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हिमाचल प्रदेश: अनुबंध सेवाकाल का लाभ देने की तैयारी, विभागों से मांगा कर्मचारियों का रिकॉर्ड

Tue, 03 Nov 2026 06:24 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 03 Nov 2026 06:24 PM IST
सार

कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 के निरस्त होने और सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद सरकार ने सभी विभागों से संबंधित कर्मचारियों का विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया है।

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Deliberations begin on granting seniority and financial benefits to contractual employees following the dismis
हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अनुबंध सेवाकाल के बाद नियमित हुए कर्मचारियों को पुराने सेवाकाल के लाभ देने की प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। कर्मचारी भर्ती एवं सेवा शर्तें अधिनियम 2024 के निरस्त होने और सुप्रीम कोर्ट से पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद सरकार ने सभी विभागों से संबंधित कर्मचारियों का विस्तृत रिकॉर्ड तलब किया है। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में इस पर चर्चा हुई। बैठक में प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार और प्रधान सचिव कार्मिक एम. सुधा देवी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने विभागों को निर्देश दिए कि अनुबंध से नियमित हुए कर्मचारियों का पूरा सेवा रिकॉर्ड शीघ्र तैयार कर उपलब्ध कराया जाए, ताकि पात्रता और वित्तीय देनदारी का स्पष्ट आकलन हो सके।

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हाईकोर्ट ने कानून को असांविधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था
अनुबंध सेवाकाल को वरिष्ठता, वेतन वृद्धि और पेंशन लाभों के लिए जोड़ने की मांग पर हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2026 को सरकार के 2024 के कानून को असांविधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई को सरकार की एसएलपी और बाद में पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में 28 नवंबर तक अंतिम निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

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2003 से शुरू हुई थी अनुबंध भर्ती की व्यवस्था
प्रदेश में वर्ष 2003 के बाद सरकारी विभागों में अनुबंध आधार पर भर्तियां शुरू की गई थीं। शुरुआती दौर में कर्मचारियों को नियमित होने के लिए आठ वर्ष तक इंतजार करना पड़ता था। बाद में विभिन्न सरकारों ने इस नीति में क्रमिक बदलाव किए, जिससे यह अवधि घटकर अंततः दो वर्ष रह गई।

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कर्मचारियों की तीन श्रेणियां बनाने के निर्देश
राज्य सरकार ने नियुक्ति के आधार पर कर्मचारियों को तीन श्रेणियों में बांटकर रिकॉर्ड जुटाने के निर्देश दिए हैं। पहली श्रेणी में राज्य चयन आयोग व लोक सेवा आयोग से नियुक्त कर्मचारी होंगे। दूसरी श्रेणी में साक्षात्कार व बैचवाइज आधार पर भर्ती कर्मचारी रखे जाएंगे। तीसरी श्रेणी में पहले अस्थायी रूप से भर्ती होकर बाद में अनुबंध पर आए कर्मचारी शामिल होंगे। विभागों को नियुक्ति की तारीख, भर्ती माध्यम, अनुबंध अवधि और नियमितीकरण की तारीख का पूरा ब्योरा देना होगा।

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