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Panipat News: मुख्य फिजिशियन के सहायक का एक माह का वेतन काटने के निर्देश
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एमसीएच विंग में ओपीडी काउंटर का निरीक्षण करती टीम। संवाद
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की विशेष सार्थक टीम ने शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन जिला नागरिक अस्पताल में औचक निरीक्षण किया। उप-निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव की अगुवाई में 20 सदस्यीय टीम ने ओपीडी, इमरजेंसी, आईसीयू और एमसीएच विंग की कार्यप्रणाली की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए जिम्मेदारों कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की।
निरीक्षण में फार्मेसी काउंटर और मुख्य फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों और खासकर बुजुर्गों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा था और उनके लिए अलग से कतार की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए टीम ने मुख्य फिजिशियन के सहायक को फटकार लगाई और अनुशासनहीनता के कारण उनका एक महीने का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आभा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आईडी) बनाने जैसी महत्वपूर्ण और तकनीकी ड्यूटी स्टाफ नर्सों की बजाय इंटर्न से कराई जा रही थी। टीम ने इस पर आपत्ति जताते हुए स्टाफ नर्सों को चेतावनी दी और अपनी ड्यूटियां पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी से निभाएं।
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और आईसीयू का जायजा लेने पर पता चला कि रात के समय मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने के मामले काफी अधिक हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए टीम ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद मरीजों को रेफर करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को ऑन-कॉल बुलाकर मौके पर ही समुचित उपचार दिया जाना चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, एमसीएच विंग में टीकाकरण कक्ष और लैब के रिकॉर्ड तथा वैक्सीन की लगभग दो घंटे तक बारीकी से जांच की गई। टीम ने समालखा सामान्य अस्पताल का भी दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। संवाद
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वर्जन
टीम द्वारा मिली कमियाें और खामियाें को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जा रहा है। अस्पताल के सभी कर्मचारियों और चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी ड्यूटी के समय मुस्तैद रहें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करें।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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निरीक्षण में फार्मेसी काउंटर और मुख्य फिजिशियन कक्ष के बाहर मरीजों और खासकर बुजुर्गों को घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा था और उनके लिए अलग से कतार की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए टीम ने मुख्य फिजिशियन के सहायक को फटकार लगाई और अनुशासनहीनता के कारण उनका एक महीने का वेतन काटने के निर्देश दिए। इसके अलावा, आभा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य खाता (आईडी) बनाने जैसी महत्वपूर्ण और तकनीकी ड्यूटी स्टाफ नर्सों की बजाय इंटर्न से कराई जा रही थी। टीम ने इस पर आपत्ति जताते हुए स्टाफ नर्सों को चेतावनी दी और अपनी ड्यूटियां पूरी निष्ठा व जिम्मेदारी से निभाएं।
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अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड और आईसीयू का जायजा लेने पर पता चला कि रात के समय मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर किए जाने के मामले काफी अधिक हैं। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए टीम ने स्पष्ट किया कि चिकित्सक अस्पताल में मौजूद होने के बावजूद मरीजों को रेफर करना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को ऑन-कॉल बुलाकर मौके पर ही समुचित उपचार दिया जाना चाहिए, ताकि गंभीर मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं, एमसीएच विंग में टीकाकरण कक्ष और लैब के रिकॉर्ड तथा वैक्सीन की लगभग दो घंटे तक बारीकी से जांच की गई। टीम ने समालखा सामान्य अस्पताल का भी दौरा कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। संवाद
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टीम द्वारा मिली कमियाें और खामियाें को तत्काल प्रभाव से दुरुस्त कराया जा रहा है। अस्पताल के सभी कर्मचारियों और चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी ड्यूटी के समय मुस्तैद रहें और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करें।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।