प्रयास किया जा रहा है। अगले महीने बैठक की तारीख तय करने की योजना है। उन्होंने कहा कि सभी राज्य आपसी सहयोग से इस समस्या का समाधान तलाश सकते हैं।

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विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े विषयों पर मंथन
वाइस चांसलर एवं डायरेक्टर कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों से लगभग 45 कुलपति एवं निदेशकों ने सहभागिता की और उच्च शिक्षा के समकालीन विषयों, संस्थागत विकास तथा शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। साइंटिस्ट कॉन्क्लेव में लगभग 40 वैज्ञानिकों एवं शोध विशेषज्ञों ने सहभागिता करते हुए विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन मंथन किया। प्रथम दिवस में लगभग 38 स्टार्टअप्स ने इसमें सहभागिता की। इस दौरान एनआईटी हमीरपुर के साथ विभिन्न संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए। लगभग 11 निवेशकों ने सहभागिता की। इस अवसर पर विद्या भारती के सचिव देशराज शर्मा, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता बनवीर उपस्थित रहे।

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पेपर लीक और नकल के कारण युवा वर्ग निराश
कटारिया ने बताया कि युवा वर्ग की निराशा का एक बड़ा कारण पेपर लीक और नकल जैसी अनियमितताएं हैं। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की जरूरत है। पहले डिग्रियां बिकने की बातें सामने आती थीं, जबकि आज पेपर लीक और पेपर बिकने जैसी घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। परीक्षा प्रणाली में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहे हैं।

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