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सोलर प्लांट में घुसकर ठेकेदार की हत्या : तीन दिन पहले प्लांट में चली थी गोली, लेनदेन के विवाद ने डाली दोस्ती में दरार
Tue, 06 Oct 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:29 PM IST
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नागरिक अस्पताल में परिजनों से जानकारी जुटाते पुलिसकर्मी।
सिरसा। गांव जमाल में हैक्सा सन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के सोलर प्लांट में ठेकेदार सुभाषचंद्र को मारने की नीयत से तीन अक्तूबर को गोली चलाई गई थी। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई।
परिजनों ने साझेदारी में लेन-देन के विवाद में सुभाष के दोस्तों पर गोली चलाने का शक जताया। पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचती इससे पहले ही मंगलवार को सुभाष की सरेआम हत्या कर दी गई। वारदात के बाद हमलावर राजस्थान सीमा की ओर भाग गए।
सुभाषचंद्र कभी चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में अनुबंधित कर्मचारी के तौर पर काम करता था। धीरे-धीरे उसका राजनीतिक रसूख बढ़ा और उसने तीन दोस्तों के साथ सोलर प्लांट के रखरखाव का ठेका ले लिया। पिछले करीब 12 साल में वह बड़ा ठेकेदार बन गया। दोस्तों ने इस कामयाबी में उसका पूरा साथ दिया।
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सूत्रों के अनुसार एक साल पहले दोस्ती में दरार पड़ने लगी। साझेदारी में लाभ के वितरण और लेन-देन को लेकर तीनों में विवाद बढ़ गया। परिजन भी इसी विवाद को हत्या का कारण मान रहे हैं। बहादुर सिंह ने बताया कि उनके बेटे सुभाषचंद्र ने अपने दोस्तों के साथ 25-25 प्रतिशत की साझेदारी के करार के तहत सोलर प्लांट के रखरखाव का ठेका लिया था।
विवाद होने पर रंजिश के चलते दोस्तों ने रेकी कर तीन दिन पहले सुभाषचंद्र को मारने की नीयत से सोलर प्लांट में गोली चलाई। इस वारदात में राजस्थान का युवक भी शामिल था। प्लांट मैनेजर की ओर से जमाल चौकी में एक नामजद सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। सुभाषचंद्र को इस वारदात के बाद फिर से हमला होने का डर सता रहा था।
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परिजनों ने साझेदारी में लेन-देन के विवाद में सुभाष के दोस्तों पर गोली चलाने का शक जताया। पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचती इससे पहले ही मंगलवार को सुभाष की सरेआम हत्या कर दी गई। वारदात के बाद हमलावर राजस्थान सीमा की ओर भाग गए।
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सुभाषचंद्र कभी चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में अनुबंधित कर्मचारी के तौर पर काम करता था। धीरे-धीरे उसका राजनीतिक रसूख बढ़ा और उसने तीन दोस्तों के साथ सोलर प्लांट के रखरखाव का ठेका ले लिया। पिछले करीब 12 साल में वह बड़ा ठेकेदार बन गया। दोस्तों ने इस कामयाबी में उसका पूरा साथ दिया।
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सूत्रों के अनुसार एक साल पहले दोस्ती में दरार पड़ने लगी। साझेदारी में लाभ के वितरण और लेन-देन को लेकर तीनों में विवाद बढ़ गया। परिजन भी इसी विवाद को हत्या का कारण मान रहे हैं। बहादुर सिंह ने बताया कि उनके बेटे सुभाषचंद्र ने अपने दोस्तों के साथ 25-25 प्रतिशत की साझेदारी के करार के तहत सोलर प्लांट के रखरखाव का ठेका लिया था।
विवाद होने पर रंजिश के चलते दोस्तों ने रेकी कर तीन दिन पहले सुभाषचंद्र को मारने की नीयत से सोलर प्लांट में गोली चलाई। इस वारदात में राजस्थान का युवक भी शामिल था। प्लांट मैनेजर की ओर से जमाल चौकी में एक नामजद सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी। सुभाषचंद्र को इस वारदात के बाद फिर से हमला होने का डर सता रहा था।